रायपुर में IPAF 2026 का भव्य आयोजन, संगीत, नृत्य और समावेशिता के रंग में रंगी सांस्कृतिक संध्या
छत्तीसगढ़ – राजधानी रायपुर में आयोजित इंटरनेशनल परफॉर्मिंग आर्ट्स फेस्टिवल (IPAF) 2026 का पांचवां संस्करण भारतीय संस्कृति, कला और सामाजिक समावेशिता का शानदार संगम बनकर उभरा। वीमटारा ऑडिटोरियम में आयोजित इस अंतरराष्ट्रीय सांस्कृतिक महोत्सव में देश-विदेश के कलाकारों, कला प्रेमियों, गणमान्य अतिथियों और सांस्कृतिक हस्तियों ने भाग लेकर आयोजन को यादगार बना दिया।
कार्यक्रम का शुभारंभ दीप प्रज्ज्वलन के साथ हुआ। इस अवसर पर IPAF के संस्थापक श्याम पांडेय सहित मुख्य अतिथि एवं विशिष्ट अतिथियों ने भारतीय संस्कृति की समृद्ध परंपरा और कला के संरक्षण के महत्व पर प्रकाश डाला। अपने स्वागत उद्बोधन में श्याम पांडेय ने कहा कि IPAF का उद्देश्य कलाकारों को वैश्विक मंच उपलब्ध कराना, भारत की सांस्कृतिक विरासत को संरक्षित करना तथा दिव्यांग एवं उभरती प्रतिभाओं को प्रोत्साहन देना है।

महोत्सव का सबसे बड़ा आकर्षण पद्मश्री सम्मानित एवं गिनीज वर्ल्ड रिकॉर्ड धारक प्रसिद्ध बांसुरी वादक पंडित रोनू मजूमदार का हिंदुस्तानी शास्त्रीय बांसुरी वादन रहा। उनके साथ संगीतकार रोहन बोस ने संगत की। उनकी मधुर प्रस्तुति ने दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया और भारतीय बांसुरी परंपरा की अद्भुत झलक प्रस्तुत की।
इसके बाद गुरु भूपेंद्र बरेठ एवं उनकी टीम ने कथक नृत्य की मनमोहक प्रस्तुति दी। भगवान शिव की वंदना से शुरू हुई प्रस्तुति में ठाठ, आमद, परन, गत निकास, कवित्त और तराना जैसी पारंपरिक कथक शैलियों का प्रदर्शन किया गया, जिसे दर्शकों ने खूब सराहा।
छत्तीसगढ़ की लोक संस्कृति को मंच पर जीवंत करते हुए प्रसिद्ध लोक कलाकार नरेंद्र जलक्षत्रिय और सुरता लोक कला मंच ने जसगीत, ददरिया, करमा, सुवा तथा गौरा-गौरी नृत्य की प्रस्तुतियां दीं। रंग-बिरंगे परिधानों और ऊर्जावान प्रदर्शन ने दर्शकों को प्रदेश की समृद्ध लोक परंपराओं से रूबरू कराया।
कार्यक्रम का एक अत्यंत प्रेरणादायक हिस्सा आकांक्षा लायंस इंस्टीट्यूट ऑफ लर्निंग एंड एम्पावरमेंट, रायपुर के विशेष बच्चों की प्रस्तुति रही। बच्चों ने छत्तीसगढ़ी, ओड़िया, मराठी और राजस्थानी लोक संस्कृति पर आधारित कार्यक्रम प्रस्तुत कर “विविधता में एकता” का संदेश दिया। उनकी प्रतिभा और आत्मविश्वास को देखकर पूरा सभागार तालियों से गूंज उठा।
महोत्सव में भाग लेने वाले कलाकारों को उनके उत्कृष्ट योगदान के लिए सम्मानित भी किया गया। आयोजन की सफलता में SECL, डी वी प्रोजेक्ट्स लिमिटेड, CSPTCL, रोटरी क्लब ऑफ रायपुर ग्रेटर, सचदेव नर्सिंग होम एंड डायग्नोस्टिक सेंटर तथा रायपुर इन्फिनिटी सहित कई संस्थाओं का महत्वपूर्ण सहयोग रहा।
समापन अवसर पर IPAF संस्थापक श्याम पांडेय ने कहा कि यह महोत्सव विभिन्न संस्कृतियों और कलात्मक समुदायों को जोड़ने का माध्यम बन चुका है तथा आने वाले वर्षों में इसका विस्तार राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर और अधिक किया जाएगा। कार्यक्रम का समापन धन्यवाद ज्ञापन और भारतीय सांस्कृतिक विरासत के संरक्षण के संकल्प के साथ हुआ।

