RTI में खुलासा: छत्तीसगढ़ जनसंपर्क ने 20 सब्सक्राइबर वाले “JVD फिल्म” को दिए 4.38 करोड़! और स्थानीय पत्रकारों को “बजट नहीं” का झूठा बहाना…
( रिपोर्ट – बिप्लव दत्ता )रायपुर – RTI से सामने आया है कि छत्तीसगढ़ जनसंपर्क विभाग ने 1 अप्रैल 2023 से 31 दिसंबर 2024 के बीच मुंबई की JVD फिल्म को ₹4 करोड़ 38 लाख की भारी रकम भुगतान की है। लेकिन सबसे बड़ा सवाल ये है कि JVD फिल्म का यूट्यूब चैनल पर केवल 20 सब्सक्राइबर हैं।

मतलब 20 सब्सक्राइबर वाले चैनल को करोड़ों का काम और हजारों-लाखों सब्सक्राइबर वाले छत्तीसगढ़ी यूट्यूबर को “बजट नहीं”।
JVD फिल्म की “खासियत” यह है कि इसका यूट्यूब चैनल 20 सब्सक्राइबर वाला है और प्रोपराइटर डिंपल डुगर बताई जाती हैं।
पर सवाल ये है कि 20 सब्सक्राइबर वाले चैनल को करोड़ों का विज्ञापन/काम किस हक से मिला?

क्या यह छत्तीसगढ़ के टैक्सपेयर का पैसा किसी बाहरी कंपनी के हाथों में ‘कमीशन’ के रूप में फेंका जा रहा है?
स्थानीय पत्रकारों पर “डाका”, बाहरी कंपनी पर “खुला खज़ाना”
स्थानीय पत्रकार जब जनसंपर्क विभाग में विज्ञापन के लिए जाते हैं, तो जवाब मिलता है:“बजट नहीं है।” लेकिन उसी विभाग से बाहरी कंपनी/चैनल को लाखों-करोड़ों का विज्ञापन दिया जा रहा है। यह किसे धोखा है? यह किसे दबाने की नीति है? और यह किसकी जेब भरने की साजिश है?

ये सिर्फ “फिल्म” नहीं, यह सिस्टम है!
छत्तीसगढ़ संवाद के अधिकारियों द्वारा कमीशन के चलते बाहरी कंपनी को विज्ञापन दिया जा रहा है, जबकि स्थानीय पत्रकारों के हक में डाका मारा जा रहा है। ऐसा लगता है जैसे स्थानीय पत्रकारों को बजट खत्म दिखाकर बाहर वालों को खुला धन दिया जा रहा है।
यह मामला सिर्फ ‘फिल्म’ का नहीं है। यह छत्तीसगढ़ की मीडिया, पत्रकारिता और जनता के पैसे पर चल रही लूट का मामला है।
अगर सरकार को पारदर्शिता और निष्पक्षता पर विश्वास है, तो जवाब देना पड़ेगा — वरना यह भ्रष्टाचार की सबसे बड़ी शर्म बन जाएगा।

