दिल्ली में नाइजीरियन ड्रग्स नेटवर्क पर रायपुर पुलिस की बड़ी कार्रवाई, दो आरोपी गिरफ्तार
छत्तीसगढ़ – राजधानी रायपुर में मादक पदार्थों के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान के तहत पुलिस को एक बड़ी सफलता हाथ लगी है। रायपुर कमिश्नरेट पुलिस की एंटी क्राइम एंड साइबर यूनिट, एंटी नारकोटिक्स टास्क फोर्स और थाना देवेन्द्र नगर पुलिस की संयुक्त टीम ने दिल्ली में सक्रिय एक अंतरराष्ट्रीय ड्रग्स नेटवर्क का भंडाफोड़ करते हुए एक नाइजीरियन नागरिक सहित दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है। इस कार्रवाई को पुलिस उपायुक्त (क्राइम एवं साइबर) स्मृतिक राजनाला और पुलिस उपायुक्त (मध्य क्षेत्र) उमेश प्रसाद गुप्ता के संयुक्त मॉनिटरिंग में अंजाम दिया गया।
पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से 9 लाख 70 हजार रुपये नकद, 5 मोबाइल फोन (आईफोन सहित) और 3 चेकबुक जब्त किए हैं। जब्त सामग्री की कुल कीमत लगभग 11 लाख रुपये आंकी गई है। जांच में यह भी सामने आया है कि यह गिरोह नाइजीरिया से संचालित हो रहा था और देश के अलग-अलग राज्यों सहित छत्तीसगढ़ में कोकीन की सप्लाई कर रहा था।
दरअसल, थाना देवेन्द्र नगर में दर्ज अपराध क्रमांक 33/26 के तहत 19 मार्च 2026 को पुलिस ने रायपुर के नारायणा हॉस्पिटल सेक्टर-05 के पास से आरोपी कृष्ण गोपाल अग्रवाल को गिरफ्तार किया था। उसके कब्जे से 4.55 ग्राम कोकीन, एक चारपहिया वाहन और एक आईफोन बरामद किया गया था। इस मामले की जांच के दौरान पुलिस ने तकनीकी विश्लेषण और बैंक खातों की जानकारी के आधार पर एक बड़े अंतरराष्ट्रीय ड्रग्स सिंडिकेट का खुलासा किया।
जांच में सामने आया कि आरोपी को कोकीन की आपूर्ति दिल्ली में सक्रिय एक विदेशी नाइजीरियन नागरिक और उसके सहयोगी द्वारा की जा रही थी। ये लोग बड़े ही शातिर तरीके से बी.पी. मशीन के डिब्बे में ड्रग्स छिपाकर कोरियर के माध्यम से सप्लाई करते थे, ताकि किसी को शक न हो।
पुख्ता जानकारी मिलने के बाद रायपुर पुलिस की टीम को दिल्ली रवाना किया गया। टीम ने दिल्ली के तिलक नगर क्षेत्र में आरोपियों की पहचान कर दबिश दी और वहां से सन्नी शर्मा (26 वर्ष) और नाइजीरियन नागरिक तोचकू अफामे उर्फ प्रिन्स चार्ल्स (38 वर्ष) को गिरफ्तार कर लिया। पूछताछ में आरोपियों ने खुलासा किया कि वे देश के विभिन्न राज्यों में अलग-अलग तरीकों से कोकीन की सप्लाई करते थे।
आरोपी सन्नी शर्मा ने अपना बैंक खाता नाइजीरियन आरोपी को कमीशन के बदले इस्तेमाल करने के लिए दे रखा था। पुलिस को जानकारी मिली है कि पिछले छह महीनों में इस खाते के माध्यम से करीब 2 करोड़ रुपये का ट्रांजेक्शन हुआ है। वहीं आरोपियों के अन्य बैंक खातों में भी करोड़ों रुपये के लेन-देन के संकेत मिले हैं, जिसकी जांच जारी है।
पूछताछ में यह भी सामने आया कि इस पूरे नेटवर्क का संचालन नाइजीरिया में बैठे “चिची” नामक व्यक्ति द्वारा किया जा रहा था, जो इस अंतरराष्ट्रीय ड्रग्स सिंडिकेट का मास्टरमाइंड है। पुलिस अब इस नेटवर्क के अन्य सदस्यों और इसके फाइनेंशियल ट्रेल की गहराई से जांच कर रही है।
गौरतलब है कि आरोपी नाइजीरियन नागरिक पहले भी वर्ष 2024-25 में वीजा उल्लंघन के मामले में दिल्ली में जेल जा चुका है। इसके बावजूद वह दोबारा भारत में अवैध गतिविधियों में संलिप्त पाया गया।
रायपुर पुलिस के अनुसार, वर्ष 2026 में अब तक एंटी क्राइम एंड साइबर यूनिट द्वारा नारकोटिक एक्ट के 36 मामलों में 93 आरोपियों को गिरफ्तार किया जा चुका है। इन मामलों में करीब 2.48 करोड़ रुपये मूल्य के विभिन्न मादक पदार्थ, वाहन, नगदी और अन्य सामग्री जब्त की गई है।
पुलिस अधिकारियों का कहना है कि इस कार्रवाई के जरिए कोकीन सप्लाई के एक बड़े नेटवर्क को एंड-टू-एंड तरीके से ध्वस्त किया गया है। साथ ही, इस तरह के संगठित अपराधों के खिलाफ आगे भी सख्त कार्रवाई जारी रहेगी।

