49 अपराधों का हिसाब: कुख्यात बदमाश आशुतोष उर्फ छोटू भाण्डूलकर जिला बदर, 6 जिलों से किया गया बाहर
रायपुर – कानून-व्यवस्था को चुनौती देने वाले आदतन अपराधियों पर रायपुर जिला प्रशासन ने बड़ी कार्रवाई करते हुए कुख्यात बदमाश आशुतोष उर्फ छोटू भाण्डूलकर को जिला बदर कर दिया है। हत्या, हत्या के प्रयास, लूट, अपहरण, दुष्कर्म, एनडीपीएस और आर्म्स एक्ट जैसे गंभीर मामलों में संलिप्त इस बदमाश के खिलाफ अब प्रशासन ने सख्त रुख अपनाया है। कुल 49 आपराधिक मामलों में नामजद आशुतोष को आगामी छह माह तक रायपुर समेत छह जिलों की सीमाओं में प्रवेश करने से प्रतिबंधित कर दिया गया है।
कलेक्टर एवं जिला दण्डाधिकारी गौरव सिंह ने पुलिस अधीक्षक (ग्रामीण) श्वेता श्रीवास्तव सिन्हा की अनुशंसा पर छत्तीसगढ़ राज्य सुरक्षा अधिनियम, 1990 की धारा 5(ख) के तहत यह महत्वपूर्ण आदेश जारी किया है। आदेश के अनुसार गोबरानवापारा निवासी आशुतोष उर्फ छोटू भाण्डूलकर को रायपुर, दुर्ग, गरियाबंद, धमतरी, महासमुंद और बलौदाबाजार जिलों की राजस्व सीमाओं से बाहर जाने के निर्देश दिए गए हैं।
प्रशासन द्वारा जारी आदेश में स्पष्ट कहा गया है कि आरोपी को आदेश की तिथि से सात दिनों के भीतर इन जिलों की सीमाओं से बाहर जाना था। साथ ही उसे 25 नवंबर 2026 तक बिना सक्षम न्यायालय या सक्षम प्राधिकारी की पूर्व अनुमति के इन जिलों में प्रवेश करने पर पूरी तरह प्रतिबंधित कर दिया गया है। यदि वह आदेश का उल्लंघन करता है तो उसके खिलाफ कठोर कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
अपराधों की लंबी फेहरिस्त
पुलिस रिकॉर्ड के अनुसार आशुतोष उर्फ छोटू भाण्डूलकर का आपराधिक इतिहास बेहद गंभीर और चिंताजनक रहा है। उसके खिलाफ हत्या, हत्या का प्रयास, बलवा, लूट, अपहरण, दुष्कर्म, मारपीट, सदोष अवरोध, एनडीपीएस एक्ट, जुआ अधिनियम, आर्म्स एक्ट और आबकारी अधिनियम सहित विभिन्न धाराओं में कुल 49 प्रकरण दर्ज हैं।
पुलिस का कहना है कि लगातार अपराधों में संलिप्त रहने के कारण वह क्षेत्र में भय का पर्याय बन चुका था। उसके खिलाफ कई बार वैधानिक कार्रवाई किए जाने के बावजूद उसके व्यवहार में सुधार नहीं आया। यही कारण है कि पुलिस ने जिला बदर की अनुशंसा करते हुए प्रशासन को विस्तृत प्रतिवेदन सौंपा था।
आम लोगों में था भय का माहौल
जिला प्रशासन ने अपने आदेश में उल्लेख किया है कि आरोपी की गतिविधियों के कारण क्षेत्र में शांति और सार्वजनिक व्यवस्था प्रभावित होने की आशंका बनी रहती थी। उसकी मौजूदगी से आम नागरिकों में भय और असुरक्षा का वातावरण निर्मित हो रहा था। कई मामलों में गवाहों और स्थानीय लोगों पर दबाव बनाने तथा आपराधिक प्रभाव कायम रखने की शिकायतें भी सामने आई थीं।
प्रशासन का मानना है कि ऐसे अपराधियों पर केवल सामान्य कानूनी कार्रवाई पर्याप्त नहीं होती, बल्कि समाज में शांति बनाए रखने के लिए विशेष प्रतिबंधात्मक कदम उठाना आवश्यक होता है। इसी उद्देश्य से जिला बदर जैसी कार्रवाई की गई है।
अपराधियों के खिलाफ सख्त संदेश
रायपुर ग्रामीण पुलिस और जिला प्रशासन की यह कार्रवाई क्षेत्र के अन्य सक्रिय अपराधियों के लिए भी एक कड़ा संदेश मानी जा रही है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि कानून-व्यवस्था बिगाड़ने वाले तत्वों के खिलाफ आगे भी इसी तरह की कठोर कार्रवाई जारी रहेगी। आदतन अपराधियों की निगरानी बढ़ाई जा रही है और जिनके खिलाफ गंभीर आपराधिक रिकॉर्ड हैं, उनके विरुद्ध भी जिला बदर एवं अन्य प्रतिबंधात्मक कार्रवाइयों पर विचार किया जा रहा है।
जनता को मिलेगा सुरक्षित माहौल
प्रशासन का मानना है कि इस कार्रवाई से प्रभावित क्षेत्रों में अपराधों पर अंकुश लगाने में मदद मिलेगी और आम नागरिकों को सुरक्षित एवं भयमुक्त वातावरण उपलब्ध होगा। जिला बदर का उद्देश्य केवल आरोपी को क्षेत्र से हटाना नहीं, बल्कि समाज में कानून का राज स्थापित करना और अपराधियों के मन में कानून का भय पैदा करना भी है।
रायपुर ग्रामीण पुलिस की इस बड़ी कार्रवाई ने साफ कर दिया है कि अपराध चाहे कितना भी पुराना या संगठित क्यों न हो, कानून के शिकंजे से बचना अब आसान नहीं होगा। 49 मामलों में घिरे कुख्यात आशुतोष उर्फ छोटू भाण्डूलकर को छह जिलों से बाहर का रास्ता दिखाकर प्रशासन ने अपराध के खिलाफ अपनी जीरो टॉलरेंस नीति का स्पष्ट संदेश दे दिया है।

