समीक्षा बैठक में भड़के कलेक्टर, पीएम आवास की धीमी रफ्तार पर सचिवों को लगाई कड़ी फटकार
छत्तीसगढ़ – गरियाबंद जिले के देवभोग में आयोजित विकासखंड स्तरीय समीक्षा बैठक के दौरान कलेक्टर भगवान सिंह उईके अधिकारियों की कार्यशैली पर खासे नाराज नजर आए। जनपद पंचायत देवभोग के सभा कक्ष में आयोजित बैठक में कलेक्टर ने प्रधानमंत्री आवास योजना की धीमी प्रगति और अधूरे निर्माण कार्यों को लेकर सख्त नाराजगी जताई और जिम्मेदार अधिकारियों को कड़ी चेतावनी दी।
बैठक में जिला पंचायत सीईओ प्रखर चंद्राकर भी मौजूद रहे। दोनों अधिकारियों ने विकासखंड स्तर के अधिकारियों और कर्मचारियों से विभिन्न योजनाओं की प्रगति की विस्तृत जानकारी ली। समीक्षा के दौरान सामने आया कि कई पंचायतों में पीएम आवास निर्माण कार्य बेहद धीमी गति से चल रहा है और कई आवास अब तक अधूरे पड़े हैं। इस पर कलेक्टर भगवान सिंह उईके ने कड़ी नाराजगी जाहिर करते हुए संबंधित अधिकारियों और सचिवों को जल्द काम पूरा करने के निर्देश दिए।
पीएम आवास योजना में लापरवाही सामने आने पर कलेक्टर ने सचिव फुलचंद बघेल और सचिव गणेश सिन्हा को बैठक में ही जमकर फटकार लगाई। उन्होंने साफ तौर पर निर्देश दिया कि एक सप्ताह के भीतर आवास निर्माण कार्य में स्पष्ट प्रगति दिखाई देनी चाहिए, अन्यथा कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
कलेक्टर ने पंचायतवार स्वीकृत कार्यों, प्रगतिरत निर्माण, हितग्राहियों को जारी प्रथम, द्वितीय और तृतीय किश्त की स्थिति सहित प्रारंभ और अप्रारंभ आवासों की भी विस्तार से समीक्षा की। उन्होंने अधिकारियों से कहा कि जिन गांवों में निर्माण कार्यों में किसी प्रकार की समस्या या बाधा आ रही है, उन गांवों को चिन्हांकित कर तत्काल एसडीएम और जनपद सीईओ को अवगत कराया जाए ताकि समय रहते समस्या का समाधान किया जा सके।
बैठक के दौरान नगर पंचायत देवभोग के अधूरे निर्माण कार्य और वॉटर टैंक परियोजना को लेकर भी कलेक्टर ने नाराजगी जताई। उन्होंने नगर पंचायत के सीएमओ को कड़े शब्दों में चेतावनी देते हुए निर्देश दिया कि अधूरे कार्यों को प्राथमिकता के आधार पर जल्द पूरा कराया जाए।
वहीं कृषि विभाग की कार्यप्रणाली पर भी कलेक्टर ने सवाल उठाए। उन्होंने किसानों को मिलने वाली सब्सिडी, बीज और कृषि उपकरणों के वितरण में पूरी पारदर्शिता सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। कलेक्टर ने स्पष्ट कहा कि यदि किसी भी प्रकार की अनियमितता या शिकायत सामने आती है तो संबंधित अधिकारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
बैठक के बाद कलेक्टर भगवान सिंह उईके ने किडनी प्रभावित गांव सुपेबेड़ा का भी दौरा किया। यहां उन्होंने सामूहिक जल प्रदाय योजना के तहत लगभग आठ करोड़ रुपये की लागत से चल रहे निर्माण कार्य का जायजा लिया और संबंधित विभाग को मार्च माह के अंत तक इसे हर हाल में पूरा करने के निर्देश दिए।
इसके अलावा कलेक्टर ने सुपेबेड़ा के स्वास्थ्य केंद्र का भी निरीक्षण किया। उन्होंने अस्पताल में भर्ती मरीजों से मुलाकात कर उनका हालचाल जाना और स्वास्थ्य सुविधाओं की स्थिति का जायजा लिया। निरीक्षण के दौरान उन्होंने स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों को मरीजों को बेहतर इलाज और आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराने के निर्देश भी दिए।
जिले में विकास कार्यों को गति देने और योजनाओं को समय पर पूरा कराने के लिए प्रशासन अब सख्त रुख में नजर आ रहा है। कलेक्टर की इस समीक्षा बैठक के बाद अधिकारियों में भी हड़कंप का माहौल देखा जा रहा है।

