March 14, 2026

मंदिर हसौद पालिका में सियासी भूचाल: भाजपा पार्षदों के 24 घंटे के अल्टीमेटम से हिले अध्यक्ष! सालभर से नहीं हुई सामान्य सभा, अब बैकफुट पर गोपाल चतुर्वेदी

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बिप्लव दत्ता

रायपुर – मंदिर हसौद नगर पालिका परिषद में लंबे समय से लंबित सामान्य सभा की बैठक को लेकर बड़ा राजनीतिक विवाद खड़ा हो गया है। भाजपा पार्षदों की कड़ी नाराजगी और 24 घंटे के अल्टीमेटम के बाद अब नगर पालिका अध्यक्ष गोपाल चतुर्वेदी बैकफुट पर आते नजर आ रहे हैं। पार्षदों का आरोप है कि अध्यक्ष की सुस्त और लचर कार्यशैली के कारण एक साल से अधिक समय बीत जाने के बावजूद भी परिषद की सामान्य सभा की बैठक आयोजित नहीं हो सकी है, जिससे नगर के कई महत्वपूर्ण विकास कार्य प्रभावित हो रहे हैं।

जानकारी के अनुसार, मंदिर हसौद नगर पालिका में पिछले लंबे समय से सामान्य सभा की बैठक नहीं बुलाई गई है। नियमों के अनुसार परिषद की बैठक समय-समय पर आयोजित होना आवश्यक है, ताकि विकास कार्यों, योजनाओं और नगर से जुड़े महत्वपूर्ण मुद्दों पर चर्चा कर निर्णय लिए जा सकें। लेकिन अध्यक्ष गोपाल चतुर्वेदी की निष्क्रियता और उदासीन रवैये के कारण यह प्रक्रिया ठप पड़ी हुई है।

दो बार पत्र लिखने के बाद भी नहीं हुई कार्रवाई

भाजपा पार्षदों ने अध्यक्ष की कार्यशैली से नाराज होकर बैठक बुलाने की मांग को लेकर पहले भी कई बार पहल की। इस संबंध में भाजपा पार्षदों द्वारा 5 फरवरी 2026 और 11 मार्च 2026 को अध्यक्ष को लिखित पत्र भेजकर सामान्य सभा की बैठक तत्काल बुलाने की मांग की गई थी।
इतना ही नहीं, नगर पालिका के मुख्य नगर पालिका अधिकारी (सीएमओ) द्वारा भी प्रशासनिक प्रक्रिया के तहत 16 फरवरी और 18 फरवरी 2026 को अध्यक्ष के पास बैठक बुलाने के लिए फाइल और नस्ती भेजी गई थी। आरोप है कि अध्यक्ष ने इन प्रस्तावों को बिना किसी ठोस कारण के हाथों-हाथ वापस कर दिया, जिससे परिषद की बैठक आयोजित नहीं हो सकी।

भाजपा पार्षदों का अल्टीमेटम – 24 घंटे में बैठक बुलाओ

लगातार टल रही बैठक और अध्यक्ष के रवैये से नाराज भाजपा पार्षदों ने अब खुलकर मोर्चा खोल दिया है। पार्षदों ने नगरवासियों के हितों का हवाला देते हुए नवा रायपुर स्थित नगरीय प्रशासन संचालनालय, रायपुर कलेक्टर और मंदिर हसौद थाना को पत्र भेजकर 24 घंटे के भीतर सामान्य सभा की बैठक बुलाने की मांग की थी।

इसके साथ ही भाजपा पार्षदों ने चेतावनी दी थी कि यदि तय समय के भीतर बैठक नहीं बुलाई गई तो “अध्यक्ष हटाओ – पालिका बचाओ” आंदोलन शुरू किया जाएगा और इसके लिए व्यापक जनआंदोलन भी किया जाएगा।

विवाद बढ़ने पर सोशल मीडिया में सफाई

मामला तूल पकड़ने के बाद अध्यक्ष गोपाल चतुर्वेदी ने सोशल मीडिया के माध्यम से सफाई देते हुए कहा कि उन्होंने 13 मार्च 2026 को सीएमओ को आवेदन देकर बैठक से संबंधित एजेंडा और अभिलेख प्रस्तुत करने के लिए कहा है।

हालांकि भाजपा पार्षदों ने अध्यक्ष की इस सफाई को पूरी तरह से भ्रामक और आधारहीन बताया है। पार्षदों का आरोप है कि अध्यक्ष अपनी नाकामी छिपाने के लिए सोशल मीडिया का सहारा लेकर मुख्य नगर पालिका अधिकारी पर अनावश्यक आरोप लगा रहे हैं।

नगर विकास ठप, जनता में नाराजगी

भाजपा पार्षदों का कहना है कि परिषद की सामान्य सभा की बैठक नहीं होने के कारण नगर के कई जरूरी विकास कार्यों पर निर्णय नहीं हो पा रहा है। सड़क, पानी, सफाई और अन्य मूलभूत सुविधाओं से जुड़े मुद्दे लंबित पड़े हुए हैं, जिससे नगरवासियों में भी नाराजगी बढ़ रही है।
पार्षदों का दावा है कि अध्यक्ष के लापरवाह और अड़ियल रवैये के कारण नगर का विकास पूरी तरह से प्रभावित हो रहा है। उनका कहना है कि जब एक सामान्य बैठक तक आयोजित नहीं हो पा रही है, तो नगर के बड़े विकास कार्यों की स्थिति का अंदाजा आसानी से लगाया जा सकता है।

अब क्या होगा आगे?

भाजपा पार्षदों के अल्टीमेटम और बढ़ते राजनीतिक दबाव के बाद अब अध्यक्ष बैकफुट पर आते दिखाई दे रहे हैं। लेकिन बड़ा सवाल यह है कि क्या अब जल्द सामान्य सभा की बैठक बुलाई जाएगी या फिर मंदिर हसौद की राजनीति में “अध्यक्ष हटाओ – पालिका बचाओ” आंदोलन और तेज होगा।

फिलहाल मंदिर हसौद की सियासत गरमा गई है और आने वाले दिनों में यह विवाद और बड़ा राजनीतिक रूप ले सकता है।

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