स्वास्थ्य विभाग में पोस्टिंग घोटाले का आरोप: कांग्रेस ने कहा—“वसूली का नया दरवाजा खुला”
रायपुर – छत्तीसगढ़ में स्वास्थ्य विभाग की पदस्थापना को लेकर सियासी घमासान तेज हो गया है। छत्तीसगढ़ प्रदेश कांग्रेस कमेटी चिकित्सा प्रकोष्ठ के प्रदेश अध्यक्ष डॉ. राकेश गुप्ता ने हाल ही में जारी प्रतिनियुक्ति (डिपुटेशन) आदेश पर गंभीर सवाल उठाते हुए इसे भ्रष्टाचार से जोड़ दिया है।
डॉ. गुप्ता ने आरोप लगाया कि स्वास्थ्य विभाग द्वारा जारी यह आदेश प्रशासनिक व्यवस्था को सुधारने के बजाय पूरे सिस्टम में अफरा-तफरी पैदा करेगा। उन्होंने सीधे तौर पर स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल पर निशाना साधते हुए कहा कि यह आदेश “वसूली का नया जरिया” बन सकता है और इसके पीछे भ्रष्टाचार की मंशा साफ नजर आती है।
कांग्रेस नेता ने कहा कि पिछले ढाई वर्षों से स्वास्थ्य विभाग में प्रमोशन लंबित हैं, जिससे कर्मचारियों में भारी असंतोष है। उन्होंने मांग की कि सभी विभागों में समयबद्ध तरीके से प्रमोशन किए जाएं और स्वीकृत पदों पर पारदर्शी प्रक्रिया के तहत भर्ती सुनिश्चित की जाए। उनका कहना है कि ऐसा नहीं होने से राजधानी से लेकर दूरस्थ जिलों तक स्वास्थ्य सेवाएं प्रभावित हो रही हैं।
डॉ. गुप्ता ने वर्तमान स्थिति को “चौतरफा लकवा” करार देते हुए कहा कि डॉक्टरों, चिकित्सा शिक्षकों, नर्सिंग स्टाफ और पैरामेडिकल कर्मचारियों की भारी कमी के कारण स्वास्थ्य व्यवस्था चरमराई हुई है। उन्होंने आरोप लगाया कि मुख्यमंत्री विष्णु देव साय की सरकार में प्रतिनियुक्ति का खेल चरम पर है, जहां निचले स्तर के कर्मचारियों को भी ऊंचे पदों पर बैठाया जा रहा है।
मामले को गंभीर बताते हुए डॉ. गुप्ता ने राज्य के मुख्य सचिव और स्वास्थ्य सचिव अमित कटारिया को ईमेल भेजकर इस पूरी प्रक्रिया को तत्काल प्रभाव से स्थगित करने की मांग की है। उन्होंने विशेष रूप से जिला स्तर से प्रतिनियुक्ति के लिए ऑनलाइन आवेदन मंगाने की प्रक्रिया पर रोक लगाने की अपील की है।
कांग्रेस ने साफ किया है कि यदि सरकार ने इस मुद्दे पर जल्द निर्णय नहीं लिया, तो पार्टी इसे लेकर सड़क से सदन तक बड़ा आंदोलन खड़ा कर सकती है।

