March 7, 2026

एक्सक्लूसिव: इंग्लिश मीडियम स्कूल में हिंदी माध्यम शिक्षक,प्राचार्य की मनमानी, BEEO-DEO के आदेश ताक पर,200 बच्चों के भविष्य के साथ मज़ाक

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रिपोर्टर- शशिकांत देवांगन ( सनसनी)

राजनांदगांव– जिले से एक चौंकाने वाली खबर सामने आ रही है… जहां एक सरकारी अंग्रेजी माध्यम स्कूल सिर्फ नाम का ‘English Medium’ है। स्कूल में पढ़ाने वाले शिक्षक अंग्रेजी पढ़ा नहीं सकते और पढ़ना तो दूर, बोलना भी नहीं आता। हद तो तब हुई जब ब्लॉक और जिला शिक्षा अधिकारियों के आदेशों को दरकिनार कर स्कूल प्राचार्य ने अपने चहेते शिक्षकों को फायदा पहुँचाया।

हम बात कर रहे हैं राजनांदगांव के गंजपारा क्षेत्र की उस सरकारी अंग्रेजी माध्यम स्कूल की, जिसे डॉ. रमन सिंह के मुख्यमंत्री कार्यकाल 2018 में शुरू किया गया था। नाम है “शासकीय प्राथमिक अंग्रेजी माध्यम बालक शाला गंजपारा”, पर हकीकत में यह स्कूल सिर्फ नाम का इंग्लिश मीडियम है। इस स्कूल में नियुक्त किए गए 9 में से ज़्यादातर शिक्षक हिंदी माध्यम से पढ़े हुए हैं, जिन्हें न तो धाराप्रवाह अंग्रेजी बोलना आता है और न ही पढ़ाना। स्कूल की प्राचार्य राबिया सादाब भी खुद हिंदी माध्यम की हैं।

इतना ही नहीं, इस स्कूल के रिजल्ट में स्कूल का नाम हर क्लास में अलग-अलग लिखा जा रहा है। चौथी कक्षा के रिजल्ट में कुछ और, पांचवी में कुछ और। यूडाईस पोर्टल पर भी स्कूल हिंदी माध्यम के तौर पर दर्ज है, लेकिन चल रहा है इंग्लिश मीडियम के नाम पर। यानी सरकारी दस्तावेज़ों में भी भारी गड़बड़ी।

“मामले की शिकायत मिलते ही हमने नोटिस जारी किया और संबंधित शिक्षकों को रिलीव कर दिया गया है। भविष्य में ऐसी लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।”

स्कूल में हो रही अनियमितताओं की लिखित शिकायत पुलिस विभाग तक पहुंच चुकी है, लेकिन अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई। जानकार मानते हैं कि यह स्कूल पूर्व मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह के विधानसभा क्षेत्र में आता है, इसलिए प्रशासनिक दबाव में मामले को दबाया जा रहा है।

एक तरफ सरकार शिक्षा व्यवस्था को सुधारने के लिए नित नए प्रयोग कर रही है, तो दूसरी ओर ज़मीनी स्तर पर इस तरह की लापरवाहियां बच्चों के भविष्य के साथ बड़ा खिलवाड़ हैं। अब देखना यह होगा कि इस मामले में शिक्षा विभाग क्या कार्रवाई करता है और कब तक दिखावे के इंग्लिश स्कूल वाकई “इंग्लिश मीडियम” बन पाएंगे।

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