June 25, 2026

छत्तीसगढ़ में यात्री सुरक्षा को लेकर बड़ा कदम: सभी बसों में अनिवार्य होगा व्हीकल लोकेशन ट्रैकिंग डिवाइस, परिवहन आयुक्त ने दिए सख्त निर्देश

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रायपुर – छत्तीसगढ़ में सार्वजनिक परिवहन व्यवस्था को और अधिक सुरक्षित, पारदर्शी तथा तकनीक आधारित बनाने की दिशा में परिवहन विभाग ने महत्वपूर्ण पहल की है। परिवहन आयुक्त एस. प्रकाश और अतिरिक्त परिवहन आयुक्त डी. रविशंकर के निर्देश पर प्रदेश की यात्री बसों में व्हीकल लोकेशन ट्रैकिंग डिवाइस (VLTD) के सुचारू संचालन और प्रभावी क्रियान्वयन को लेकर बस संचालकों एवं विभागीय अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश जारी किए गए हैं।

परिवहन आयुक्त कार्यालय में आयोजित समीक्षा बैठक में प्रदेशभर में यात्री वाहनों में लगाए गए VLTD उपकरणों की स्थिति की विस्तृत समीक्षा की गई। बैठक में यह पाया गया कि कुछ बसों में डिवाइस स्थापित नहीं हैं, जबकि कुछ वाहनों में लगाए गए उपकरण तकनीकी रूप से सक्रिय नहीं हैं। इस पर गंभीरता दिखाते हुए परिवहन आयुक्त ने सभी संबंधित अधिकारियों और बस संचालकों को समयबद्ध कार्रवाई के निर्देश दिए।

बैठक में स्पष्ट किया गया कि भारत सरकार के दिशा-निर्देशों तथा माननीय सर्वोच्च न्यायालय के आदेशों के अनुरूप सार्वजनिक परिवहन वाहनों में VLTD लगाना अनिवार्य है। यह प्रणाली बसों की वास्तविक समय (रियल टाइम) लोकेशन की निगरानी करने में सक्षम है, जिससे यात्रियों की सुरक्षा और आपातकालीन स्थितियों में त्वरित सहायता सुनिश्चित की जा सकेगी।
परिवहन विभाग ने उन वाहन मालिकों और संचालकों को विशेष रूप से चेतावनी दी है जिनकी बसों में अभी तक यह डिवाइस नहीं लगी है। ऐसे वाहनों में निर्धारित समयावधि के भीतर उपकरण स्थापित कराने के निर्देश दिए गए हैं। साथ ही जिन वाहनों में उपकरण तकनीकी कारणों से निष्क्रिय हैं, उन्हें तत्काल सुधार कर पुनः सक्रिय करने को कहा गया है।

अधिकारियों ने बताया कि VLTD प्रणाली विशेष रूप से महिलाओं, बच्चों और वरिष्ठ नागरिकों की सुरक्षा को मजबूत करेगी। किसी भी अप्रिय घटना, दुर्घटना या आपात स्थिति की जानकारी तत्काल संबंधित एजेंसियों तक पहुंच सकेगी। इसके माध्यम से वाहन की गति, रूट और लोकेशन की लगातार निगरानी संभव होगी, जिससे नियमों का पालन सुनिश्चित किया जा सकेगा।
परिवहन आयुक्त ने कहा कि सड़क सुरक्षा और यात्री संरक्षण सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में शामिल हैं। तकनीक के उपयोग से परिवहन व्यवस्था को आधुनिक और जवाबदेह बनाया जा रहा है। इसी उद्देश्य से विभाग द्वारा प्रदेश में ANPR कैमरा और ITMS (इंटेलिजेंट ट्रैफिक मैनेजमेंट सिस्टम) जैसी आधुनिक प्रणालियां भी विकसित की जा रही हैं।
इन तकनीकों के माध्यम से यातायात नियमों के उल्लंघन पर प्रभावी नियंत्रण, वाहनों की निगरानी और सड़क सुरक्षा को और अधिक मजबूत बनाया जाएगा। विभाग का मानना है कि VLTD, GPS, ANPR और ITMS जैसी व्यवस्थाओं के एकीकृत उपयोग से प्रदेश की परिवहन व्यवस्था राष्ट्रीय स्तर पर एक नई पहचान बनाएगी।

परिवहन विभाग की यह पहल न केवल यात्रियों को सुरक्षित यात्रा का भरोसा देगी, बल्कि बस संचालन में पारदर्शिता और जवाबदेही भी बढ़ाएगी। आने वाले समय में यह व्यवस्था छत्तीसगढ़ के सार्वजनिक परिवहन को अधिक आधुनिक, सुरक्षित और तकनीक-सक्षम बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।

बाइट: “यात्रियों की सुरक्षा हमारी सर्वोच्च प्राथमिकता है। सभी सार्वजनिक परिवहन वाहनों में VLTD का प्रभावी संचालन सुनिश्चित किया जाएगा।” – परिवहन आयुक्त, छत्तीसगढ़।

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