March 6, 2026

ट्रेवल्स पर छापेमारी, नेताओं और अफसरों की विदेश यात्राओं के दस्तावेज जब्त,ACB-EOW की बड़ी कार्रवाई

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छत्तीसगढ़ – बहुचर्चित शराब घोटाले में आज फिर एक बड़ी कार्रवाई हुई है। ACB-EOW की संयुक्त टीम ने राजधानी रायपुर के पिथालिया कॉम्प्लेक्स स्थित करण ट्रेवल्स पर दबिश दी। जांच में सामने आए नए तथ्यों के आधार पर की गई इस रेड ने मामले में कई चौंकाने वाले सुराग खोल दिए हैं।

टीम को यहां से ऐसे कई दस्तावेज मिले हैं, जिनमें वरिष्ठ अधिकारियों, प्रभावशाली नेताओं और संवैधानिक पदों पर बैठे लोगों की हवाई यात्राओं और होटल बुकिंग का पूरा रिकॉर्ड मौजूद है।

टीम के अनुसार, दस्तावेजों में देश-विदेश के दौरे, कश्मीर की ट्रिप, उदयपुर यात्रा और तिरुपति दर्शन से जुड़ी बुकिंग डिटेल शामिल हैं। इन बुकिंग्स के भुगतान में कही-न-कहीं शराब घोटाले के अवैध पैसों के इस्तेमाल की आशंका जताई जा रही है। कई बुकिंग रिकॉर्ड ऐसे हैं, जिनमें कैश पेमेंट का स्पष्ट उल्लेख है।

छत्तीसगढ़ में 2019 से 2023 के बीच कांग्रेस शासनकाल में शराब नीति में बदलाव कर कुछ खास सप्लायरों को फायदा पहुंचाया गया। लाइसेंस और टेंडर प्रक्रिया में ऐसी शर्तें जोड़ी गईं, जिससे चुनिंदा कंपनियों को काम मिलने का रास्ता आसान हो गया। इसके बाद नोएडा की एक कंपनी से नकली होलोग्राम और सील बनवाकर शराब की महंगी बोतलें सरकारी दुकानों तक पहुंचाई गईं।

नकली होलोग्राम की वजह से बिक्री का सही रिकॉर्ड शासन तक नहीं पहुंच पाता था। न एक्साइज टैक्स जमा होता और न बिक्री का हिसाब चढ़ता। इसी तरीके से सरकार को 2165 करोड़ रुपये का नुकसान पहुंचाया गया, जबकि ये पैसा कथित रूप से नेताओं, अधिकारियों और पार्टी गतिविधियों में बांटा गया।

पूर्व आबकारी मंत्री कवासी लखमा,
पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के बेटे चैतन्य बघेल,
पूर्व IAS अनिल टुटेजा,
एजाज ढेबर के भाई अनवर ढेबर।

इसके अलावा आबकारी विभाग के 28 अधिकारी भी आरोपी बनाए गए थे, जिन्हें फिलहाल सुप्रीम कोर्ट से जमानत मिल चुकी है। जांच एजेंसी का कहना है कि रायपुर में आज की रेड सिर्फ शुरुआत है। टीम अभी भी कई दस्तावेजों की छानबीन कर रही है और आने वाले दिनों में और कार्रवाई संभव है।

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