March 20, 2026

माना कैंप में सियासी बवाल: कांग्रेस पार्षद मनोरंजन मंडल पर आपराधिक मामलों के बाद निलंबन की मांग तेज – भाजपा माना मंडल

0
IMG-20260320-WA0023(2)_copy_800x471

बिप्लव दत्ता

रायपुर – भारतीय जनता पार्टी के माना मंडल ने नगर पंचायत माना कैंप के वार्ड क्रमांक 8 के निर्वाचित कांग्रेस पार्षद मनोरंजन मंडल के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग करते हुए मुख्य कार्यपालन अधिकारी को लिखित शिकायत सौंपी है। इस शिकायत के बाद इलाके की राजनीति गरमा गई है और पार्षद के निलंबन को लेकर बहस तेज हो गई है।

माना मंडल के अध्यक्ष भीमवंत निषाद (संजू) द्वारा जारी इस पत्र में आरोप लगाया गया है कि पार्षद मनोरंजन मंडल विभिन्न धोखाधड़ी और अन्य आपराधिक मामलों में दोषी पाए गए हैं। शिकायत में यह भी उल्लेख किया गया है कि पुलिस कार्रवाई के बाद उन्हें गिरफ्तार कर जेल भेजा गया है और वर्तमान में वे जेल में बंद हैं।

शिकायत पत्र में स्पष्ट रूप से कहा गया है कि ऐसे गंभीर आपराधिक मामलों में लिप्त जनप्रतिनिधि का पद पर बने रहना न केवल प्रशासनिक व्यवस्था पर सवाल खड़ा करता है, बल्कि समाज में गलत संदेश भी देता है। पत्र में नगर पंचायत प्रशासन से आग्रह किया गया है कि पूरे मामले का संज्ञान लेते हुए पार्षद के खिलाफ उचित कार्रवाई की जाए और उन्हें पद से निलंबित करने की प्रक्रिया शुरू की जाए।

भाजपा नेताओं का कहना है कि यदि समय रहते इस प्रकार के मामलों में सख्त कदम नहीं उठाए गए, तो इससे क्षेत्र में अपराधियों का मनोबल बढ़ेगा और आम जनता का शासन-प्रशासन पर से विश्वास उठ सकता है। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि पार्षद के खिलाफ दर्ज मामलों की गंभीरता को देखते हुए प्रशासन को तत्काल प्रभाव से हस्तक्षेप करना चाहिए।

वहीं, इस मामले ने राजनीतिक रंग भी ले लिया है। स्थानीय स्तर पर भाजपा और कांग्रेस के बीच आरोप-प्रत्यारोप का दौर शुरू हो गया है। भाजपा जहां इसे कानून और नैतिकता का मुद्दा बता रही है, वहीं कांग्रेस के स्थानीय नेताओं की ओर से अभी तक इस मामले पर कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।

नगर पंचायत माना कैंप के मुख्य कार्यपालन अधिकारी सौरभ बाजपेयी ने इस संबंध में जल्द निर्णय लेने की अपेक्षा जताई जा रही है। और उच्च अधिकारियों को पत्र प्रेषित करने की बात कही है। वही प्रशासनिक सूत्रों के अनुसार, शिकायत मिलने के बाद पूरे मामले की जांच की प्रक्रिया शुरू की जा सकती है और कानूनी पहलुओं का परीक्षण किया जाएगा।

स्थानीय नागरिकों में भी इस मामले को लेकर चर्चा का माहौल है। कई लोगों का मानना है कि यदि आरोप सही हैं, तो निष्पक्ष जांच कर सख्त कार्रवाई की जानी चाहिए, ताकि जनप्रतिनिधियों की जवाबदेही सुनिश्चित हो सके। वहीं कुछ लोग इसे राजनीतिक प्रतिद्वंद्विता का हिस्सा भी मान रहे हैं और निष्पक्ष जांच की मांग कर रहे हैं।

फिलहाल, पूरा मामला प्रशासनिक जांच और आगामी कार्रवाई पर टिका हुआ है। यदि आरोप सिद्ध होते हैं, तो यह मामला क्षेत्र की राजनीति में बड़ा मोड़ ला सकता है और आने वाले समय में इसके व्यापक राजनीतिक प्रभाव देखने को मिल सकते हैं।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

You may have missed