एक्सक्लूसिव : गृह मंत्री अमित शाह उसी टूटी सड़क से गुजरेंगे, जहां ‘ट्रिपल इंजन’ सरकार का विकास गड्ढों में हैं दफन
( रिपोर्ट – बिप्लव दत्ता ) रायपुर – देश के गृहमंत्री अमित शाह इन दिनों छत्तीसगढ़ के दौरे पर हैं। रायपुर में सुरक्षा समीक्षा बैठक के बाद आज वे जगदलपुर में आयोजित बस्तर पंडुम महोत्सव में शामिल होंगे। कार्यक्रम तय है—रायपुर से जगदलपुर और फिर सड़क मार्ग से आयोजन स्थल तक। लेकिन सवाल यह नहीं है कि गृहमंत्री कहां जाएंगे, सवाल यह है कि वे किन हालातों से गुजरेंगे!

जिस रास्ते से गुजरेंगे शाह, वहीं बिखरे पड़े हैं विकास के दावे
जानकारी के मुताबिक जगदलपुर एयरपोर्ट से बस्तर पंडुम (लालबाग जी-ग्राउंड) तक का मार्ग पूरी तरह बदहाल है। उखड़ी हुई सड़कें, जानलेवा गड्ढे और टूटा हुआ डामर साफ बता रहा है कि ट्रिपल इंजन सरकार का विकास सिर्फ कागज़ों और पोस्टरों तक सीमित है। सरकार मंच से विकास का ढोल पीटती है, लेकिन ज़मीनी हकीकत यह है कि गृहमंत्री को उसी रास्ते से गुजरना होगा, जहां आम बस्तरवासी रोज़ अपनी जान जोखिम में डालकर चलते हैं।

राष्ट्रपति आईं, लीपापोती हुई, जनता रह गई गड्ढों में
बीते दिनों इसी रास्ते से महामहिम राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू बस्तर पंडुम में शामिल होने पहुँची थीं। उस वक्त सरकार ने विकास नहीं किया, बल्कि लीपापोती की राजनीति की। कोतवाली थाना से कमिश्नर बंगले तक सड़क चमका दी गई। लेकिन कमिश्नर बंगले से आमागुड़ा चौक तक सड़क आज भी पूरी तरह टूटी हुई है। यानी जहां वीआईपी कैमरे थे, वहां सड़क बनी—और जहां आम जनता है, वहां गड्ढे।
क्या यही है ‘डबल–ट्रिपल इंजन’ मॉडल
जिस रास्ते से राष्ट्रपति और अब गृहमंत्री गुजर रहे हैं, वही रास्ता बदहाली की मिसाल बना हुआ है। यह खुद इस बात का सबूत है कि सरकार के विकास के दावे पूरी तरह खोखले हैं। क्या बस्तर में विकास सिर्फ भाषणों तक सीमित है? क्या सरकार को सड़कें तभी दिखती हैं जब राष्ट्रपति या गृहमंत्री आने वाले हों? और क्या आम जनता की परेशानी सरकार के एजेंडे में कहीं है भी या नहीं?

आज गृह मंत्री मंच से छत्तीसगढ़ और बस्तर के विकास की बात करेंगे, लेकिन टूटी सड़कें उनसे पहले ही सरकार की नाकामी की गवाही दे रही हैं।

