कांग्रेस ने थाने का किया घेराव,राहुल गांधी पर बयान को लेकर बढ़ा विवाद,भाजपा प्रवक्ता के खिलाफ कार्रवाई की मांग
रायपुर – आज सैंकड़ों की संख्या में कांग्रेसियों ने सिविल लाईन थाने का घेराव किये। विकास उपाध्याय ने बताया कि लोकसभा के नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी को सीने में गोली मारने के अशोभनीय बयान को लेकर केरला बीजेपी प्रवक्ता पिन्टू अमित महादेव के ऊपर एफआईआर दर्ज कराने बीते दिनों काफी संख्या में कांग्रेसजन सिविल लाईन थाना पहुँचे थे और एफआईआर की मांग को लेकर आवेदन दिये थे । लेकिन आज तक बीजेपी प्रवक्ता पिन्टू अमित महादेव के ऊपर एफआईआर नहीं की गई है जबकि पश्चिम बंगाल की सांसद महुआ मोईत्रा द्वारा देश के गृहमंत्री अमित शाह को लेकर बयान दिया गया था और माना थाने में भारतीय जनता पार्टी के कार्यकर्ताओं द्वारा एफआईआर कराई गई है। जबकि राहुल गांधी के ऊपर ऐसे ही बयान दिये जाने को लेकर असम, महाराष्ट्र, उत्तरप्रदेश, गुजरात सहित अनेकों प्रदेश में एफआईआर दर्ज किये गये हैं लेकिन भारतीय जनता पार्टी के प्रवक्ता के ऊपर मामला दर्ज नहीं किया जा रहा है। अब क्या एक प्रदेश में दो कानून चलेगा? पुलिस प्रशान भारतीय जनता पार्टी की कठपुतली बन चुकी है। उपाध्याय ने कहा कि पुलिस थाने का नामकरण कर देना चाहिए कि अब से पुलिस थाने को एकात्म परिसर के नाम से जाना जाये।
गिरीश दुबे ने कहा कि भारतीय जनता पार्टी की सरकार डंडे के दम पर इस प्रदेश में सरकार चला रही है जहाँ एक ओर लोकसभा के नेताप्रतिपक्ष को सीधे गोली मारने की बात सत्ताधारी पार्टी के प्रवक्ता द्वारा कहा जाता है और उस पर एफआईआर तक नहीं किया जाना एक सोचनीय विषय है कि इस प्रदेश को भारतीय जनता पार्टी के नेता कहाँ लेकर जा रहे हैं।

उपाध्याय ने कहा कि यदि आज तत्काल बीजेपी केरला प्रवक्ता पिन्टू अमित महादेव के ऊपर एफआईआर दर्ज नहीं किया जाता है तो ऐसी स्थिति में हम न्यायालय का दरवाजा खटखटायेंगे और पुलिस विभाग के खिलाफ भी न्यायालयीन लड़ाई लड़ेंगे।
उपाध्याय ने कहा कि राहुल गांधी जी ऐसे शहीद परिवार से आते हैं जहाँ उनके पिताजी को बम से उड़ा दिया गया और उनकी दादीजी को गोलियों से छल्ली कर दिया गया उसके बाद भी राहुल गांधी जी निडर होकर आज करोड़ों लोगों की आवाज सड़क से लेकर सदन तक बुलन्द कर रहे हैं ऐसी स्थिति में भारतीय जनता पार्टी द्वारा ऐसा बयान देना निंदनीय है और सोचनीय भी है कि कहीं राहुल गांधी जी की हत्या की साजिश तो नहीं रची जा रही है।

