प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष दीपक बैज की पत्रकारो से चर्चा,मोदी राज में महंगाई बेतहाशा बढ़ गयी,राज्य सरकार डीजल-पेट्रोल वेट मुक्त करें
रायपुर – प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष दीपक बैज ने पत्रकारो से चर्चा करते हुये कहा कि आज देश की जनता पर महंगाई एक आपदा साबित हो रही है। पेट्रोल-डीजल के दाम पिछले एक पखवाड़े में 8 रू. से 9 रू. तक बढ़ गया। पेट्रोल-डीजल के दाम बढ़ने के कारण यात्री बस का किराया बढ़ गया, टैक्सी का किराया बढ़ गया। राशन सामाग्री सब्जियां रोजमर्रा की वस्तुये महंगी हो गयी है। रसोई का बजट बिगड़ गया है। रसोई गैस एवं कमर्शियल गैस के दाम बढ़ गये। पेट्रोल डीजल के दाम कुछ दिनों में केन्द्र सरकार और बढ़ायेगी। 100 दिन में महंगाई कम करने का वादा कर सरकार में आई मोदी सरकार की गलत आर्थिक नीतियों के कारण देश में महंगाई चरम पर पहुंच गयी है। राज्य सरकार पेट्रोल 27.02 प्रतिशत वैट की वसूली करती है। डीजल पर 28.8 प्रतिशत वैट वसूलती है। हम राज्य सरकार से मांग करते है कि राज्य में पेट्रोलियम पदार्थों को वैट से मुक्त करें, ताकि प्रदेश की जनता को पेट्रोल डीजल सस्ता मिल सके।
हसदेव में अडानी के लिए फिर पेड़ काटे जायेंगे
प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष दीपक बैज ने कहा कि भाजपा सरकार पर छत्तीसगढ़ को अडानीगढ़ बनाने पर तुली हुई है। सरकार के अडानी परस्त नीतियों से हसदेव अरण्य के घने जंगलों पर संकट उत्पन्न हो गया है। मोदी के मित्र अडानी के मुनाफे के लिए सरगुजा रेंज के केते एक्सटेंशन के खुदाई का गौतम अडानी को देने के लिए इस सरकार ने अनुमति दी है। अब रामगढ़ की पहाड़ियां, प्राचीन नाट्यशाला, सीता गुफा, जानकी रसोई, प्रभु श्री राम के वन गमन पथ की पुण्य स्मृतियों को अडानी के आर्थिक लाभ के लिए संकट में डाला जा रहा है। त्तीसगढ़ सरकार ने केते एक्सटेंशन ओपन कास्ट कोल माइनिंग और पिट हेड कोल वॉशरी परियोजना के लिए 1742.60 हेक्टेयर वन भूमि को गैर-वन उपयोग में बदलने की परमीशन दी है। राज्य सरकार की स्वीकृति के बाद यह प्रस्ताव अब केंद्रीय वन एवं पर्यावरण मंत्रालय के पास भेजा गया, अब केंद्र ने अनुमति दे दिया है। केंद्र से हरी झंडी मिलते ही 7 लाख से अधिक पेड़ों की कटाई का रास्ता साफ हो गया। यह वही इलाका है जिसे सेंट्रल इंडिया का “लंग्स ज़ोन“ कहा जाता है। हसदेव अरण्य का यह क्षेत्र पांचवी अनुसूची का भाग है, जहां नए खदान स्थापित करने का लगातार विरोध स्थानीय आदिवासियों के द्वारा किया जा रहा है। यह सरकार आदिवासियों के अधिकारों को कुचल रही है। कई गांवों के आदिवासी समुदाय लगातार आंदोलित हैं, अति महत्वपूर्ण जैव विविधता संपन्न क्षेत्र में खनन से जंगल, जलस्रोत और उनकी परंपरागत आजीविका पर गहरा असर होगा। हाथियों और अन्य वन्यजीवों का प्राकृतिक आवास नष्ट होगा और बड़े पैमाने पर पेड़ कटाई से पर्यावरणीय संतुलन बिगड़ जाएगा, इस मुद्दे पर महीनों से आंदोलन चल रहा है, कई ग्राम सभाओं ने विरोधक प्रस्ताव भी पारित किये, लेकिन इस सरकार में किसी की सुनवाई नहीं है।
नीट मामले में धर्मेंद्र प्रधान को बर्खास्त किया जाये
प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष दीपक बैज ने कहा कि लगातार दूसरे साल नीट की परीक्षा के प्रश्न पत्र लीक होना मोदी सरकार की विफलता को दर्शाता है। एक बार भूल हो सकती है लेकिन लगातार दूसरी बार भी नीट के प्रश्न पत्र लीक होना इस बात का प्रमाण है कि भाजपा सरकार के संरक्षण में यह प्रश्न पत्र लीक का घोटाला किया गया है। नीट देशभर के लाखों बच्चों के न सिर्फ भविष्य उनकी भावनाओं से जुड़ा हुआ विषय 1 वर्षाे तक कठिन मेहनत करके बच्चे नीट की तैयारी करके परीक्षा में सम्मिलित हुये थे। परीक्षा के बाद पेपर लीक की बात सामने आने से विद्यार्थियों की मेहनत पर पानी फिर गया। इस मामले की प्रधानमंत्री, केंद्रीय मंत्री और नीट के कर्ताधर्ता को जिम्मेदारी लेनी चाहिए। भाजपा शासित राज्यों में ही पेपर लीक हो रहे हैं, कारण स्पष्ट है पेपर लीक करने वाले शिक्षा माफियाओं को सत्ता का संरक्षण प्राप्त है। भाजपा का फंडा साफ है- जितनी बड़ी चोरी, उतना बड़ा इनाम, इसीलिए बेखौफ होकर ऐसे कुकृत्य किए जा रहे हैं। दोबारा परीक्षा कराने की मानसिक और आर्थिक जिम्मेदारी कौन लेगा? जिन 22 लाख छात्रों ने सालों से मेहनत की उन्हें दोबारा परीक्षा में झोंकना उनके साथ अन्याय है, बार-बार परीक्षाओं में धांधली से एनटीए की कार्यक्षमता, पारदर्शिता और विश्वसनीय पर सवाल उठ रहा है, केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान की खामोशी पेपर लीक जैसे गंभीर विषय पर सरकार के संरक्षण की ओर इशारा करती है। केन्द्रीय मंत्री धर्मेन्द्र प्रधान तत्काल इस्तीफा दे।

