नारायणपुर के दुर्गम अबूझमाड़ में कलेक्टर नम्रता जैन का मोटरसाइकिल से दौरा, आवास निर्माण कार्यों का लिया जायजा
बिप्लव दत्ता
नारायणपुर– जिले के अत्यंत दुर्गम और नक्सल प्रभावित क्षेत्र अबूझमाड़ में प्रशासनिक सक्रियता का एक महत्वपूर्ण उदाहरण उस समय देखने को मिला, जब कलेक्टर नम्रता जैन स्वयं मोटरसाइकिल से कठिन रास्तों को पार कर अंदरूनी गांवों तक पहुंचीं। इस दौरे का मुख्य उद्देश्य प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत निर्माणाधीन मकानों की प्रगति का निरीक्षण करना और समय-सीमा में कार्य पूर्ण कराने के निर्देश देना था।

कलेक्टर नम्रता जैन ने अपने दौरे के दौरान कदेर और ओरछापाल जैसे दूरस्थ गांवों का निरीक्षण किया। इन क्षेत्रों तक पहुंचना सामान्य वाहनों से संभव नहीं होने के कारण उन्होंने मोटरसाइकिल का सहारा लिया। यह पहल न केवल प्रशासन की गंभीरता को दर्शाती है, बल्कि यह भी बताती है कि शासन योजनाओं को अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाने के लिए प्रतिबद्ध है।
निरीक्षण के दौरान कलेक्टर ने प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत बन रहे मकानों की गुणवत्ता, निर्माण की गति और लाभार्थियों को मिल रही सुविधाओं की बारीकी से जांच की। उन्होंने पाया कि कई स्थानों पर कार्य प्रगति पर है, लेकिन कुछ जगहों पर गति अपेक्षाकृत धीमी है। इस पर उन्होंने संबंधित अधिकारियों और ठेकेदारों को स्पष्ट निर्देश दिए कि निर्माण कार्यों को निर्धारित समय-सीमा के भीतर पूर्ण किया जाए।
कलेक्टर ने कहा कि प्रधानमंत्री आवास योजना का उद्देश्य हर जरूरतमंद को पक्का मकान उपलब्ध कराना है और इसमें किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित किया कि लाभार्थियों के साथ नियमित संवाद बनाए रखें और उन्हें निर्माण कार्य में आने वाली समस्याओं का त्वरित समाधान उपलब्ध कराया जाए।
दौरे के दौरान कलेक्टर ने स्थानीय ग्रामीणों से भी बातचीत की और उनकी समस्याओं को सुना। ग्रामीणों ने बताया कि क्षेत्र में सड़क, पानी और अन्य मूलभूत सुविधाओं की कमी अब भी बनी हुई है। इस पर कलेक्टर ने आश्वासन दिया कि इन समस्याओं के समाधान के लिए संबंधित विभागों को निर्देशित किया जाएगा और जल्द ही आवश्यक कार्यवाही की जाएगी।

अबूझमाड़ जैसे क्षेत्र, जहां भौगोलिक परिस्थितियां और सुरक्षा चुनौतियां दोनों मौजूद हैं, वहां इस प्रकार का प्रशासनिक दौरा काफी अहम माना जाता है। कलेक्टर का यह कदम न केवल विकास कार्यों को गति देने में मददगार साबित होगा, बल्कि इससे स्थानीय लोगों का प्रशासन पर भरोसा भी मजबूत होगा।

इस अवसर पर कलेक्टर ने अधिकारियों को यह भी निर्देश दिए कि निर्माण कार्यों में पारदर्शिता बनाए रखें और गुणवत्ता से कोई समझौता न किया जाए। उन्होंने स्पष्ट किया कि जिन स्थानों पर कार्य में लापरवाही पाई जाएगी, वहां जिम्मेदारों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
कलेक्टर नम्रता जैन का यह दौरा यह दर्शाता है कि प्रशासन अब केवल कागजों तक सीमित नहीं है, बल्कि जमीनी स्तर पर पहुंचकर योजनाओं के क्रियान्वयन को सुनिश्चित करने में जुटा हुआ है। दुर्गम अबूझमाड़ में उनकी यह पहल विकास की नई दिशा तय करने की ओर एक मजबूत कदम मानी जा रही है।

