छत्तीसगढ़ हाउसिंग बोर्ड अब ‘इन्फ्रास्ट्रक्चर पावरहाउस’! अधिनियम संशोधन के बाद बढ़ा दायरा, सड़कों-हवाई अड्डों तक करेगा निर्माण
रायपुर – विकसित छत्तीसगढ़ के सपने को नई रफ्तार देने की दिशा में बड़ा कदम उठाते हुए छत्तीसगढ़ गृह निर्माण मंडल का दायरा अब व्यापक कर दिया गया है। राज्य सरकार के निर्णय के अनुसार अब यह संस्था “छत्तीसगढ़ गृह निर्माण एवं अधोसंरचना विकास मंडल” के रूप में जानी जाएगी। मंत्रीमंडल की मंजूरी के बाद विधानसभा में संशोधित विधेयक पारित हो चुका है और राजपत्र में प्रकाशन के साथ ही यह नया कानून प्रभावी हो जाएगा।
इस बदलाव के साथ अब मंडल केवल आवास निर्माण तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि अधोसंरचना विकास के बड़े प्रोजेक्ट्स में भी सक्रिय भूमिका निभाएगा। यानी अब सड़कों, पुलों, राजमार्गों से लेकर हवाई अड्डों और जलप्रदाय जैसी योजनाओं में भी मंडल की भागीदारी होगी।
2004 में हुई थी शुरुआत, अब नई जिम्मेदारी

गौरतलब है कि 12 फरवरी 2004 को छत्तीसगढ़ शासन ने गृह निर्माण मंडल का गठन किया था। इसका मुख्य उद्देश्य सभी वर्गों, खासकर कमजोर और निम्न आय वर्ग के लोगों को किफायती आवास उपलब्ध कराना था। अब तक मंडल द्वारा 1 लाख से अधिक मकानों का निर्माण किया जा चुका है, जिनमें 70 प्रतिशत से अधिक घर आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग के लिए बनाए गए हैं।
अब क्या बदलेगा?
आवास एवं पर्यावरण मंत्री ओ.पी. चौधरी ने बताया कि अधिनियम-1972 में संशोधन का मुख्य उद्देश्य मंडल के कार्यों का विस्तार और अधोसंरचना विकास को गति देना है। अब मंडल निम्न कार्य भी कर सकेगा—
सड़क, पुल, राजमार्ग और एयरपोर्ट निर्माण
जलप्रदाय एवं माल परिवहन प्रणाली का विकास
पब्लिक-प्राइवेट पार्टनरशिप (PPP) प्रोजेक्ट्स
शहरी विकास और मिक्स्ड लैंड यूज योजनाएं
स्लम पुनर्विकास और रिडेवलपमेंट प्रोजेक्ट्स
मंत्री ने यह भी बताया कि राज्य सरकार ने वर्ष 2024-25 के तृतीय अनुपूरक बजट में 735 करोड़ रुपये का भुगतान कर मंडल को ऋणमुक्त कर दिया है, जिससे अब यह संस्था आर्थिक रूप से अधिक मजबूत हो गई है।
नगर विकास में बनेगा मजबूत स्तंभ
नए स्वरूप में मंडल को एक “अर्बन और इंफ्रास्ट्रक्चर इकोसिस्टम” के रूप में विकसित किया जाएगा। बढ़ती वाहनों की संख्या को देखते हुए सड़क चौड़ीकरण, औद्योगिक और शहरी क्षेत्रों के बीच बेहतर कनेक्टिविटी और 2-लेन व 4-लेन फास्ट कॉरिडोर जैसी योजनाओं पर विशेष फोकस रहेगा।हजारों करोड़ की परियोजनाएं जारी
मंडल के अध्यक्ष अनुराग सिंह देव ने बताया कि वर्तमान में प्रदेश के सभी जिलों में करीब 3050 करोड़ रुपये की 78 आवासीय परियोजनाएं प्रगति पर हैं। इनमें से 2060 करोड़ की 56 योजनाएं नवंबर 2025 के आवास मेला में शुरू की गई थीं।
इसके अलावा—OTS योजना के तहत 221.21 करोड़ की 1447 संपत्तियों का विक्रय
650 करोड़ से अधिक की 6 रिडेवलपमेंट परियोजनाएं तैयार
नई संरचना के बाद इन योजनाओं में तेजी आने की उम्मीद
तकनीकी क्षमता से होगा बड़ा विस्तार
मंडल के आयुक्त अवनीश कुमार शरण ने कहा कि संस्था के पास अनुभवी तकनीकी स्टाफ और मजबूत कार्यप्रणाली है, जिससे अब बड़े इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट्स को भी उच्च गुणवत्ता के साथ पूरा किया जा सकेगा। साथ ही स्थानीय निकायों और विकास प्राधिकरणों को तकनीकी व वित्तीय सलाह भी दी जाएगी।
सरकार को जताया आभार
अध्यक्ष अनुराग सिंह देव ने मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय, मंत्री ओ.पी. चौधरी और सभी विधायकों का इस महत्वपूर्ण संशोधन के लिए आभार जताया। उन्होंने कहा कि यह बदलाव छत्तीसगढ़ को आधुनिक और सुव्यवस्थित शहरी ढांचे की ओर ले जाने में मील का पत्थर साबित होगा।

