March 12, 2026

बस्तर में नक्सलियों को बड़ा झटका : 108 माओवादी कैडरों ने किया सरेंडर, 3.61 करोड़ कैश और 101 घातक हथियार बरामद

0
IMG-20260311-WA0021


जगदलपुर। बस्तर में नक्सल विरोधी अभियान के बीच सुरक्षा बलों को एक बड़ी सफलता मिली है। दंडकारण्य स्पेशल जोनल कमेटी (DKSZC) से जुड़े 108 माओवादी कैडरों ने हथियार छोड़कर मुख्यधारा में वापसी कर ली है। इन कैडरों में 44 महिला माओवादी भी शामिल हैं। खास बात यह है कि इन सभी पर मिलाकर करीब 3.29 करोड़ रुपये का इनाम घोषित था।

जगदलपुर के शौर्य भवन पुलिस कोऑर्डिनेशन सेंटर, लालबाग में आयोजित कार्यक्रम में इन नक्सलियों ने औपचारिक रूप से आत्मसमर्पण किया। इस दौरान पुलिस और केंद्रीय सुरक्षा बलों के वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे।

एक साथ 3.61 करोड़ कैश और सोना बरामद

सरेंडर करने वाले नक्सलियों से मिली जानकारी और खुफिया इनपुट के आधार पर सुरक्षा बलों ने बड़ी कार्रवाई करते हुए माओवादियों के डंप से 3.61 करोड़ रुपये नगद और लगभग 1 किलो सोना (कीमत करीब 1.64 करोड़ रुपये) बरामद किया है।

नक्सल विरोधी अभियान के इतिहास में एक ही जगह से इतनी बड़ी नकदी बरामदगी पहली बार बताई जा रही है।

101 घातक हथियार बरामद

सुरक्षा बलों ने अलग-अलग स्थानों पर कार्रवाई कर माओवादियों के डंप से कुल 101 हथियार बरामद किए हैं। इनमें शामिल हैं—
07 AK-47 राइफल
10 INSAS राइफल
05 SLR राइफल
04 LMG
20 .303 राइफल
11 BGL लांचर
25 12 बोर राइफल
अन्य हथियार और युद्ध सामग्री

जिला-वार बरामदगी में नारायणपुर से सबसे ज्यादा 49 हथियार, बस्तर से 24, सुकमा से 12, बीजापुर से 9, दंतेवाड़ा से 5 और कांकेर से 2 हथियार मिले हैं।

बड़े माओवादी नेताओं ने भी छोड़ा संगठन

आत्मसमर्पण करने वालों में कई बड़े कैडर शामिल हैं, जिनमें—
DVCM राहुल तेलाम
पंडरु कोवासी
झितरू ओयाम
रामधर उर्फ बीरू
मल्लेश
PLGA बटालियन कमांडर मुचाकी
कोसा मंडावी (AOB DVCM)

जैसे नाम शामिल हैं। इन नेताओं के सरेंडर को माओवादी संगठन के लिए बड़ा झटका माना जा रहा है।

26 महीनों में 2714 नक्सलियों ने छोड़ा हथियार

“पूना मारगेम – पुनर्वास से पुनर्जीवन” अभियान के तहत छत्तीसगढ़ में पिछले 26 महीनों में 2714 माओवादी कैडर हिंसा छोड़ चुके हैं।
सिर्फ बस्तर संभाग में 1 जनवरी 2024 से 9 मार्च 2026 तक 2625 नक्सलियों ने सरेंडर किया है।

IG की अपील – हथियार छोड़ो, मुख्यधारा में लौटो

बस्तर रेंज के पुलिस महानिरीक्षक सुंदरराज पी. ने बाकी बचे माओवादी कैडरों से अपील करते हुए कहा कि हिंसा का रास्ता छोड़कर मुख्यधारा में लौटें, सरकार उन्हें सुरक्षा, पुनर्वास और सम्मानजनक जीवन देने के लिए प्रतिबद्ध है।

विशेषज्ञों का मानना है कि इतनी बड़ी संख्या में माओवादियों का आत्मसमर्पण और भारी मात्रा में हथियार-नकदी की बरामदगी बस्तर में नक्सली नेटवर्क के कमजोर पड़ने का संकेत है।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

You may have missed