June 29, 2026

12वीं हिंदी पेपर लीक का मास्टरमाइंड गिरफ्तार, छात्रों से वसूले जाते थे 3-3 हजार रुपए

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रायपुर – छत्तीसगढ़ माध्यमिक शिक्षा मंडल की 12वीं हिंदी परीक्षा के पेपर लीक मामले में रायपुर पुलिस को बड़ी सफलता मिली है। लंबे समय से फरार चल रहे मुख्य आरोपी वेणु जंघेल को रायपुर पुलिस और क्राइम ब्रांच एसीसीयू की संयुक्त टीम ने बिलासपुर से गिरफ्तार कर लिया है। आरोपी से 4 दिन की पुलिस रिमांड में पूछताछ के बाद उसे न्यायिक अभिरक्षा में जेल भेज दिया गया है।

मामला उस समय सामने आया था जब 12वीं हिंदी विषय का प्रश्नपत्र परीक्षा से पहले सोशल मीडिया में वायरल होने लगा था। इस गंभीर घटना के बाद थाना कोतवाली में अज्ञात आरोपियों के खिलाफ अपराध दर्ज कर जांच शुरू की गई थी। मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए पुलिस उपायुक्त मध्य जोन के निर्देशन में विशेष टीम गठित की गई, जिसमें थाना कोतवाली और रायपुर क्राइम ब्रांच एसीसीयू की टीम शामिल रही।

जांच के दौरान पुलिस को यह जानकारी मिली कि पेपर लीक की खबर वायरल होने के बाद कई लोग डिजिटल सबूत मिटाने में जुट गए थे। इसके बाद साइबर तकनीकी सहायता से पुलिस ने डिलीट किए गए मोबाइल डेटा, सोशल मीडिया चैट्स, ऑनलाइन गतिविधियों और फाइनेंशियल ट्रांजैक्शनों की बारीकी से जांच की।

करीब 50 से अधिक छात्रों और अन्य संदिग्ध लोगों से पूछताछ के बाद पुलिस की जांच वेणु जंघेल तक पहुंची। आरोपी की पहचान वेणु उर्फ वेणु जंघेल, पिता हरीशचंद्र जंघेल, उम्र 19 वर्ष, निवासी ग्राम बरसरा जिला बेमेतरा, वर्तमान पता लक्ष्मी नगर गोकुल नगर थाना गुढ़ियारी रायपुर के रूप में हुई।

पुलिस जांच में खुलासा हुआ कि आरोपी छात्रों को परीक्षा का प्रश्नपत्र उपलब्ध कराने के एवज में लगभग 3000 रुपए तक वसूलता था। पेपर लीक प्रकरण दर्ज होने के बाद से ही आरोपी लगातार फरार था और गिरफ्तारी से बचने के लिए अपने मोबाइल और अन्य डिजिटल साक्ष्यों को नष्ट करने की कोशिश कर रहा था। आरोपी की गिरफ्तारी पर पुलिस द्वारा 5000 रुपए का इनाम भी घोषित किया गया था।

पुलिस ने तकनीकी निगरानी, डिजिटल ट्रैकिंग और मुखबिर की सूचना के आधार पर आरोपी को बिलासपुर से दबोचा। रिमांड के दौरान हुई पूछताछ में आरोपी ने कई अहम खुलासे किए हैं। पुलिस सूत्रों के मुताबिक पूछताछ में अन्य लोगों की संलिप्तता, प्रश्नपत्र प्रसारण के तरीके और पैसों के लेन-देन से जुड़ी महत्वपूर्ण जानकारियां सामने आई हैं।

पुलिस अब आरोपी से मिले डिजिटल साक्ष्यों और रिकवर किए गए डिलीटेड डेटा के आधार पर पूरे नेटवर्क की जांच कर रही है। माना जा रहा है कि इस मामले में और भी कई लोगों की गिरफ्तारी हो सकती है।
रायपुर पुलिस का कहना है कि शिक्षा व्यवस्था से जुड़े इस गंभीर अपराध में किसी भी आरोपी को बख्शा नहीं जाएगा। फिलहाल मामले की विस्तृत जांच थाना कोतवाली और क्राइम ब्रांच की टीम द्वारा जारी है।

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