मंत्री लक्ष्मी राजवाड़े के विभागों के लिए 9820 करोड़ रूपए से अधिक की अनुदान मांगें पारित
रायपुर – छत्तीसगढ़ विधानसभा में आज मंत्री लक्ष्मी राजवाड़े के विभागों के लिए वित्तीय वर्ष 2025-26 के लिए 9820 करोड़ रूपए की अनुदान मांगे पारित की गई, जिसमें महिला एवं बाल विकास विभाग के लिए 8245 करोड़ रूपए तथा समाज कल्याण विभाग के लिए 1575 करोड़ रूपए की अनुदान मांगें शामिल हैं।
लक्ष्मी राजवाड़े ने सदन को बताया कि महतारी वंदन योजना के तहत महिलाओं को समाज में आर्थिक रूप से सबल और सशक्त बनाये जाने हेतुु विगत वित्तीय वर्ष के मुख्य बजट में 3000 करोड़ रूपये का प्रावधान किया गया था, जिसमें वृद्धि करते हुए वित्तीय वर्ष 2025-26 के मुख्य बजट में 5500 करोड़ रूपये का बजट प्रावधान किया गया है। योजना को और अधिक जनहितकारी व हितग्राहीमूलक बनाये जाने हेतु ई.के.वाय.सी. के लिए राशि रूपये 4 करोड़ 90 लाख का बजट प्रावधान किया गया है।
महिला एवं बाल विकास मंत्री लक्ष्मी राजवाड़े ने कहा कि कामकाजी महिलाओं के बच्चों की देखभाल, पोषण व उनके बौद्धिक विकास के लिए पालना केन्द्रों के संचालन के लिए बजट में 10 करोड़ रूपये का प्रावधान रखा गया है। महिला सुरक्षा एवं संरक्षण से संबंधित प्रचलित कानूनों के क्रियान्वयन के लिए 5 करोड़ 11 लाख रूपये का प्रावधान रखा गया है। बाल विवाह मुक्त छत्तीसगढ़ अभियान के तहत जनजागरूकता एवं विशेष अभियान हेतु प्रस्तावित बजट में 1 करोड़ 50 लाख रूपये का प्रावधान किया गया है।
राजवाड़े ने कहा कि आंगनबाड़ी केन्द्रों सहित विभागीय भवनों के मरम्मत व विद्युत व्यवस्था के सुदृढ़ीकरण के लिए 50 करोड़ रूपये का बजट प्रावधान रखा गया है, जिसमें स्वयं के भवनों में संचालित आंगनबाड़ी केन्द्रों में विद्युत सुविधा पहुंचाने के लिए राशि रूपये 2 करोड़ का नवीन मद में प्रावधान शामिल किया गया है। आंगनबाड़ी केन्द्रों में सुविधाओं का विस्तार व संचालन के लिए वर्ष 2025-26 के बजट में आंगनबाड़ी सेवायें-सामान्य अन्तर्गत 700 करोड़ रूपये का प्रावधान किया गया है।
उन्होंने कहा कि ‘’पीएमजनमन’’ योजना अन्तर्गत प्रथम चरण में 80 बसाहटों में आंगनबाड़ी केन्द्र संचालित की जा रही है। इस योजना हेतु बजट में 11 करोड़ 40 लाख रूपये का वित्तीय प्रावधान किया गया है। कार्यकर्ताओं एवं सहायिकाओं को दिये जाने वाले मानदेय एवं अन्य हितलाभ के लिए 500 करोड़ रूपये का बजट प्रस्तावित किया गया है। इसके साथ ही इस बजट की थीम “गति“ अंतर्गत टेक्नोलॉजी को ध्यान में रखते हुए आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं एवं सहायिकाओं के मानदेय एवं अन्य भुगतान हेतु “सम्मान सुविधा प्रणाली“ का शुभारंभ किया गया है, जिसके माध्यम से केन्द्रीकृत रूप से डिजीटल प्रणाली का उपयोग कर भुगतान की कार्यवाही की जाएगी। आंगनवाड़ी केन्द्रों के माध्यम से हितग्राहियों को पौष्टिक आहार उपलब्ध कराने हेतु बजट में 700 करोड़ रूपये का प्रावधान रखा है। केन्द्र व राज्य सरकार की निधि से वित्तीय वर्ष 2025-26 के बजट में इस हेतु 6740 आंगनबाड़ी केन्द्र के उन्नयन का लक्ष्य रखा है। शहरी क्षेत्र में 150 आंगनबाड़ी भवन निर्माण हेतु 18 करोड़ रूपए और ग्रामीण क्षेत्र में मनरेगा अभिसरण से आंगनबाड़ी केन्द्रों में 2000 भवन निर्माण हेतु विभागीय अंशदान की राशि रूपये 40 करोड़ रूपये का प्रावधान किया गया है।
