अवैध डीजल-पेट्रोल कारोबार का भंडाफोड़, 35 लाख से अधिक का माल जब्त, 4 आरोपी गिरफ्तार
रायपुर – पुलिस कमिश्नरेट रायपुर के तहत थाना कबीर नगर पुलिस ने अवैध डीजल-पेट्रोल के काले कारोबार के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए चार आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने मौके से 14,100 लीटर पेट्रोल और डीजल, एक टैंकर, नकदी तथा अन्य उपकरण जब्त किए हैं। जब्त सामग्री की कुल कीमत लगभग 35 लाख 45 हजार 770 रुपये आंकी गई है।
पुलिस के अनुसार यह कार्रवाई कमिश्नरेट क्षेत्र में अवैध कारोबार के खिलाफ चलाए जा रहे विशेष अभियान के तहत की गई। थाना कबीर नगर पुलिस को मुखबिर से सूचना मिली थी कि कान्हा ढाबा के पीछे स्थित ई.पी. रोलिंग मिल के पास कुछ लोग भारी मात्रा में डीजल और पेट्रोल का अवैध भंडारण कर उसकी रीसेलिंग और कटिंग का धंधा चला रहे हैं। सूचना को गंभीरता से लेते हुए वरिष्ठ अधिकारियों के निर्देश पर एक विशेष टीम गठित की गई और मौके पर दबिश दी गई।
रंगे हाथों पकड़े गए आरोपी
पुलिस टीम जब बताए गए स्थान पर पहुंची तो वहां बड़ी मात्रा में ज्वलनशील पदार्थों का भंडारण किया जा रहा था। जांच के दौरान आरोपियों से ईंधन के भंडारण और बिक्री संबंधी वैध दस्तावेज या लाइसेंस प्रस्तुत करने को कहा गया, लेकिन वे कोई वैध दस्तावेज नहीं दिखा सके। इसके बाद पुलिस ने तत्काल कार्रवाई करते हुए चारों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया।
गिरफ्तार आरोपियों में ओमप्रकाश साव उर्फ कालिया (38 वर्ष), उमेश साव (55 वर्ष), रामजी यादव (45 वर्ष) और धर्मेंद्र साव (45 वर्ष) शामिल हैं। सभी आरोपी रायपुर और दुर्ग जिले के निवासी बताए गए हैं।

14,100 लीटर ईंधन का जखीरा बरामद
कार्रवाई के दौरान पुलिस ने मौके से भारी मात्रा में पेट्रोल और डीजल जब्त किया। बरामद सामग्री में 8 ड्रमों में भरा 1,600 लीटर पेट्रोल, 3 ड्रमों में भरा 500 लीटर डीजल तथा वाहन क्रमांक CG 07 BA 8727 के टैंकर में भरा 12,000 लीटर डीजल शामिल है।
इसके अलावा पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से 1 लाख 30 हजार रुपये नकद, एक मोटर पंप, दो चाड़ी (कीप) और एक कटिंग ड्रम भी बरामद किया है। पुलिस के मुताबिक जब्त किए गए ईंधन, टैंकर और उपकरणों की कुल कीमत 35.45 लाख रुपये से अधिक है।
बड़ा हादसा हो सकता था
पुलिस अधिकारियों ने बताया कि आरोपी बिना किसी सुरक्षा मानक और वैध अनुमति के ज्वलनशील पदार्थों का भंडारण कर रहे थे। जिस स्थान पर ईंधन रखा गया था, वहां किसी भी समय आग लगने जैसी गंभीर घटना हो सकती थी, जिससे जान-माल का बड़ा नुकसान हो सकता था। समय रहते की गई कार्रवाई से संभावित दुर्घटना को टाल दिया गया।
पहले भी दर्ज हैं मामले
प्राथमिक जांच में यह भी सामने आया है कि गिरफ्तार आरोपी पहले भी अवैध तेल कारोबार के मामलों में पकड़े जा चुके हैं। पुलिस रिकॉर्ड के अनुसार इन पर थाना उरला और आमानाका में इसी प्रकार के अपराध दर्ज हैं। इससे संकेत मिलते हैं कि आरोपी लंबे समय से इस अवैध कारोबार से जुड़े हुए थे।
पुलिस कर रही नेटवर्क की जांच
थाना कबीर नगर में आरोपियों के खिलाफ आवश्यक वस्तु अधिनियम की धारा 3 एवं 7 तथा भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 287 और 111 के तहत अपराध दर्ज कर उन्हें गिरफ्तार कर लिया गया है।
पुलिस अब इस पूरे नेटवर्क की गहन जांच कर रही है। जांच का फोकस इस बात पर है कि अवैध ईंधन कहां से लाया जा रहा था, इसके पीछे कौन लोग शामिल हैं और इसे किन क्षेत्रों में खपाने की तैयारी की जा रही थी।
अधिकारियों का कहना है कि मामले में आगे और गिरफ्तारियां होने की संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता। पुलिस कमिश्नरेट रायपुर ने स्पष्ट किया है कि अवैध कारोबार, कालाबाजारी और जनसुरक्षा से जुड़े अपराधों के खिलाफ अभियान लगातार जारी रहेगा तथा ऐसे मामलों में शामिल लोगों के विरुद्ध सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

