10 लाख की लूट का मास्टरमाइंड निकला कंपनी का अपना कर्मचारी, 24 घंटे में पुलिस ने किया बड़ा खुलासा
रायपुर – राजधानी से लगे मंदिर हसौद क्षेत्र में 10 लाख रुपये की सनसनीखेज लूट की वारदात का पुलिस ने महज 24 घंटे के भीतर पर्दाफाश कर दिया है। इस मामले में सबसे चौंकाने वाला खुलासा यह हुआ कि जिस कंपनी के पैसे लूटे गए, उसी कंपनी का कर्मचारी इस पूरी साजिश का मास्टरमाइंड निकला। आरोपी ने एक महीने पहले ही लूट की पटकथा लिख दी थी और अपने रिश्तेदारों को शामिल कर वारदात को अंजाम दिलाया।
पुलिस जांच में सामने आया कि आरोपी दिनेश राव वर्ष 2022 से कंपनी में ऑफिस बॉय के रूप में कार्यरत था। उसे कंपनी की नगदी के आवागमन और वित्तीय गतिविधियों की पूरी जानकारी थी। इसी जानकारी का फायदा उठाते हुए उसने 10 लाख रुपये हड़पने की साजिश रच डाली।
घटना 16 जून की शाम की है। निर्माण कंपनी के कर्मचारी विद्यासागर डहरिया को मजदूरों के भुगतान के लिए 10 लाख रुपये नगद देकर नया रायपुर भेजा गया था। वह रकम से भरा बैग लेकर मोटरसाइकिल से जा रहा था। तभी रायपुर-सेरीखेड़ी मार्ग स्थित ओवरब्रिज के पास दो बाइक सवार बदमाशों ने उसका पीछा किया और चाकू दिखाकर बैग लूटकर फरार हो गए।
वारदात के बाद पुलिस के सामने सबसे बड़ी चुनौती थी कि दिनदहाड़े हुई इस बड़ी लूट का सुराग कैसे मिले। पुलिस उपायुक्त (क्राइम) स्मृतिक राजनाला और रायपुर ग्रामीण पुलिस अधीक्षक श्वेता श्रीवास्तव सिन्हा ने मामले को गंभीरता से लेते हुए एंटी क्राइम एंड साइबर यूनिट तथा मंदिर हसौद थाना पुलिस की संयुक्त टीम गठित की।
जांच के दौरान पुलिस ने घटनास्थल और उसके आसपास के सैकड़ों सीसीटीवी कैमरों के फुटेज खंगाले। तकनीकी विश्लेषण किया गया, कर्मचारियों के मोबाइल रिकॉर्ड और गतिविधियों की जांच हुई। इसी दौरान कंपनी के कर्मचारी दिनेश राव की भूमिका संदिग्ध नजर आई। पूछताछ में वह बार-बार अपने बयान बदल रहा था, जिससे पुलिस का शक और गहरा गया।
जब पुलिस ने कड़ाई से पूछताछ की तो पूरा राज खुल गया। दिनेश राव ने कबूल किया कि उसने करीब एक माह पहले ही कंपनी की रकम लूटने की योजना बनाई थी। उसने अपने भाई और उसके एक साथी को इस साजिश में शामिल किया। घटना वाले दिन जैसे ही कर्मचारी विद्यासागर डहरिया 10 लाख रुपये लेकर कार्यालय से निकला, दिनेश ने उसका पीछा शुरू कर दिया और अपने भाई को फोन कर मौके पर बुला लिया।
पुलिस के अनुसार दिनेश ने अपने भाई और उसके साथी को पीड़ित की पहचान कराई। इसके बाद दोनों बदमाशों ने रास्ते में विद्यासागर को रोका और चाकू की नोक पर नगदी से भरा बैग लूट लिया। हैरत की बात यह रही कि पूरी वारदात के दौरान दिनेश राव लगातार मोबाइल फोन पर अपने भाई के संपर्क में बना रहा और हर गतिविधि की जानकारी देता रहा।
लूट के बाद तीनों आरोपी अमलेश्वर में मिले। वहां दिनेश ने अपने भाई और उसके साथी से पूरा बैग और नगदी अपने कब्जे में ले ली। लूट की रकम में से उसने दोनों सहयोगियों को मात्र 30 हजार रुपये देकर चलता कर दिया, जबकि बाकी 9 लाख 70 हजार रुपये खुद रख लिए।
पुलिस ने आरोपी दिनेश राव की निशानदेही पर उसके कब्जे से 9 लाख 70 हजार रुपये नगद बरामद कर लिए हैं। इसके अलावा वारदात में प्रयुक्त बर्गमेन स्कूटर क्रमांक CG-04-QK-6037 और एक मोबाइल फोन भी जब्त किया गया है। बरामद मशरूका की कुल कीमत लगभग 10 लाख 80 हजार रुपये बताई जा रही है।
गिरफ्तार आरोपी की पहचान दिनेश राव (22 वर्ष) निवासी गंजाम, उड़ीसा के रूप में हुई है, जो वर्तमान में रायपुर के चौबे कॉलोनी क्षेत्र में रह रहा था। पुलिस ने उसे गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश करने की कार्रवाई शुरू कर दी है। वहीं इस लूटकांड में शामिल उसके भाई और एक अन्य साथी अभी फरार हैं, जिनकी तलाश में पुलिस लगातार दबिश दे रही है।

