सरकार ने 8वें केंद्रीय वेतन आयोग को दी मंजूरी, 50 लाख सरकारी कर्मचारियों के लिए बड़ी राहत,1 जनवरी 2026 से लागू होंगी
नई दिल्ली – केंद्र सरकार ने 8वें केंद्रीय वेतन आयोग के गठन को मंजूरी दे दी है। केंद्रीय कैबिनेट ने जनवरी 2025 में इसके गठन का प्रस्ताव पारित किया था और अब इसके बिंदु को भी स्वीकृति मिल गई है। यह आयोग अपनी रिपोर्ट 18 महीनों के भीतर पेश करेगा, यानी इसकी सिफारिशें 1 जनवरी 2026 से लागू मानी जाएंगी। यह निर्णय करीब 50 लाख केंद्रीय सरकारी कर्मचारियों और पेंशनभोगियों के लिए राहत लेकर आया है।
आयोग का मुख्य उद्देश्य केंद्रीय कर्मचारियों के वेतन ढांचे, सेवानिवृत्ति लाभ और भत्तों की समीक्षा करना है।
- देश की आर्थिक स्थिति और राजकोषीय अनुशासन की आवश्यकता।
- विकास और कल्याणकारी योजनाओं के लिए पर्याप्त संसाधन सुनिश्चित करना।
- गैर-योगदान आधारित पेंशन योजनाओं की लागत का आकलन।
- राज्य सरकारों के वित्त पर संभावित प्रभाव का अध्ययन, क्योंकि वे आमतौर पर केंद्र की सिफारिशों को अपनाती हैं।
- केंद्रीय सार्वजनिक क्षेत्र उपक्रमों और निजी क्षेत्र के कर्मचारियों की वेतन संरचना और कार्य स्थितियों की तुलना।
केंद्रीय वेतन आयोगों का गठन लगभग हर 10 साल में किया जाता है। पिछला यानी 7वां वेतन आयोग 2016 से लागू हुआ था, जिसने कर्मचारियों के वेतन में बड़ा इजाफा किया था। अब 8वां आयोग उसी परंपरा को आगे बढ़ाएगा, जिससे आने वाले वर्षों में कर्मचारियों की वेतन वृद्धि और जीवनस्तर सुधार की उम्मीद बढ़ गई है।
कर्मचारियों में खुशी, उम्मीदें बढ़ीं
इस फैसले के बाद सरकारी कर्मचारियों में उत्साह है। कई कर्मचारी संगठनों ने सरकार के इस निर्णय का स्वागत किया है। उनका मानना है कि महंगाई दर और जीवन-यापन की लागत को देखते हुए 8वां वेतन आयोग समय की मांग थी।सरकार ने स्पष्ट किया है कि आयोग एक अस्थायी निकाय होगा, जिसमें एक अध्यक्ष, एक सदस्य और एक सदस्य-सचिव होंगे। आयोग अपने गठन की तारीख से 18 महीने के भीतर अपनी अंतिम रिपोर्ट सरकार को सौंपेगा। इसके बाद कैबिनेट इसे मंजूरी देगी और इसे 1 जनवरी 2026 से लागू किया जाएगा।

