March 6, 2026

बस्तर के कोंडासावली पंचायत की विकास बनाम सच्चाई; एंबुलेंस नहीं मिली तो पांच किलोमीटर खाट पर ढोया गया मरीज, स्वास्थ्य विभाग और प्रशासन पर उठे सवाल

0
cg-55-2026-01-10-00-29-00

छत्तीसगढ़ – बस्तर के कोंटा इलाके में एंबुलेंस सेवा की कमी ने एक परिवार को ऐसी मजबूरी में डाल दिया, जिसने विकास और स्वास्थ्य सेवाओं पर बड़े सवाल खड़े कर दिए हैं। कोंडासावली पंचायत में जहर का सेवन करने से गंभीर रूप से बीमार एक ग्रामीण को समय पर एंबुलेंस नहीं मिल सकी, जिसके चलते परिजन मरीज को खाट पर लादकर अस्पताल की ओर निकल पड़े।

जानकारी के मुताबिक कोंडासावली पंचायत में पक्की सड़क की सुविधा मौजूद है। इसके साथ ही गांव में उपस्वास्थ्य केंद्र भी संचालित है। इसके बावजूद जब आपात स्थिति बनी और मरीज की हालत बिगड़ने लगी, तब स्वास्थ्य विभाग की ओर से कोई एंबुलेंस उपलब्ध नहीं कराई जा सकी। परिजन लगातार मदद की गुहार लगाते रहे, लेकिन उन्हें निराशा ही हाथ लगी।

एम्बुलेंस नहीं मिलने पर परिजन मजबूरी में मरीज को खाट पर लादकर सड़क के सहारे पैदल ही अस्पताल की ओर निकल पड़े। करीब 5 किलोमीटर तक मरीज को खाट पर ढोया गया। इस दौरान हर कदम पर मरीज की जान को खतरा बना रहा। बाद में कहीं जाकर एंबुलेंस की व्यवस्था हो सकी, तब जाकर मरीज को जिला अस्पताल की ओर रवाना किया गया।

यह पूरा दृश्य बताता है कि सरकारी फाइलों में भले ही स्वास्थ्य सेवाएं मजबूत दिखाई जाती हों, लेकिन हकीकत इससे बिल्कुल अलग है। एंबुलेंस सेवा जैसी बुनियादी सुविधा का समय पर न मिलना यह साबित करता है कि योजनाओं और उनके क्रियान्वयन के बीच बड़ी खाई मौजूद है। स्थानीय लोग सवाल उठा रहे हैं कि जब मरीज को खाट पर ढोना पड़े, तो विकास के दावे आखिर किस काम के?

बस्तर में सड़क, स्वास्थ्य केंद्र और योजनाओं को लेकर बड़े-बड़े दावे किए जाते रहे हैं, लेकिन कोंटा की यह घटना बताती है कि जमीनी स्तर पर अब भी हालात नहीं बदले हैं। आदिवासी और ग्रामीण इलाकों में आपात स्वास्थ्य सेवाएं आज भी भरोसेमंद नहीं बन पाई हैं। लोगों का कहना है कि अगर समय रहते एंबुलेंस मिल जाती, तो मरीज को इस अमानवीय हालात का सामना नहीं करना पड़ता।

इस घटना के बाद स्वास्थ्य विभाग और स्थानीय प्रशासन की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े हो रहे हैं। जरूरत इस बात की है कि ऐसे दूरस्थ इलाकों में एंबुलेंस की उपलब्धता सुनिश्चित की जाए, ताकि किसी की जान व्यवस्था की कमी के कारण जोखिम में न पड़े।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

You may have missed