May 30, 2026

अवैध शराब-गांजा कारोबार पर कार्रवाई के बीच गोबरा नवापारा थाना प्रभारी पर गिरी गाज, एसपी ने किया निलंबित

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रायपुर – गोबरा नवापारा थाना क्षेत्र में अवैध शराब, गांजा और सट्टा कारोबार के खिलाफ चल रही पुलिस कार्रवाई के बीच एक बड़ा और चौंकाने वाला घटनाक्रम सामने आया है। क्षेत्र में लगातार मिल रही शिकायतों और अपराध नियंत्रण को लेकर चलाए जा रहे अभियान के दौरान गोबरा नवापारा थाना प्रभारी दीपेश जायसवाल पर गंभीर संदेह उत्पन्न होने के बाद रायपुर ग्रामीण पुलिस अधीक्षक श्वेता श्रीवास्तव सिन्हा ने तत्काल प्रभाव से उन्हें निलंबित कर लाइन अटैच कर दिया है। इस कार्रवाई के बाद पुलिस महकमे में हड़कंप मच गया है।

जानकारी के अनुसार, गोबरा नवापारा क्षेत्र में लंबे समय से अवैध शराब बिक्री, गांजा तस्करी और सट्टा संचालन की शिकायतें लगातार मिल रही थीं। स्थानीय लोगों और खुफिया सूत्रों से प्राप्त इनपुट के आधार पर रायपुर ग्रामीण क्राइम ब्रांच की टीम ने देर रात क्षेत्र में विशेष अभियान चलाते हुए कई स्थानों पर दबिश दी। इस कार्रवाई का उद्देश्य अवैध कारोबार में शामिल लोगों के खिलाफ कठोर कार्रवाई करना था।

सूत्रों के मुताबिक दबिश के दौरान थाना प्रभारी दीपेश जायसवाल भी पुलिस टीम के साथ मौजूद थे। इसी दौरान क्राइम ब्रांच की टीम ने उन्हें एक संदिग्ध व्यक्ति से अलग हटकर बातचीत करते हुए देखा। बताया जा रहा है कि यह बातचीत टीम के अधिकारियों को सामान्य नहीं लगी और इससे संदेह की स्थिति उत्पन्न हुई। टीम ने पूरे घटनाक्रम की जानकारी तत्काल वरिष्ठ अधिकारियों तक पहुंचाई, जिसके बाद मामले को गंभीरता से लिया गया।

जानकारी यह भी सामने आ रही है कि जिस व्यक्ति से थाना प्रभारी की बातचीत हुई, उसकी पहचान लल्ला सोनवानी के रूप में हुई है। लल्ला सोनवानी का नाम क्षेत्र में लंबे समय से अवैध शराब, गांजा और सट्टा कारोबार से जुड़ता रहा है। पुलिस रिकॉर्ड में भी उसका नाम कई मामलों में सामने आ चुका है। इतना ही नहीं, उसके खिलाफ जिला बदर जैसी सख्त कार्रवाई भी पूर्व में की जा चुकी है। ऐसे व्यक्ति से दबिश के दौरान थाना प्रभारी की अलग से बातचीत ने कई सवाल खड़े कर दिए हैं।

मामले की गंभीरता को देखते हुए रायपुर ग्रामीण पुलिस अधीक्षक श्वेता श्रीवास्तव सिन्हा ने बिना किसी देरी के कार्रवाई करते हुए थाना प्रभारी दीपेश जायसवाल को निलंबित कर लाइन अटैच करने का आदेश जारी कर दिया। पुलिस विभाग की इस त्वरित कार्रवाई को कानून व्यवस्था और विभागीय अनुशासन को लेकर अपनाए गए सख्त रुख के रूप में देखा जा रहा है।

पुलिस सूत्रों का कहना है कि अवैध कारोबार से जुड़े मामलों में किसी भी प्रकार की लापरवाही, संदिग्ध गतिविधि या अपराधियों के साथ मिलीभगत बर्दाश्त नहीं की जाएगी। यही कारण है कि प्रारंभिक संदेह के आधार पर भी विभाग ने तत्काल कार्रवाई करते हुए स्पष्ट संदेश देने की कोशिश की है कि अपराधियों को संरक्षण देने वाले किसी भी अधिकारी या कर्मचारी को बख्शा नहीं जाएगा।

इस घटना के बाद क्षेत्र में भी चर्चाओं का बाजार गर्म है। स्थानीय लोगों का कहना है कि लंबे समय से अवैध शराब, गांजा और सट्टा कारोबार की शिकायतें सामने आती रही हैं और अब थाना प्रभारी पर हुई कार्रवाई ने कई नए सवाल खड़े कर दिए हैं। लोग यह जानना चाहते हैं कि आखिर क्षेत्र में इतने लंबे समय तक अवैध गतिविधियां कैसे संचालित होती रहीं और इनके पीछे कौन-कौन लोग शामिल हैं।

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