कोरिया में रेत कारोबार की खूनी जंग! भाजपा नेता भरत सिंह उर्फ लल्ला सिंह जिंदा जले, शिक्षक भाई की भी मौत, इलाके में सनसनी
छत्तीसगढ़ – कोरिया जिले के सोनहत क्षेत्र के नौगई गांव में रेत कारोबार को लेकर चला आ रहा विवाद मंगलवार-बुधवार की दरमियानी रात ऐसी भयावह हिंसा में बदल गया जिसने पूरे प्रदेश को झकझोर कर रख दिया। भाजपा के वरिष्ठ नेता और व्यवसायी भरत सिंह उर्फ लल्ला सिंह की उनकी फॉर्च्यूनर कार में जलकर दर्दनाक मौत हो गई, जबकि उनके भाई और शिक्षक नागेंद्र सिंह समेत कई लोग गंभीर रूप से झुलस गए। बाद में नागेंद्र सिंह की भी मौत की खबर सामने आई है। इस हृदयविदारक घटना के बाद पूरे इलाके में तनाव का माहौल है और पुलिस-प्रशासन हाई अलर्ट पर है।
प्राप्त जानकारी के अनुसार नौगई रेत घाट के ठेके और कथित अवैध खनन को लेकर दो पक्षों के बीच लंबे समय से विवाद चल रहा था। यह विवाद इतना बढ़ गया कि मंगलवार रात लगभग 12 बजे दोनों पक्ष आमने-सामने आ गए। आरोप है कि भाजपा नेता भरत सिंह और उनके साथी विवाद को लेकर त्रिपाठी परिवार के घर पहुंचे थे, जहां पहले कहासुनी हुई और फिर मामला हिंसक संघर्ष में बदल गया।
प्रत्यक्षदर्शियों और प्रारंभिक जानकारी के मुताबिक विवाद के दौरान हालात बेकाबू हो गए। आरोप है कि हमलावरों ने फॉर्च्यूनर वाहन का रास्ता रोकने के लिए उसके सामने डंपर खड़ा कर दिया। इसके बाद वाहन पर पेट्रोल छिड़ककर आग लगा दी गई। देखते ही देखते लग्जरी एसयूवी आग का गोला बन गई और उसमें सवार लोग चीखते-चिल्लाते रह गए।
घटना में भाजपा नेता भरत सिंह उर्फ लल्ला सिंह वाहन के अंदर ही फंस गए और आग की लपटों में घिरकर उनकी मौके पर ही मौत हो गई। वहीं उनके भाई नागेंद्र सिंह, रायपुर निवासी वीरू सिंह और अन्य साथी गंभीर रूप से झुलस गए। घायलों को तत्काल अस्पताल पहुंचाया गया, जहां उनकी हालत नाजुक बनी हुई थी। बाद में नागेंद्र सिंह की भी मौत होने की जानकारी सामने आई, जिससे पूरे क्षेत्र में शोक और आक्रोश का माहौल है।
बताया जा रहा है कि मृतक भरत सिंह उर्फ लल्ला सिंह क्षेत्र के प्रभावशाली भाजपा नेता होने के साथ-साथ व्यवसायी भी थे। वहीं नागेंद्र सिंह पेशे से शिक्षक थे और समाज में उनकी अलग पहचान थी। दोनों एक ही परिवार से संबंध रखते थे। एक ही परिवार के दो लोगों की मौत ने पूरे गांव और जिले को स्तब्ध कर दिया है।
घटना की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने तत्काल कार्रवाई शुरू कर दी है। पुलिस ने त्रिपाठी परिवार के सात लोगों के खिलाफ विभिन्न धाराओं के तहत अपराध दर्ज किया है। इनमें से चार आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया गया है, जबकि तीन अन्य आरोपी अभी फरार बताए जा रहे हैं। पुलिस उनकी तलाश में लगातार दबिश दे रही है।
घटना की सूचना मिलते ही फॉरेंसिक टीम मौके पर पहुंच गई और जले हुए वाहन सहित घटनास्थल से महत्वपूर्ण साक्ष्य एकत्र किए गए। सरगुजा रेंज के आईजी भी स्वयं घटनास्थल पर पहुंचे और जांच की निगरानी की। पुलिस अधिकारी हर पहलू को ध्यान में रखते हुए जांच कर रहे हैं ताकि घटना की वास्तविक वजह सामने लाई जा सके।
इस सनसनीखेज वारदात के बाद क्षेत्रीय विधायक भैयालाल राजवाड़े भी मौके पर पहुंचे। उन्होंने घटना पर गहरा दुख व्यक्त करते हुए इसे कोरिया जिले के इतिहास की सबसे दुखद घटनाओं में से एक बताया। विधायक ने कहा कि दोषियों को किसी भी कीमत पर बख्शा नहीं जाएगा और कानून के तहत कड़ी से कड़ी कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी। उन्होंने लोगों से शांति बनाए रखने और अफवाहों पर ध्यान न देने की अपील भी की।
जानकारी के अनुसार विवाद की जड़ नौगई रेत घाट का ठेका है। बताया जा रहा है कि नागेंद्र सिंह के बेटे ने नौगई रेत घाट का ठेका लिया था। इसी दौरान रेत के अवैध खनन और परिवहन को लेकर भाजपा नेता मनोज त्रिपाठी के परिवार और भरत सिंह के पक्ष के बीच लंबे समय से तनाव बना हुआ था। कई बार दोनों पक्षों के बीच विवाद की स्थिति भी निर्मित हुई थी, लेकिन किसी ने शायद नहीं सोचा था कि यह विवाद इतनी बड़ी और खूनी घटना का रूप ले लेगा।
फिलहाल पूरे नौगई गांव और आसपास के क्षेत्रों में भारी पुलिस बल तैनात किया गया है। प्रशासन लगातार हालात पर नजर बनाए हुए है ताकि किसी भी प्रकार की अप्रिय घटना को रोका जा सके। वहीं मृतकों के परिजनों और समर्थकों में भारी आक्रोश देखा जा रहा है।
अब पूरे प्रदेश की नजर इस मामले की जांच पर टिकी हुई है। क्या यह सुनियोजित हत्या थी? क्या रेत माफिया की लड़ाई ने दो जिंदगियां निगल लीं? या फिर इस घटना के पीछे कोई और बड़ा राज छिपा है? इन सभी सवालों के जवाब फॉरेंसिक रिपोर्ट और पुलिस जांच के बाद ही सामने आएंगे। फिलहाल इतना तय है कि कोरिया जिले की यह भयावह घटना छत्तीसगढ़ की सबसे चर्चित और सनसनीखेज घटनाओं में शामिल हो चुकी है।

