March 6, 2026

गाइड लाइन की दरों की वापसी पर सरकार तुरंत निर्णय ले – कांग्रेस

0
congress-rally-arrested-84-780x405 (1)

रायपुर – गाइडलाइन दरों में की गई बेतहाशा वृद्धि की वापसी पर सरकार का कोई फैसला नहीं लेना जनता पर अत्याचार है प्रदेश कांग्रेस के संचार विभाग के अध्यक्ष सुशील आनंद शुक्ला ने कहा है कि गाइडलाइन की दरें जिस प्रकार से बढ़ाई गई है उससे पूरे प्रदेश में जनमत सरकार के खिलाफ है। बिना किसी सलाह मशवरे के बिना सुझाव बिना दावा आपत्ति के अचानक जमीनों की गाइडलाइंडर कई गुना बढ़ा दी गई इसके विरोध में प्रदेश की आम जनता शांतिपूर्ण प्रदर्शन कर रही है। इस अलोकतांत्रिक सरकार में असहमति के लिए कोई स्थान नहीं है, सरकार के गलत नीतियों के खिलाफ हो रहे प्रदर्शनों को कुचलने के लिए बर्बरता पर उतर आई है, महिलाओं और कारोबारियों को पीटा जा रहा है, लाठी डंडे और लात घुसे चलाए जा रहे हैं, जेल भेजे जा रहे हैं।

प्रदेश कांग्रेस के संचार प्रमुख सुशील आनंद शुक्ला ने कहा है कि सत्ता के अहंकार में भारतीय जनता पार्टी के नेता जमीन कारोबारीयों को अपराधी के तौर पर प्रस्तुत कर रही है, किसानों, गरीब मध्यमवर्गीय परिवारों के द्वारा भूखंड खरीदने वालों को भ्रष्टाचारी बता रही है, क्या जमीन की खरीदी बिक्री करना इस सरकार में अपराध हो गया है? रोजी, रोजगार, नौकरी तो यह सरकार दे नहीं पा रही, यदि कोई व्यक्ति जमीन के कारोबार से अपना परिवार पाल रहा है, तो इस सरकार में वह अपराधी हो गया?

प्रदेश कांग्रेससंचार विभाग के अध्यक्ष सुशील आनंद शुक्ला ने कहा है कि इस सरकार के तुगलकी फरमान से अनेकों जगहों पर जमीन की रजिस्ट्री का खर्च 10 गुना तक बढ़ गया है, 50 हजार की रजिस्ट्री का खर्च अब 5 लाख से ज्यादा हो गया है, आम आदमी का जमीन मकान खरीदने का सपना टूटने लगा है। जमीन की रजिस्ट्री की लागत बढ़ने से भ्रष्टाचार और कालीकमाई में हिस्सेदार सत्ताधारी दल के भाजपा नेताओं को भले ही फर्क ना पड़े, लेकिन गरीब मध्यम वर्ग परिवार के लिए यह बहुत बड़ी वृद्धि है। किसान छोटा भूखंड खरीदना चाहे तो अब बाजार भाव से कई गुना गाइडलाइन दर होने से स्टैम्प ड्युटी और रजिस्ट्री शुल्क 10 गुना ज्यादा देना पड़ेगा। 5 डिसमिल से कम अर्थात 2200 वर्ग फुट से कम की जमीन पर पहले ही यह सरकार प्रतिबंध लगा दी है, अब जबरिया थोपा गया अनाप शनाप गाइडलाइन दर से आम आदमी के लिए जमीन खरीदना मुश्किल हो गया है। सरकार लोगों को अनुचित विकल्प के लिए मजबूर कर रही है, पूरे प्रदेश में औसत प्रतिदिन रजिस्ट्री की संख्या में 90प्रतिशत तक कमी आई है, लोग पॉवर, मुख्तारनामां, गिफ्ट डीड बनाने लगे हैं, बाजार भाव से कई गुना अधिक गाइडलाइन दर होने से फाइनेंस फ्रॉड, अधित लोन लेकर डिफॉल्ट करने की संभावना भी बढ़ गई है। यह सरकार गाइडलाइन दर को लेकर अपने अनुचित निर्णय पर पुनर्विचार करे, अनुचित वृद्धि वापस ले।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

You may have missed