राहुल गांधी के छत्तीसगढ़ दौरे से पहले सियासी संग्राम, बीजेपी विधायक ने कहा “दिल्ली से जोकर आ रहा”, कांग्रेस का पलटवार
रायपुर/अभनपुर – छत्तीसगढ़ की राजनीति में राहुल गांधी के प्रस्तावित दौरे से पहले ही सियासी पारा चरम पर पहुंच गया है। कांग्रेस के 10 दिवसीय प्रशिक्षण शिविर की शुरुआत के साथ ही बीजेपी और कांग्रेस के बीच तीखी बयानबाजी का दौर शुरू हो गया है। बीजेपी विधायक पुरंदर मिश्रा ने राहुल गांधी पर निशाना साधते हुए उन्हें “दिल्ली से आने वाला जोकर” बता दिया, जिसके बाद कांग्रेस ने भी आक्रामक जवाब देते हुए विधायक के बयान को उनकी मानसिकता का परिचायक बताया।
दरअसल, कांग्रेस का 10 दिवसीय संगठनात्मक प्रशिक्षण शिविर आज से अभनपुर में शुरू हो गया है। इस शिविर में प्रदेशभर के जिला अध्यक्षों, ब्लॉक पदाधिकारियों और संगठन के प्रमुख कार्यकर्ताओं को राजनीतिक और संगठनात्मक प्रशिक्षण दिया जाएगा। इसी कार्यक्रम में शामिल होने के लिए 21 जून को कांग्रेस नेता Rahul Gandhi छत्तीसगढ़ पहुंच रहे हैं।
राहुल गांधी के दौरे को लेकर बीजेपी विधायक पुरंदर मिश्रा ने तंज कसते हुए कहा कि “दिल्ली से जोकर आ रहा है और यहां 10 दिन तक तमाशा और मनोरंजन चलेगा।” उनके इस बयान ने प्रदेश की राजनीति में नई बहस छेड़ दी है। बीजेपी विधायक के इस बयान को कांग्रेस ने राहुल गांधी का अपमान बताते हुए कड़ी प्रतिक्रिया दी है।
पूर्व विधायक और कांग्रेस नेता विकास उपाध्याय ने पलटवार करते हुए कहा कि पुरंदर मिश्रा को इलाज की जरूरत है और कांग्रेस उनका इलाज कराने के लिए तैयार है। उन्होंने कहा कि विधायक केवल सुर्खियां बटोरने और अपना राजनीतिक कद बढ़ाने के लिए इस तरह की बयानबाजी कर रहे हैं। विकास उपाध्याय ने आगे कहा कि पुरंदर मिश्रा खुद “एक्सीडेंटल विधायक” हैं और उन्हें पहले अपनी राजनीतिक स्थिति पर विचार करना चाहिए।
कांग्रेस नेताओं का कहना है कि राहुल गांधी का दौरा संगठन को नई दिशा देने वाला साबित होगा। वहीं बीजेपी लगातार कांग्रेस के प्रशिक्षण शिविर और राहुल गांधी के कार्यक्रम को लेकर हमलावर बनी हुई है। दोनों दलों के नेताओं के बीच जुबानी जंग ने राजनीतिक माहौल को और गर्म कर दिया है।
अभनपुर में आयोजित इस प्रशिक्षण शिविर में छत्तीसगढ़ कांग्रेस प्रभारी Sachin Pilot सहित कई वरिष्ठ नेता मौजूद रहेंगे। शिविर के दौरान संगठन को मजबूत करने, आगामी चुनावी रणनीति तैयार करने और कार्यकर्ताओं को वैचारिक प्रशिक्षण देने पर विशेष जोर दिया जाएगा। राहुल गांधी भी लगभग साढ़े पांच घंटे तक कार्यक्रम में मौजूद रहेंगे और कार्यकर्ताओं को संबोधित करेंगे।
राहुल गांधी के आगमन से पहले शुरू हुई यह बयानबाजी अब बड़े राजनीतिक विवाद का रूप ले चुकी है। एक तरफ बीजेपी राहुल गांधी को लेकर तीखे हमले कर रही है, तो दूसरी ओर कांग्रेस भी उसी आक्रामक अंदाज में जवाब दे रही है। ऐसे में 21 जून का राहुल गांधी दौरा केवल संगठनात्मक कार्यक्रम नहीं, बल्कि छत्तीसगढ़ की राजनीति में शक्ति प्रदर्शन और सियासी टकराव का बड़ा मंच बनने जा रहा है।
फिलहाल, राहुल गांधी के आगमन से पहले छत्तीसगढ़ की राजनीति में शब्दों के वार तेज हो गए हैं और दोनों दलों के बीच सियासी संघर्ष खुलकर सामने आ गया है।

