भीषण गर्मी में गौसेवा का अनूठा अभियान, राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ ने वितरित किए गौ माता के लिए पानी के कोटना
रायपुर – भीषण गर्मी और लगातार बढ़ते तापमान के बीच गौवंश को राहत पहुंचाने के उद्देश्य से राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ की रचना माना बस्ती इकाई द्वारा सराहनीय पहल की गई। संघ के स्वयंसेवकों ने गौ माता के लिए पानी पिलाने हेतु विशेष पात्र (कोटना) का वितरण कर गौसेवा और जनजागरण का संदेश दिया। इस अवसर पर बड़ी संख्या में स्वयंसेवकों एवं स्थानीय नागरिकों की उपस्थिति रही।

कार्यक्रम के दौरान वक्ताओं ने कहा कि गर्मी के मौसम में जहां इंसानों को पानी की आवश्यकता बढ़ जाती है, वहीं सड़क और खुले स्थानों पर विचरण करने वाले गौवंश एवं अन्य पशु-पक्षियों के सामने भी जल संकट की स्थिति निर्मित हो जाती है। ऐसे समय में समाज के प्रत्येक व्यक्ति का दायित्व बनता है कि वह जीव-जंतुओं के लिए भी पानी की व्यवस्था करे। इसी उद्देश्य को लेकर राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ द्वारा माना बस्ती क्षेत्र में गौ माता के लिए पानी रखने वाले कोटना वितरित किए गए।
कार्यक्रम में ग्राम उन्नयन समिति के महानगर प्रमुख सूरज यादव ने कहा कि भारतीय संस्कृति में गौ माता का विशेष स्थान है। गौसेवा केवल धार्मिक आस्था का विषय नहीं बल्कि मानवीय संवेदनाओं से जुड़ा कार्य है। भीषण गर्मी में पशुओं को पानी उपलब्ध कराना पुण्य के साथ-साथ सामाजिक जिम्मेदारी भी है।

सामाजिक समरसता महानगर प्रमुख विवेक वर्धन ने कहा कि संघ समाज के हर वर्ग को जोड़ते हुए सेवा कार्यों को प्राथमिकता देता है। पर्यावरण संरक्षण, जीवों की रक्षा और सामाजिक जागरूकता के ऐसे अभियान समाज में सकारात्मक संदेश देने का कार्य करते हैं। उन्होंने नागरिकों से अपने घरों और मोहल्लों में भी पशु-पक्षियों के लिए पानी की व्यवस्था करने की अपील की।
विवेकानंद नगर के नगर कार्यवाह भोजराज साहू ने कहा कि सेवा ही संघ का मूल मंत्र है। स्वयंसेवक समय-समय पर समाजहित के विभिन्न कार्यों में सक्रिय भूमिका निभाते हैं और यह अभियान भी उसी कड़ी का हिस्सा है।
कार्यक्रम में विवेकानंद नगर के पालक प्रशांत सिंह, माना बस्ती गौसेवा प्रमुख हरिराम साहू, माना बस्ती के समस्त स्वयंसेवक तथा क्षेत्र के गणमान्य नागरिक बड़ी संख्या में उपस्थित रहे। सभी ने मिलकर गौसेवा एवं जल संरक्षण का संकल्प लिया।

कार्यक्रम के अंत में स्वयंसेवकों ने नागरिकों से अपील की कि गर्मी के मौसम में अपने घरों, दुकानों और सार्वजनिक स्थानों पर पानी के पात्र रखें ताकि गौवंश, पक्षी एवं अन्य पशुओं को राहत मिल सके। संघ के इस सेवा अभियान की स्थानीय नागरिकों ने सराहना करते हुए इसे समाज के लिए प्रेरणादायक पहल बताया।

