July 17, 2026

माना कैम्प हिन्दू मुक्तिधाम पहुंचे सीएमओ सौरभ बाजपेयी, स्वच्छता अभियान में शामिल होकर किया श्रमदान, बंग हिन्दू समाज ने जताया आभार

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रायपुर/माना कैम्प – जनजागरूकता, सामूहिक श्रमदान और सामाजिक जिम्मेदारी का एक प्रेरणादायक उदाहरण माना कैम्प के हिन्दू मुक्तिधाम में देखने को मिल रहा है। प्रति रविवार की भांति इस रविवार 31 मई 2026 को भी प्रातः 6 बजे से बंग हिन्दू समाज माना कैम्प समिति के तत्वावधान में हिन्दू मुक्तिधाम परिसर में विशेष स्वच्छता अभियान चलाया गया। इस अभियान में माना कैम्प नगर पंचायत के मुख्य नगर पालिका अधिकारी (सीएमओ) सौरभ बाजपेयी भी शामिल हुए और स्वयं श्रमदान कर स्वच्छता कार्यों में सहयोग दिया।

स्वच्छता अभियान के दौरान मुक्तिधाम परिसर की साफ-सफाई, पौधों की देखरेख और अन्य आवश्यक व्यवस्थाओं को बेहतर बनाने का कार्य किया गया। बंग हिन्दू समाज परिवार की ओर से सीएमओ सौरभ बाजपेयी सहित अभियान में शामिल सभी सदस्यों का आभार व्यक्त किया गया।

इस अवसर पर उपस्थित लोगों ने बताया कि आज जिस मुक्तिधाम की स्वच्छता और सुंदरता की चर्चा हो रही है, कुछ महीने पहले उसकी स्थिति बेहद दयनीय थी। पूरा परिसर झाड़ियों, कंटीले पौधों और घने जंगल में तब्दील हो चुका था। अंतिम संस्कार के लिए आने वाले लोगों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ता था। चारों ओर फैली गंदगी और अव्यवस्था के बीच लोगों को अपने परिजनों का अंतिम संस्कार करना पड़ता था।

स्थिति की गंभीरता को देखते हुए इस विषय को मीडिया में प्रमुखता से उठाया गया। भूपेश एक्सप्रेस के संवाददाता बिप्लव दत्ता द्वारा इस समस्या को प्रमुखता से प्रकाशित किए जाने के बाद स्थानीय लोगों के बीच जागरूकता बढ़ी। लोगों ने महसूस किया कि जीवन का अंतिम पड़ाव मुक्तिधाम ही होता है और ऐसी पवित्र जगह का उपेक्षित रहना समाज के लिए उचित नहीं है।

इसके बाद स्थानीय नागरिकों, बंग हिन्दू समाज और समाजसेवियों ने मिलकर मुक्तिधाम को स्वच्छ और सुंदर बनाने का संकल्प लिया। शुरुआत में कुछ लोगों ने श्रमदान किया, लेकिन धीरे-धीरे यह अभियान जनआंदोलन का रूप लेने लगा। हर रविवार बड़ी संख्या में लोग मुक्तिधाम पहुंचकर सफाई, पौधारोपण और रखरखाव का कार्य करने लगे।

निरंतर प्रयासों का ही परिणाम है कि आज मुक्तिधाम की तस्वीर पूरी तरह बदल चुकी है। जहां कभी झाड़ियां और गंदगी दिखाई देती थीं, वहां अब हरियाली नजर आती है। परिसर में विभिन्न प्रकार के पेड़-पौधे लगाए गए हैं, जिनकी नियमित देखभाल भी की जा रही है। आने वाले लोगों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए ठंडे पानी के लिए वाटर फ्रिज की व्यवस्था की गई है।
इसके अलावा मुक्तिधाम परिसर में स्थित मंदिरों का सौंदर्यीकरण और नक्काशी का कार्य भी कराया गया है, जिससे पूरे परिसर की भव्यता और बढ़ गई है। स्वच्छ वातावरण, हरियाली और धार्मिक आस्था के प्रतीकों से सुसज्जित यह स्थान अब लोगों को शांति और सुकून का अनुभव कराता है।
स्थानीय नागरिकों का कहना है कि आज मुक्तिधाम की जो स्थिति है, वह सामूहिक प्रयासों और समाज के लोगों की सकारात्मक सोच का परिणाम है। नियमित श्रमदान और जनसहयोग से यह साबित हुआ है कि यदि समाज किसी उद्देश्य के लिए एकजुट हो जाए तो असंभव दिखने वाले कार्य भी संभव हो सकते हैं।

माना कैम्प का यह स्वच्छता अभियान अब केवल सफाई तक सीमित नहीं रह गया है, बल्कि सामाजिक चेतना और जनभागीदारी का प्रतीक बन गया है। हर रविवार होने वाला यह अभियान अन्य क्षेत्रों के लिए भी प्रेरणा का स्रोत बन रहा है। लोगों का कहना है कि अब मुक्तिधाम को देखकर ऐसा महसूस होता है मानो यह स्थान किसी स्वर्गिक वातावरण से कम नहीं है।

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