3 नक्सलियों का सरेंडर, दो महिलाएं भी शामिल
गरियाबंद – नक्सल उन्मूलन अभियान को एक और बड़ी सफलता मिली है। 1-1 लाख के इनामी तीन सक्रिय माओवादियों ने हथियारों के साथ आत्मसमर्पण कर दिया है। सरेंडर करने वालों में दो महिलाएं भी शामिल हैं। ये सभी लंबे समय से माओवादी संगठनों से जुड़े हुए थे और कई बड़ी नक्सली घटनाओं में इनकी सक्रिय भूमिका रही है।
तीनों नक्सलियों ने शासन की आत्मसमर्पण और पुनर्वास नीति से प्रभावित होकर हिंसा का रास्ता छोड़ने का फैसला लिया है। आत्मसमर्पण करने वालों ने कहा कि अब वे समाज की मुख्यधारा में लौटकर सामान्य जीवन जीना चाहते हैं। उन्होंने यह भी स्वीकार किया कि माओवादी संगठन अब केवल शोषण और हिंसा का माध्यम बनकर रह गया है।
तीनों नक्सलियों ने आत्मसमर्पण के बाद खुलासा किया कि अब संगठन की विचारधारा पूरी तरह खोखली हो चुकी है। अब वहां सिर्फ निर्दोष ग्रामीणों की हत्या, जबरन वसूली और दबाव से जीने की मजबूरी है। जंगलों में भटकना, बिना इलाज, बिना सुरक्षा के जीवन जीना, और बड़े नेताओं की गुलामी करना ही रोजमर्रा का हिस्सा बन गया था। उन्होंने कहा कि जो साथी पहले आत्मसमर्पण कर चुके हैं, उन्हें देखकर प्रेरणा मिली, क्योंकि वे आज एक सुखद और सुरक्षित जीवन जी रहे हैं।

