योग दिवस पर मंत्री की तस्वीर से सियासी तूफान: कमल पर पैर पड़ने से भड़का विवाद, भाजपा की ‘संस्कृति राजनीति’ पर विपक्ष का बड़ा हमला
बलरामपुर/रायपुर – अंतरराष्ट्रीय योग दिवस के अवसर पर आयोजित कार्यक्रम की एक तस्वीर ने छत्तीसगढ़ की राजनीति में नया विवाद खड़ा कर दिया है। भाजपा सरकार में महिला एवं बाल विकास मंत्री लक्ष्मी Rajwade की योगाभ्यास करते हुए एक तस्वीर सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रही है। तस्वीर को लेकर कांग्रेस समर्थकों और विपक्षी नेताओं ने भाजपा पर दोहरे मापदंड अपनाने का आरोप लगाते हुए तीखा हमला बोला है।
विवाद की जड़ उस तस्वीर में दिखाई दे रहा कमल का फूल है, जो मंत्री के परिधान के निचले हिस्से में बना हुआ है। योगासन के दौरान मंत्री का पैर उसी कमल के फूल के ऊपर दिखाई दे रहा है। विपक्ष का दावा है कि कमल केवल भाजपा का चुनाव चिन्ह ही नहीं, बल्कि भारतीय संस्कृति और धार्मिक आस्था का भी प्रतीक माना जाता है। ऐसे में मंत्री की यह तस्वीर भाजपा की कथित सांस्कृतिक राजनीति पर सवाल खड़े कर रही है।
सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे पोस्ट में लिखा गया है कि “संस्कार और श्रद्धा सिर्फ दूसरों को सिखाने के लिए हैं क्या? जिस कमल के फूल से मां लक्ष्मी की पूजा होती है और जो भाजपा का चुनाव चिन्ह भी है, उसी कमल को पैरों तले रौंदते हुए मंत्री जी योग का प्रदर्शन कर रही हैं। अगर यही काम किसी विपक्षी नेता से हो जाता तो भाजपा संस्कृति और आस्था के अपमान का मुद्दा बनाकर देशभर में हंगामा खड़ा कर देती।”
विपक्षी समर्थकों ने यह भी सवाल उठाया है कि भाजपा के वे नेता और कार्यकर्ता, जो अक्सर धार्मिक प्रतीकों और परंपराओं के सम्मान की बात करते हैं, इस मामले में पूरी तरह मौन क्यों हैं। सोशल मीडिया पर कई लोगों ने इसे भाजपा की “चयनात्मक संवेदनशीलता” बताते हुए आलोचना की है।
हालांकि दूसरी ओर भाजपा नेताओं और समर्थकों का कहना है कि तस्वीर को जानबूझकर राजनीतिक रंग दिया जा रहा है। उनका तर्क है कि मंत्री योगाभ्यास कर रही थीं और उनके वस्त्र पर बना कमल का डिज़ाइन केवल परिधान का हिस्सा है। योग की मुद्रा के दौरान अनजाने में बनी तस्वीर को विवाद का रूप देना राजनीतिक दुर्भावना से प्रेरित है। भाजपा समर्थकों का कहना है कि इसमें न तो किसी प्रतीक का अपमान करने का उद्देश्य था और न ही इसे उस नजरिए से देखा जाना चाहिए।

दरअसल, महिला एवं बाल विकास मंत्री लक्ष्मी राजवाड़े ने स्वयं अपने आधिकारिक सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर योग दिवस कार्यक्रम की जानकारी साझा की थी। उन्होंने लिखा कि “12वें अंतरराष्ट्रीय योग दिवस के अवसर पर बलरामपुर जिले के हाई स्कूल ग्राउंड में आयोजित योगाभ्यास कार्यक्रम में शामिल हुई। योग भारत की प्राचीन ऋषि परंपरा की अमूल्य धरोहर है, जो शरीर, मन और आत्मा के बीच संतुलन स्थापित कर स्वस्थ एवं सकारात्मक जीवन का मार्ग प्रशस्त करता है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के प्रयासों से आज योग वैश्विक जनआंदोलन बन चुका है और पूरी दुनिया भारत की इस महान विरासत को अपना रही है।”
मंत्री ने लोगों से योग को अपनी दिनचर्या का हिस्सा बनाने और स्वस्थ, सशक्त एवं विकसित छत्तीसगढ़ के निर्माण में सहभागी बनने की अपील भी की थी। कार्यक्रम में भाजपा जिलाध्यक्ष ओमप्रकाश जायसवाल सहित बड़ी संख्या में जनप्रतिनिधि, अधिकारी और योग साधक मौजूद रहे।

फिलहाल तस्वीर को लेकर सोशल मीडिया में बहस तेज हो गई है। एक पक्ष इसे सामान्य और अनजाने में हुई स्थिति बता रहा है, जबकि दूसरा पक्ष इसे भाजपा की कथनी और करनी के अंतर का उदाहरण बताकर राजनीतिक हमला कर रहा है।