किशोरी बालिकाओं की महवारी स्वच्छता को दृष्टिगत रखते हुए राज्य के विद्यालयों तथा महाविद्यालयों में सेनेटरी नेपकिन की वेंडिंग मशीन एवं भस्मक मशीन की स्थापना कराये जाने हेतु 13 करोड़ रूपये का बजट प्रावधान रखा गया है। ‘पोषण अभियान के क्रियान्वयन के लिए वर्ष 2025-26 के बजट में पोषण अभियान के संचालन हेतु राशि 125 करोड़ रूपये का बजट प्रावधान किया गया है।
राजवाड़े ने कहा कि मुख्यमंत्री कन्या विवाह योजना के क्रियान्वयन के लिए प्रस्तावित बजट में 8000 कन्याओं के विवाह का लक्ष्य रखते हुए 40 करोड़ रूपए का बजट प्रावधान रखा गया है।
छत्तीसगढ़ महिला कोष द्वारा संचालित ऋण योजना का लाभ अधिक से अधिक स्व-सहायता समूहों तक पहुंचाने हेतु बजट में छत्तीसगढ़ महिला कोष हेतु राशि रू. 5 करोड़ का बजट प्रावधान किया गया है। बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ योजना संचालन के लिए 5 करोड़ 3 हजार का बजट प्रावधान किया गया है। 6 नये जिलों में सखी वन स्टॉप सेंटर के संचालन की स्वीकृति हुईं है, जिसके लिए 20 करोड़ रूपये का प्रावधान रखा गया है।
केन्द्र सरकार द्वारा लागू मिशन शक्ति की सामर्थ्य घटक अंतर्गत राज्य स्तर पर राज्य स्तरीय महिला सशक्तिरण केन्द्र एवं जिला स्तरीय महिला सशक्तिकरण केन्द्र्र स्थापित किया जा रहा है, जिसके लिए 11 करोड़ 58 लाख 2 हजार का बजट प्रावधान रखा गया है। शक्ति सदन योजना के संचालन के लिए 3 करोड़ 39 लाख 50 हजार का बजट प्रावधान किया गया है।
मंत्री राजवाड़े ने कहा कि हमारी सरकार के बजट की थीम “गति“ अंतर्गत अधोसंरचना विकास को ध्यान में रखते हुए मिशन वात्सल्य योजना अन्तर्गत पूंजीगत परिसंपत्तियों के निर्माण हेतु राशि 11 करोड़ 82 लाख 17 हजार का प्रावधान किया गया है जिसमें दो वात्सल्य भवन, 16 बालक कल्याण भवन, 19 किशोर न्याय बोर्ड हेतु भवन एवं 3 बाल सम्प्रेक्षण गृह के लिए भी नवीन भवन स्वीकृत किये जा रहे हैं।
प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना अंतर्गत वित्तीय वर्ष 2025-26 के बजट में 100 करोड़ रूपए से अधिक, महिला जागृति शिविर एवं दिशा दर्शन भ्रमण मद में 5 करोड़ रूपये, मिशन वात्सल्य योजना संचालन के लिए 100 करोड़ रूपए से अधिक तथा गैर संस्थागत देखरेख के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए 5 करोड़ रूपये का प्रावधान किया गया है। राज्य बाल अधिकार संरक्षण आयोग द्वारा संचालित विभिन्न कार्यक्रमों एवं योजनाओं के लिए 3 करोड़ 10 लाख रूपये का बजट प्रावधान किया गया है। छत्तीसगढ़ राज्य महिला आयोग के लिए 4 करोड़ 85 लाख रूपये का बजट प्रावधान रखा गया है।

