“सुशासन तिहार की शुरुआत आज से: गांव-शहर में लगेगा समाधान का मेला,माना कैम्प में 4 मई को विशेष शिविर,जनता की समस्याओं का होगा त्वरित निराकरण”
रायपुर/माना कैम्प – प्रदेश में सुशासन को और अधिक मजबूत और जनकेन्द्रित बनाने के उद्देश्य से आज 1 मई से “सुशासन तिहार” अभियान की शुरुआत हो गई है। यह अभियान 10 जून तक पूरे प्रदेश में चलाया जाएगा, जिसके तहत ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों में बड़े पैमाने पर जनसमस्या निवारण शिविर आयोजित किए जाएंगे। शासन का उद्देश्य है कि आम नागरिकों की समस्याओं का त्वरित समाधान सुनिश्चित किया जाए और योजनाओं का लाभ सीधे पात्र लोगों तक पहुंचे।
इसी कड़ी में माना कैम्प नगर पंचायत में 4 मई को जनसमस्या निवारण शिविर का आयोजन किया जाएगा। यह शिविर वार्ड क्रमांक-11 स्थित मंगल भवन में लगाया जाएगा, जहां सुबह 11 बजे से दोपहर 2 बजे तक नागरिक अपनी समस्याएं दर्ज करा सकेंगे। शिविर में विभिन्न विभागों के स्टॉल लगाए जाएंगे, ताकि एक ही स्थान पर सभी समस्याओं का समाधान हो सके।
अभियान को प्रभावी बनाने के लिए मंत्रीगण, सांसद, विधायक, मुख्य सचिव, कलेक्टर एवं प्रभारी सचिव समय-समय पर शिविरों का निरीक्षण करेंगे और आम जनता से सीधे संवाद कर उनकी समस्याओं को सुनेंगे। इससे प्रशासन और जनता के बीच संवाद और विश्वास दोनों मजबूत होंगे।
सरकार ने स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि 30 अप्रैल तक सभी लंबित प्रकरणों का प्राथमिकता के आधार पर निराकरण सुनिश्चित किया जाए। इसमें प्रमुख रूप से नामांतरण, बंटवारा और सीमांकन जैसे राजस्व प्रकरण, मनरेगा के लंबित मजदूरी भुगतान, हितग्राहीमूलक योजनाओं के लंबित भुगतान, आय-जाति-निवास प्रमाण पत्र, बिजली और ट्रांसफार्मर से जुड़ी समस्याएं, साथ ही पेयजल व्यवस्था (हैंडपंप) से संबंधित शिकायतों का त्वरित समाधान शामिल है।
इसके साथ ही पात्र हितग्राहियों को उज्ज्वला योजना, राशन कार्ड, आयुष्मान भारत योजना और सामाजिक सुरक्षा पेंशन जैसी योजनाओं का लाभ दिलाने पर भी विशेष जोर दिया जा रहा है।
सुशासन तिहार के माध्यम से सरकार का प्रयास है कि प्रशासनिक सेवाएं आम नागरिकों के द्वार तक पहुंचे और हर व्यक्ति को समयबद्ध, पारदर्शी और प्रभावी समाधान मिल सके। यह अभियान न केवल समस्याओं के निराकरण का मंच बनेगा, बल्कि जनता और प्रशासन के बीच विश्वास को और मजबूत करने की दिशा में एक बड़ा कदम साबित होगा।

