May 1, 2026

छत्तीसगढ़ परिवहन विभाग में बड़ा फेरबदल, 20 RTO-ARTO अधिकारियों के तबादले

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रायपुर – छत्तीसगढ़ में प्रशासनिक फेरबदल का सिलसिला जारी है और इसी कड़ी में परिवहन विभाग ने एक बड़ा निर्णय लेते हुए विभागीय स्तर पर व्यापक तबादले किए हैं। राज्य सरकार द्वारा जारी आदेश के अनुसार कुल 20 अधिकारियों का ट्रांसफर किया गया है, जिनमें क्षेत्रीय परिवहन अधिकारी (RTO) और सहायक क्षेत्रीय परिवहन अधिकारी (ARTO) स्तर के अधिकारी शामिल हैं। इस कदम को विभागीय कार्यप्रणाली को और अधिक प्रभावी बनाने तथा प्रशासनिक कसावट लाने के प्रयास के रूप में देखा जा रहा है।

जारी आदेश में स्पष्ट रूप से उल्लेख किया गया है कि सभी स्थानांतरित अधिकारियों को 10 दिनों के भीतर अपनी नई पदस्थापना पर कार्यभार ग्रहण करना अनिवार्य होगा। समयसीमा का पालन नहीं करने की स्थिति में विभागीय कार्रवाई की चेतावनी भी दी गई है। इससे यह साफ संकेत मिलता है कि सरकार इस बार ट्रांसफर प्रक्रिया को लेकर सख्त रुख अपनाए हुए है।

सूत्रों के अनुसार, इस तबादला सूची में कई ऐसे अधिकारी शामिल हैं, जो लंबे समय से एक ही स्थान पर पदस्थ थे। ऐसे अधिकारियों को बदलकर नई जगहों पर भेजा गया है ताकि कार्य में पारदर्शिता बनी रहे और स्थानीय स्तर पर बन रहे प्रभाव को संतुलित किया जा सके। इसके साथ ही कुछ अधिकारियों को उनके कार्य प्रदर्शन के आधार पर महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां भी सौंपी गई हैं।

इस फेरबदल की एक खास बात यह भी है कि कई अधिकारियों को नवा रायपुर स्थित मुख्यालय में पदस्थ किया गया है। इसे विभाग की रणनीतिक प्राथमिकताओं के अनुरूप माना जा रहा है, जहां अनुभवी अधिकारियों की जरूरत को ध्यान में रखते हुए यह निर्णय लिया गया है। मुख्यालय में इन अधिकारियों की तैनाती से नीति निर्माण और निगरानी व्यवस्था को और मजबूत करने की उम्मीद जताई जा रही है।

परिवहन विभाग द्वारा किए गए इस बदलाव का असर राज्यभर के क्षेत्रीय परिवहन कार्यालयों पर देखने को मिलेगा। नए अधिकारियों के आने से जहां कार्यप्रणाली में बदलाव आएगा, वहीं लंबित मामलों के निराकरण में भी तेजी आने की संभावना है। आम जनता को मिलने वाली सेवाओं—जैसे ड्राइविंग लाइसेंस, वाहन पंजीयन, परमिट आदि—में सुधार की उम्मीद की जा रही है।

विभागीय सूत्रों का कहना है कि यह ट्रांसफर केवल रूटीन प्रक्रिया का हिस्सा नहीं है, बल्कि इसके पीछे स्पष्ट उद्देश्य कार्यक्षमता बढ़ाना और जवाबदेही तय करना है। पिछले कुछ समय से परिवहन विभाग की कार्यप्रणाली को लेकर मिल रही शिकायतों और फीडबैक को भी इस निर्णय का आधार माना जा रहा है।

राज्य सरकार के इस फैसले को प्रशासनिक सुधार की दिशा में एक अहम कदम माना जा रहा है। आने वाले दिनों में यह देखना दिलचस्प होगा कि नए पदस्थ अधिकारी किस तरह से अपनी जिम्मेदारियों का निर्वहन करते हैं और विभाग की छवि को सुधारने में कितनी भूमिका निभाते हैं।

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