भीषण गर्मी से झुलस रहा रायपुर, माना कैम्प में सन्नाटा—45 डिग्री तापमान ने थाम दी रफ्तार
रायपुर– छत्तीसगढ़ में इस समय गर्मी अपने चरम पर है और इसका सबसे ज्यादा असर राजधानी रायपुर समेत आसपास के इलाकों में देखने को मिल रहा है। विशेषकर माना कैम्प में भीषण गर्मी ने जनजीवन को बुरी तरह प्रभावित कर दिया है। दोपहर के समय यहां की सड़कों पर पसरा सन्नाटा किसी लॉकडाउन जैसे हालात का एहसास करा रहा है।
शुक्रवार दोपहर की तस्वीर इसकी गवाही दे रही है, जहां आम दिनों में चहल-पहल से भरी रहने वाली सड़कें लगभग खाली नजर आईं। तेज धूप, तपती सड़कें और लू के थपेड़ों ने लोगों को घरों में कैद रहने को मजबूर कर दिया है। सड़क किनारे की दुकानों के शटर गिरे हुए हैं और इक्का-दुक्का वाहन ही नजर आ रहे हैं।
मौसम विभाग के अनुसार तापमान करीब 45 डिग्री सेल्सियस के आसपास पहुंच चुका है, जबकि गर्म हवाएं यानी लू दिनभर चल रही हैं। ऐसे हालात में बाहर निकलना लोगों के लिए चुनौती बन गया है। जो लोग जरूरी काम से घर से निकल रहे हैं, वे चेहरे को कपड़े से ढंककर और पूरी सावधानी बरतते हुए बाहर निकल रहे हैं।
स्थानीय निवासियों का कहना है कि इस बार गर्मी ने पिछले कई वर्षों का रिकॉर्ड तोड़ दिया है। माना कैम्प के एक दुकानदार ने बताया कि “दोपहर में ग्राहक बिल्कुल नहीं आते, इसलिए दुकान खोलने का भी कोई फायदा नहीं। सुबह और शाम को ही थोड़ी बहुत आवाजाही होती है।” वहीं, एक राहगीर ने बताया कि “गर्मी इतनी ज्यादा है कि पांच मिनट भी सड़क पर खड़े रहना मुश्किल हो रहा है।”
स्वास्थ्य विशेषज्ञों ने भी इस भीषण गर्मी में सतर्क रहने की सलाह दी है। डॉक्टरों का कहना है कि लू लगने का खतरा लगातार बढ़ रहा है। खासकर बच्चों, बुजुर्गों और पहले से बीमार लोगों को दोपहर के समय घर से बाहर निकलने से बचना चाहिए। शरीर में पानी की कमी न हो, इसके लिए लगातार पानी, ORS और ठंडे पेय पदार्थ लेने की सलाह दी जा रही है।
प्रशासन की ओर से भी लोगों को अलर्ट रहने के निर्देश दिए गए हैं। सार्वजनिक स्थानों पर पानी की व्यवस्था करने और लोगों को छांव उपलब्ध कराने के प्रयास किए जा रहे हैं, लेकिन भीषण गर्मी के सामने ये इंतजाम भी नाकाफी साबित हो रहे हैं।
माना कैम्प क्षेत्र में दोपहर के समय जो दृश्य देखने को मिल रहा है, वह सामान्य दिनों से बिल्कुल अलग है। सड़कें सूनी हैं, वाहन कम हैं और बाजार लगभग बंद हैं। ऐसा प्रतीत होता है मानो इलाके में किसी आपात स्थिति के कारण गतिविधियां थम गई हों।
विशेषज्ञों का मानना है कि आने वाले दिनों में तापमान और बढ़ सकता है, जिससे स्थिति और गंभीर हो सकती है। ऐसे में लोगों को अनावश्यक रूप से घर से बाहर निकलने से बचना चाहिए और खुद को सुरक्षित रखने के उपाय अपनाने चाहिए।
फिलहाल, माना कैम्प समेत पूरे छत्तीसगढ़ में गर्मी का कहर जारी है। हालात ऐसे हैं कि लोग राहत के लिए बारिश का इंतजार कर रहे हैं, लेकिन फिलहाल मौसम के तेवर नरम पड़ते नजर नहीं आ रहे। गर्म हवाओं और तेज धूप के बीच जनजीवन अस्त-व्यस्त हो चुका है और लोगों की दिनचर्या पूरी तरह प्रभावित हो रही है।

