रसोई गैस सिलेंडर फिर महंगा, मोदी निर्मित महंगाई आम जनता पर कहर बन कर टूट रहा है- दीपक बैज
रायपुर – गैस के दाम बढ़ाने को कांग्रेस ने जनता पर अत्याचार बताया है। प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष दीपक बैज ने कहा है कि आम लोगों को आज महंगाई का एक और झटका लगा है। घरेलू रसोई गैस (LPG) सिलेंडर की कीमत में 29 रुपये प्रति सिलेंडर की बढ़ोतरी कर दी गई है, इसके बाद 14.2 किलोग्राम वाले घरेलू LPG सिलेंडर की कीमत छत्तीसगढ़ में 1000 रुपये के पार हो गई है। पिछले तीन महीनों में यह दूसरी बार है, जब घरेलू गैस सिलेंडर के दाम बढ़ाए गए हैं। इससे पहले मार्च में भी सिलेंडर की कीमत में 60 रुपये की बढ़ोतरी की गई थी। विगत विधानसभा चुनाव के दौरान भाजपा ने मोदी की गारंटी के नाम पर छत्तीसगढ़ में 500 रुपये में गैस सिलेंडर देने वादा किया था लेकिन अब यह सरकार वायदाखिलाफी पर उतर आयी है।
प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष दीपक बैज ने कहा है कि पांच राज्यों में हाल ही में संपन्न विधानसभा चुनाव के बाद से यह सरकार जनता के जेब में डकैती कर लगातार मुनाफाखोरी कर रही है, विगत डेढ़ माह में अर्थव्यवस्था के कोर सेक्टर ऊर्जा/ईंधन में 34 गुना इज़ाफ़ा हुआ है, जिसका सीधा असर थोक महंगाई दर में वृद्धि के तौर पर हुआ है। ईंधन की कीमतों में लगातार बढ़ोतरी हुई है। इसका असर आम जनता की घटती क्रय क्षमता के रूप में स्पष्ट तौर पर दिख रहा है। आवश्यक वस्तुओं की कीमत और उपलब्धता पर इस सरकार का कोई नियंत्रण नहीं है।
प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष दीपक बैज ने कहा है कि पिछले महीने ही नौ दिन के भीतर ही तीन-तीन बार मूल्य वृद्धि करके पेट्रोल-डीजल के दाम महंगे किये गए, मई के मध्य से अब तक पेट्रोल और डीजल की कीमतों में कुल 7.50 रुपये से 8 रुपए प्रति लीटर तक की वृद्धि हो चुकी है, CNG की कीमतों में भी लगभग 6 रुपये प्रति किलो की बढ़ोतरी इस जन विरोधी सरकार ने किया है। एक तरफ अंतर्राष्ट्रीय मार्केट में क्रूड आयल के दाम घट रहे हैं लेकिन यह सरकार पेट्रोलियम उत्पादों के दाम बढ़ाए जा रही है, जब क्रूड आयल के दाम ऐतिहासिक तौर पर न्यूनतम स्तर पर था तब भी डीजल पैट्रोल के दाम कम नहीं किए बल्कि अतिरिक्त मुनाफाखोरी करके विगत 10 वर्षों में लगभग 42 लाख करोड़ रुपए मोदी सरकार ने केवल पेट्रोलियम उत्पादों में जनता से वसूला है। बढ़ती महंगाई, पेट्रोल, डीज़ल, सीएनजी और रसोई गैस सिलेंडर के दाम बढ़ाना आम जनता से अत्याचार है, मूल्यवृद्धि वापस ले सरकार।

