बिजली दरों में वृद्धि से टूटी आम जनता की कमर,जेब पर सीधी मार, बजट बिगड़ा — सरकार ले फैसला वापस: विकास उपाध्याय
रायपुर – पूर्व विधायक विकास उपाध्याय ने विज्ञप्ति जारी कर छत्तीसगढ़ में विद्युत नियामक आयोग के बिजली दर बढ़ाने के फैसले का विरोध किया है उन्होंने कहा है कि छत्तीसगढ़ विद्युत नियामक आयोग द्वारा घरेलू उपभोक्ताओं के लिए प्रति यूनिट 20 पैसे की बिजली दर वृद्धि का निर्णय बेहद निंदनीय है। यह फैसला प्रदेश की आम जनता, विशेषकर गरीब, मध्यमवर्गीय परिवारों और किसानों की जेब पर सीधी चोट है और उनके घरेलू बजट को पूरी तरह से बिगाड़ने वाला कदम है।
इस पर पूर्व विधायक कांग्रेस नेता श्री विकास उपाध्याय ने कड़ा एतराज़ जताते हुए कहा— “बिजली दरों में यह वृद्धि केवल आंकड़ों की नहीं, बल्कि आम आदमी की थाली, पढ़ाई, स्वास्थ्य और जीवनशैली पर सीधा असर डालती है। पहले से ही बढ़े हुए गैस, पेट्रोल, दूध और दाल के दामों के बीच अब बिजली की मार ने लोगों का बजट पूरी तरह से हिला दिया है।”
उन्होंने कहा कि—”एक ओर सरकार ‘जनकल्याण’ की बातें करती है, दूसरी ओर आम परिवारों पर बोझ डालने वाले निर्णय लेकर उनके जीवन को और कठिन बना रही है। यह नीति पूरी तरह से जनविरोधी और असंवेदनशील है।”
उपाध्याय ने सरकार से तीन मुख्य मांगें की हैं:
- बिजली दरों में की गई वृद्धि को अविलंब रद्द किया जाए।
- ऊर्जा नीति में पारदर्शिता लाई जाए और उपभोक्ताओं के हितों को प्राथमिकता दी जाए।
- बिजली दर में कोई भी बदलाव करने से पूर्व उपभोक्ता संगठनों एवं जनप्रतिनिधियों से विमर्श किया जाए।
उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि यदि सरकार ने जनता की आवाज़ को अनसुना किया, तो कांग्रेस पार्टी जनहित में सड़कों पर उतरेगी और प्रदेशव्यापी जन आंदोलन खड़ा किया जाएगा

