बिलासपुर पुलिस में बड़ा एक्शन: लापरवाही पर टीआई सस्पेंड, कोर्ट वारंट की अनदेखी पड़ी भारी
छत्तीसगढ़ – बिलासपुर पुलिस महकमे में एक बार फिर बड़ी प्रशासनिक कार्रवाई देखने को मिली है। कोर्ट से जारी गिरफ्तारी वारंट की तामिली और उससे संबंधित रिपोर्ट समय पर वरिष्ठ अधिकारियों को नहीं भेजने के गंभीर आरोप में तत्कालीन सिरगिट्टी थाना प्रभारी एवं वर्तमान में रक्षित केंद्र में पदस्थ निरीक्षक अभय सिंह बैस को निलंबित कर दिया गया है। बिलासपुर एसएसपी रजनेश सिंह ने शुक्रवार 19 जून को यह सख्त कार्रवाई करते हुए स्पष्ट संदेश दिया है कि विभागीय आदेशों की अनदेखी और कर्तव्य में लापरवाही किसी भी स्तर पर बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
जानकारी के अनुसार बिहार के कैमूर (भभुआ) स्थित प्रथम व्यवहार न्यायालय के एक प्रकरण में आरोपी मोहम्मद आरिफ खान के खिलाफ गिरफ्तारी वारंट जारी किया गया था। इस वारंट की तामिली करने तथा उसकी प्रगति रिपोर्ट पुलिस मुख्यालय रायपुर को उपलब्ध कराने की जिम्मेदारी तत्कालीन सिरगिट्टी थाना प्रभारी अभय सिंह बैस को सौंपी गई थी।
पुलिस मुख्यालय रायपुर द्वारा 12 जून 2026 को इस संबंध में पत्र जारी कर आवश्यक कार्रवाई एवं प्रतिवेदन मांगा गया था। आरोप है कि निर्धारित समय सीमा के भीतर न तो वारंट की तामिली संबंधी स्थिति स्पष्ट की गई और न ही पुलिस मुख्यालय को आवश्यक रिपोर्ट भेजी गई। मामले को गंभीरता से लेते हुए एसएसपी रजनेश सिंह ने इसे थाना प्रभारी के दायित्वों के निर्वहन में घोर लापरवाही माना और तत्काल प्रभाव से निलंबन आदेश जारी कर दिया।
कार्रवाई के प्रमुख कारण
पुलिस मुख्यालय के निर्देशों का समय पर पालन नहीं करना।
गिरफ्तारी वारंट की तामिली में गंभीर लापरवाही।
निर्धारित अवधि में प्रतिवेदन प्रस्तुत नहीं करना।
वरिष्ठ अधिकारियों को आवश्यक जानकारी उपलब्ध नहीं कराना।
विभागीय कार्यों में उदासीनता और जिम्मेदारी के निर्वहन में चूक।
निलंबन आदेश में स्पष्ट किया गया है कि निरीक्षक अभय सिंह बैस को तत्काल प्रभाव से निलंबित किया जाता है। निलंबन अवधि के दौरान उन्हें नियमानुसार निर्वाह भत्ता प्रदान किया जाएगा।
पहले भी विवादों में रह चुके हैं टीआई बैस
यह पहली बार नहीं है जब अभय सिंह बैस का नाम लापरवाही को लेकर सामने आया हो। सिरगिट्टी थाना प्रभारी रहते हुए उनके खिलाफ एक बेहद संवेदनशील दुष्कर्म प्रकरण की जांच में गंभीर लापरवाही के आरोप लगे थे। मामला दो मासूम बच्चियों से दुष्कर्म और मारपीट से जुड़ा था, जिसमें पुलिस की कार्रवाई सवालों के घेरे में आ गई थी।
आरोप था कि घटना के बाद समय पर प्रभावी कार्रवाई नहीं की गई और जांच के दौरान महत्वपूर्ण साक्ष्य जुटाने में भी गंभीर चूक हुई। जब यह मामला वरिष्ठ अधिकारियों तक पहुंचा तो विभाग ने इसे गंभीरता से लिया और अभय सिंह बैस को थाना प्रभारी पद से हटाकर लाइन अटैच कर दिया गया था।
अब एक बार फिर विभागीय निर्देशों की अनदेखी और कोर्ट से जुड़े महत्वपूर्ण वारंट मामले में लापरवाही सामने आने के बाद उन पर गाज गिरी है। लगातार दूसरी बार हुई विभागीय कार्रवाई ने पुलिस महकमे में हलचल मचा दी है। एसएसपी की इस कार्रवाई को विभागीय अनुशासन बनाए रखने की दिशा में बड़ा संदेश माना जा रहा है कि आदेशों की अवहेलना और कार्य में ढिलाई पर किसी भी अधिकारी को बख्शा नहीं जाएगा।

