21 से 30 जून तक कांग्रेस जिला अध्यक्षों का विशेष प्रशिक्षण शिविर, राहुल गांधी भी करेंगे मार्गदर्शन
रायपुर/नई दिल्ली – कांग्रेस संगठन को जमीनी स्तर पर और अधिक मजबूत बनाने की दिशा में अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी (एआईसीसी) ने बड़ा कदम उठाया है। कांग्रेस के राष्ट्रीय महासचिव एवं सांसद के.सी. वेणुगोपाल द्वारा जारी पत्र के अनुसार छत्तीसगढ़ के सभी जिला एवं शहर कांग्रेस कमेटी अध्यक्षों के लिए 21 जून से 30 जून 2026 तक 10 दिवसीय अनिवार्य प्रशिक्षण शिविर आयोजित किया जाएगा। यह प्रशिक्षण शिविर रायपुर के चांदी मोड़ स्थित अशोका अलका अवलॉन मंगल भवन में संपन्न होगा।
जारी पत्र में बताया गया है कि संगठन सृजन अभियान के तहत नियुक्त किए गए जिला एवं शहर कांग्रेस अध्यक्षों ने फरवरी 2026 में नई दिल्ली के इंदिरा भवन में आयोजित प्रशिक्षण कार्यक्रम में भाग लिया था। अब संगठन को और अधिक प्रभावी एवं सक्रिय बनाने के उद्देश्य से छत्तीसगढ़ में यह विशेष प्रशिक्षण शिविर आयोजित किया जा रहा है।

सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने भी इस प्रशिक्षण कार्यक्रम के लिए अपनी सहमति प्रदान की है। पत्र में स्पष्ट उल्लेख किया गया है कि राहुल गांधी शिविर के दौरान किसी एक दिन उपस्थित होकर जिला अध्यक्षों को मार्गदर्शन देंगे। राहुल गांधी की संभावित मौजूदगी को देखते हुए कांग्रेस कार्यकर्ताओं और पदाधिकारियों में उत्साह का माहौल है।
एआईसीसी महासचिव के.सी. वेणुगोपाल ने सभी जिला एवं शहर कांग्रेस अध्यक्षों को इस प्रशिक्षण शिविर में शामिल होने के लिए औपचारिक रूप से आमंत्रित किया है। साथ ही छत्तीसगढ़ प्रदेश कांग्रेस कमेटी को निर्देशित किया गया है कि वह एआईसीसी के प्रशिक्षण विभाग के साथ समन्वय स्थापित कर कार्यक्रम की सफलता के लिए सभी आवश्यक व्यवस्थाएं सुनिश्चित करे।
पत्र में यह भी कहा गया है कि एआईसीसी सचिव, प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष, कांग्रेस विधायक दल के नेता सहित अन्य वरिष्ठ पदाधिकारी शिविर में अधिकतम समय व्यतीत करें। सभी संबंधित पदाधिकारियों की कम से कम पांच दिनों की उपस्थिति अनिवार्य रखी गई है, जिसमें पहले दो और अंतिम दो दिन शामिल होंगे।
कार्यक्रम के संबंध में जारी नोट के अनुसार सभी प्रतिभागियों को 21 जून को दोपहर 12 बजे तक प्रशिक्षण स्थल पर अपनी उपस्थिति सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं।
राजनीतिक जानकारों का मानना है कि आगामी चुनावी रणनीति, संगठन विस्तार, बूथ प्रबंधन, जनसंपर्क अभियान और कांग्रेस की विचारधारा को मजबूत करने के उद्देश्य से यह प्रशिक्षण शिविर महत्वपूर्ण साबित हो सकता है।

