July 24, 2026

छत्तीसगढ़ के निजी मेडिकल कॉलेजों में अप्रवासी भारतीय कोटे की सीटें बेचने का षड्यंत्र

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रायपुर – छत्तीसगढ़ के निजी मेडिकल कॉलेजों में अप्रवासी भारतीय छात्रों के कोटे में फर्जीवाड़े का आरोप लगाते हुए प्रदेश कांग्रेस चिकित्सा प्रकोष्ठ के अध्यक्ष डॉ. राकेश गुप्ता ने कहा है कि सत्ता के संरक्षण में छत्तीसगढ़ में शिक्षा माफिया सक्रिय है। भारतीय जनता पार्टी की साय सरकार में निजी चिकित्सा महाविद्यालयों में प्रवेश के लिए पात्रता जो माननीय उच्च न्यायालय बिलासपुर और सर्वोच्च न्यायालय के द्वारा तय किया गया, जिस प्रक्रिया और गाइडलाइन का पालन होना चाहिए, नहीं किया जा रहा है। अप्रवासी भारतीय कोटे में भर्ती प्रक्रिया के संदर्भ में छत्तीसगढ़ चिकित्सा शिक्षा विभाग के 13 अक्टूबर 2024 के पत्र क्रमांक थ् 17-37/2024/55 के द्वारा उक्त संदर्भ में स्पष्ट निर्देश दिए गए हैं। महाधिवक्ता कार्यालय से भी अभिमत भेजा गया था, लेकिन सरकार के संरक्षण में फर्जीवाड़ा बंद नहीं हुआ, इस वर्ष फिर वही खेल चालू है। सरकार की मंशा पात्र अभ्यर्थियों को लाभ देने के बजाय गलत तरीके से मेडिकल की सीट बेचने की है।

प्रदेश कांग्रेस चिकित्सा प्रकोष्ठ के अध्यक्ष डॉ. राकेश गुप्ता ने कहा है कि निजी मेडिकल कॉलेज में अप्रवासी भारतीय छात्रों के कोटे से प्रवेश के संदर्भ में माननीय सर्वोच्च न्यायालय ने अपने निर्णय में स्पष्ट तौर पर कहा है कि एनआरआई कोटे के संदर्भ में वंशावली के निकटतम रिश्तेदारों को ही निर्धारित आरक्षण का लाभ दिया जाना चाहिए। सुप्रीम कोर्ट ने यह भी कहा है कि प्रशासन भर्ती प्रक्रिया को पारदर्शी और विश्वसनीय बनाएं, लेकिन छत्तीसगढ़ सरकार की नियत इससे बिल्कुल उलट दिख रही है।

प्रदेश कांग्रेस चिकित्सा प्रकोष्ठ के अध्यक्ष डॉ. राकेश गुप्ता ने कहा है कि निजी मेडिकल कॉलेज में प्रवेश के संदर्भ में केंद्रीय अधिनियम ने स्पष्ट किया है कि प्रवासी भारतीयों की श्रेणी की सीटे प्रमाणित करने के लिए समुचित वंशावली, प्रमाण पत्र, परिभाषा एवं श्रेणी के अनुसार प्रवेश देने के निर्धारित तिथि तक गाइडलाइन के अनुसार ही नीट उत्तीर्ण विद्यार्थी मेरिट क्रम में अप्रवासी भारतीय छात्रों को प्रवेश देने की व्यवस्था है। एनआरआई कोटे के अंतर्गत आने वाले नीट उत्तीर्ण विद्यार्थी उपलब्ध न होने पर मुक्त (ओपन) श्रेणी मेरिट के अनुसार विद्यार्थियों को प्रवेश देना पड़ेगा। लेकिन छत्तीसगढ़ में शिक्षा माफिया सरकार और कुछ निजी मेडिकल कॉलेज मिलकर प्रवासी भारतीय छात्रों के कोटे की सीट बेचने का षड्यंत्र रच रहे हैं।

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