जेल की बैरक बनी मौत का मैदान, सो रहे कैदी पर नाली का पत्थर पटककर उतारा मौत के घाट
छत्तीसगढ़ – बिलासपुर स्थित बिलासपुर सेंट्रल जेल से मंगलवार सुबह एक बेहद सनसनीखेज और चौंकाने वाली घटना सामने आई है। जेल की सुरक्षा व्यवस्था को चुनौती देने वाली इस वारदात में एक सजायाफ्ता कैदी ने अपने ही साथी कैदी की नाली ढकने वाले भारी पत्थर से हमला कर हत्या कर दी। घटना के बाद जेल प्रशासन, पुलिस विभाग और कैदियों के बीच हड़कंप मच गया।
मिली जानकारी के अनुसार, यह घटना मंगलवार 23 जून की सुबह उस बैरक में हुई, जहां मानसिक रूप से बीमार कैदियों को रखा जाता है। प्रत्यक्षदर्शियों और जेल सूत्रों के मुताबिक सुबह कुछ कैदी बैरक के भीतर लूडो खेल रहे थे, जबकि कैदी नीलू जगत अपनी जगह पर सो रहा था। इसी दौरान एक सजायाफ्ता कैदी अचानक उग्र हो गया और बैरक के भीतर मौजूद नाली को ढकने वाले भारी पत्थर को उठाकर नीलू जगत के सिर पर जोरदार तरीके से पटक दिया।
हमला इतना भयानक था कि नीलू जगत गंभीर रूप से घायल होकर मौके पर ही बेहोश हो गया। बैरक में मौजूद अन्य कैदियों के शोर मचाने पर जेल कर्मचारियों को घटना की जानकारी मिली। आनन-फानन में घायल कैदी को उपचार के लिए अस्पताल पहुंचाया गया, लेकिन गंभीर सिर की चोटों के कारण इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई।
घटना की सूचना मिलते ही जेल प्रशासन के वरिष्ठ अधिकारी और पुलिस टीम तत्काल मौके पर पहुंची। पूरे घटनास्थल को सुरक्षा घेरे में लेकर जांच शुरू कर दी गई। पुलिस ने शव का पंचनामा तैयार कर पोस्टमार्टम की प्रक्रिया शुरू कर दी है, वहीं आरोपी कैदी को हिरासत में लेकर अलग बैरक में शिफ्ट कर दिया गया है।
इस सनसनीखेज हत्या के बाद जेल परिसर में सुरक्षा व्यवस्था को और सख्त कर दिया गया है। अतिरिक्त सुरक्षा बलों की तैनाती की गई है तथा कैदियों की गतिविधियों पर विशेष निगरानी रखी जा रही है। जेल प्रशासन के अधिकारियों का कहना है कि घटना के पीछे की वास्तविक वजह का अभी तक खुलासा नहीं हो सका है। आरोपी कैदी से लगातार पूछताछ की जा रही है ताकि यह पता लगाया जा सके कि हमला किसी पुरानी रंजिश का परिणाम था या फिर अचानक हुए विवाद का नतीजा।
इस घटना ने जेल प्रशासन की कार्यप्रणाली और सुरक्षा इंतजामों पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। सबसे बड़ा सवाल यह है कि जेल परिसर के अंदर मौजूद नाली ढकने वाला भारी पत्थर कैदियों की पहुंच में कैसे था। यदि सुरक्षा मानकों का सही तरीके से पालन किया जाता तो शायद इतनी बड़ी घटना को रोका जा सकता था। अब जांच का एक महत्वपूर्ण बिंदु यह भी होगा कि सुरक्षा में कहीं कोई लापरवाही तो नहीं बरती गई।
फिलहाल पुलिस और जेल प्रशासन पूरे मामले की गहन जांच में जुटे हुए हैं। वहीं इस हत्या की खबर फैलते ही प्रदेशभर में चर्चा का विषय बन गई है। जेल जैसी सुरक्षित मानी जाने वाली जगह में हुई इस खूनी वारदात ने सुरक्षा व्यवस्था पर कई गंभीर प्रश्नचिह्न लगा दिए हैं।

