32 लाख के 7 नक्सलियों ने किया सरेंडर, पुनर्वास नीति से हुए प्रभावित
कांकेर – छत्तीसगढ़ में नक्सली ऑपरेशन को बड़ी सफलता मिल रही है। जहां आए दिन मुठभेड़ हो रही है। वहीं अब सरकार की पुनर्वास नीति से प्रभावित होकर 7 सक्रिय नक्सलियों ने सरेंडर किया है। इन नक्सलियों पर 32 लाख रुपए का इनाम था।
सरेंडर करने वाले नक्सलियों में डीवीसीएम ममता सहित 3 नक्सली ऐसे हैं, जिन पर 8-8 लाख का इनाम था। एक सदस्य पर 5 लाख, 3 पर 1-1 लाख का इनाम था। इन सभी नक्सलियों ने सुरक्षा बलों की बढ़ती ताकत और राज्य सरकार की नीतियों से प्रभावित होकर आत्मसमर्पण किया है। सरेंडर करने वालों को पुनर्वास नीति योजना के तहत प्रोत्साहन राशि 25-25 हजार रुपए प्रदान की गई।
जिन नक्सलियों ने सरेंडर किया है। ये उत्तर बस्तर इलाके में सक्रिय रहे हैं। बस्तर के रावघाट, परतापुर एरिया कमेटी व गढ़चिरौली डिवीजन में सक्रिय थे। ये कई घटनाओं में शामिल रहे हैं। ये नक्सली मुठभेड़, आगजनी और आईईडी ब्लास्ट जैसी घटनाओं को अंजाम देने के लिए भी शामिल रहे। इन्होंने डीआईजी विपुल मोहन बाला (बीएसएफ सेक्टर कन्हारगांव, भानुप्रतापपुर), अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक संदीप पटेल (भानुप्रतापपुर), अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक दिनेश सिन्हा (कांकेर) के समक्ष सरेंडर किया।
नरेंडर करने वाले नक्सलियों में महिला नक्सली भी शामिल हैं। इसमें ममता उर्फ शांता उम्र 60 साल तेलंगाना, दिनेश मट्टामी उम्र 20 साल नारायणपुर, आयतु राम पोटाई उम्र 27 साल कांकेर, इतवारीन पद्दा उम्र 25 साल कांकेर, संजय नरेटी उम्र 23 साल कांकेर, सगनु राम आंचला उम्र 24 साल कांकेर, जमुना नेताम उर्फ नीरा उम्र 50 साल कांकेर ने आत्मसमर्पण किया है।

