रायपुर आबकारी भवन में आग या सबूतों की होली?ऑडिट से ठीक पहले जलीं आय-व्यय की फाइलें, सिस्टम पर उठे गंभीर सवाल
छत्तीसगढ़ – राजधानी रायपुर के लाभांडी इलाके में स्थित आबकारी विभाग के भवन में शनिवार देर रात लगी आग ने पूरे प्रशासनिक तंत्र को कटघरे में खड़ा कर दिया है। आग सीधे तीसरी मंजिल पर उस हिस्से में लगी, जहां आबकारी निगम का रिकॉर्ड रूम और ऑडिट से जुड़ा अहम कार्यालय संचालित होता है।
महत्वपूर्ण फाइलें, दस्तावेज और रिकॉर्ड जलकर राख
सबसे चौंकाने वाली बात यह है कि सोमवार से निगम के आय-व्यय का ऑडिट प्रस्तावित था। शनिवार को दिनभर अधिकारी-कर्मचारी ऑडिट की तैयारियों में जुटे रहे और रात होते ही रहस्यमय तरीके से आग भड़क उठी। यह महज संयोग है या किसी बड़े खेल की शुरुआत…ऑडिट कक्ष से उठी आग, रिकॉर्ड रूम तक तबाही

प्रत्यक्ष जानकारी के मुताबिक आग की शुरुआत ऑडिट से जुड़े कक्ष से हुई और कुछ ही देर में इसने रिकॉर्ड रूम को चपेट में ले लिया। दमकल विभाग की गाड़ियां जब तक मौके पर पहुंचीं, तब तक कई अहम दस्तावेज पूरी तरह जल चुके थे। ये वही दस्तावेज बताए जा रहे हैं, जिनकी जांच ऑडिट में होनी थी।
शॉर्ट सर्किट की थ्योरी या बचाव का रास्ता
प्रशासन की ओर से शुरुआती बयान में आग का कारण शॉर्ट सर्किट बताया जा रहा है, लेकिन अब तक इसकी कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। रविवार सुबह पुलिस और FSL टीम मौके पर पहुंची और जांच शुरू की गई, लेकिन सवाल यह है— क्या जांच सच्चाई तक पहुंचेगी या फाइलों की तरह सच भी जल जाएगा।
सुरक्षा व्यवस्था पर भी सवाल
सरकारी भवन, वह भी आबकारी जैसा संवेदनशील विभाग- नाइट सिक्योरिटी कहां थी। फायर सेफ्टी सिस्टम काम क्यों नहीं आया..क्या रिकॉर्ड का कोई डिजिटल बैकअप था? इस घटना ने विभागीय लापरवाही, सुरक्षा इंतजामों और पारदर्शिता पर गंभीर प्रश्नचिह्न लगा दिए हैं।
क्या यह सिर्फ आग थी,
किसी बड़े घोटाले के सबूतों को मिटाने की कोशिश? जांच जारी है, लेकिन राजधानी की यह आग अब सिर्फ हादसा नहीं, बल्कि एक बड़ा सवाल बन चुकी है।

