दो दशक की बेबाक पत्रकारिता का सम्मान, सीनियर जर्नलिस्ट बिप्लव दत्ता को अंतरराष्ट्रीय मंच पर मिला गौरव
छत्तीसगढ़ – पत्रकारिता के मैदान में अपनी तेजतर्रार और निष्पक्ष पहचान बनाने वाले सीनियर पत्रकार बिप्लव दत्ता को आखिरकार वह सम्मान मिल ही गया, जिसके वे लंबे समय से हकदार थे। इंडो-नेपाल टूरिज्म वेलफेयर सोसाइटी के भव्य और हाई-प्रोफाइल मंच पर बिप्लव दत्ता को सम्मानित किया गया, जहां देश-विदेश के दिग्गजों की मौजूदगी ने इस कार्यक्रम को और भी खास बना दिया।
वर्ष 2007 से मीडिया जगत में सक्रिय बिप्लव दत्ता ने करीब दो दशकों तक पत्रकारिता की हर चुनौती का सामना करते हुए खुद को एक विश्वसनीय और निडर पत्रकार के रूप में स्थापित किया है। जब कई लोग पत्रकारिता को सिर्फ पेशा मानते हैं, तब बिप्लव दत्ता ने इसे मिशन बनाकर जिया है। यही वजह है कि उनकी कलम से निकली खबरें हमेशा सत्ता से सवाल करती हैं और आम जनता की आवाज बनती हैं।
फील्ड से लेकर न्यूज़रूम तक, हर मोर्चे पर साबित किया दम
बिप्लव दत्ता का सफर केवल रिपोर्टिंग तक सीमित नहीं रहा। उन्होंने फील्ड की धूल-धक्कड़ से लेकर न्यूज़रूम की रणनीति तक हर जिम्मेदारी को बखूबी निभाया है। जमीनी मुद्दों को उठाने में उनकी पकड़ और तथ्यों की गहराई ने उन्हें पत्रकारिता की भीड़ में अलग खड़ा किया है। उनकी रिपोर्टिंग में न सिर्फ सटीकता होती है, बल्कि एक आक्रामक तेवर भी होता है, जो भ्रष्ट सिस्टम की परतें उधेड़ देता है।
इंडो-नेपाल मंच पर दिखा भारतीय पत्रकारिता का दम
इंडो-नेपाल टूरिज्म वेलफेयर सोसाइटी द्वारा आयोजित इस कार्यक्रम का उद्देश्य केवल सम्मान देना नहीं था, बल्कि भारत और नेपाल के बीच पर्यटन और सांस्कृतिक रिश्तों को नई मजबूती देना भी था। संस्था के फाउंडर डॉ. जतिंदरपाल सिंह और पंकज रंजीत लगातार दोनों देशों के बीच पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए सक्रिय हैं।

इस मंच पर बिप्लव दत्ता की मौजूदगी ने यह साबित कर दिया कि उनकी पहचान अब सिर्फ क्षेत्रीय नहीं, बल्कि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी बन चुकी है। कार्यक्रम के दौरान अमृता सिंह को संस्था का ब्रांड एंबेसडर घोषित किया गया, जिससे कार्यक्रम में ग्लैमर का तड़का भी देखने को मिला।
वीआईपी जमावड़ा: बड़े चेहरे, बड़ी मौजूदगी
कार्यक्रम में कई बड़े और प्रभावशाली चेहरों की मौजूदगी ने इसे हाई-प्रोफाइल बना दिया। नेपाल के उद्योग, कृषि एवं सहकारिता मंत्री इसराइल मंसूरी मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहे। वहीं बिहार के अररिया सांसद प्रवीण सिंह, नेपाल के कोसी पर्यटन मंत्री सचिव इंद्र सपकोटा, पूर्व कानून मंत्री लीला बल्लभ अधिकारी, पर्यटन बोर्ड एवं ईस्टर्न स्टार होटल के संचालक भावेश श्रेष्ठ, समाजसेवी गीता गौतम और फारबिसगंज विधायक देवयंती भी कार्यक्रम में शामिल हुए।
इन तमाम दिग्गजों के बीच बिप्लव दत्ता का सम्मान इस बात का प्रमाण है कि सच्ची पत्रकारिता आज भी अपनी पहचान बना रही है और उसे नजरअंदाज नहीं किया जा सकता।

आगे और बड़ा प्लान: संस्था का विस्तार, नई रणनीति
इंडो-नेपाल टूरिज्म वेलफेयर सोसाइटी ने इस मौके पर अपनी टीम के विस्तार की भी घोषणा की। संस्था के फाउंडर्स ने साफ किया कि आने वाले समय में भारत-नेपाल पर्यटन को और व्यापक स्तर पर बढ़ावा दिया जाएगा, जिसमें मीडिया की भूमिका बेहद अहम होगी।
साफ संदेश: कलम की ताकत को सलाम
बिप्लव दत्ता का यह सम्मान सिर्फ एक व्यक्ति का नहीं, बल्कि उस पत्रकारिता का सम्मान है जो सच के लिए लड़ती है, दबाव में नहीं झुकती और समाज के हर तबके की आवाज बनती है।
यह सम्मान उन सभी पत्रकारों के लिए एक मजबूत संदेश है कि अगर इरादे बुलंद हों और काम ईमानदार हो, तो पहचान अपने आप बनती है—और फिर मंच भी खुद चलकर आपके पास आता है।

