मातृत्व दिवस पर रायपुर पुलिस की संवेदनशील पहल,वृद्धाश्रम पहुंची महिला पुलिस टीम, माताओं का सम्मान कर बांटा अपनापन
रायपुर – मातृत्व दिवस के अवसर पर रायपुर पुलिस कमिश्नरेट की महिला टीम ने मानवता और संवेदनशीलता की मिसाल पेश करते हुए वृद्धाश्रम और मानसिक स्वास्थ्य संस्थान पहुंचकर वहां रह रही माताओं एवं बालिकाओं के साथ समय बिताया। पुलिस अधिकारियों ने न केवल उनका सम्मान किया बल्कि उनका हालचाल जानकर उन्हें अपनापन और सम्मान का एहसास भी कराया। इस भावुक पहल की शहरभर में सराहना हो रही है।
रविवार को पुलिस कमिश्नरेट रायपुर की CAW विंग की महिला टीम टिकरापारा स्थित चितवन वृद्धाश्रम पहुंची। इस दौरान अतिरिक्त पुलिस उपायुक्त (CAW) डॉ. अर्चना झा, महिला थाना प्रभारी अर्चना धुरंधर तथा पिंक पेट्रोल यूनिट की महिला पुलिसकर्मी मौजूद रहीं। टीम ने वृद्धाश्रम में रह रही माताओं का पुष्प भेंट कर सम्मान किया और उनका आशीर्वाद लिया।
पुलिस अधिकारियों ने वृद्ध महिलाओं से आत्मीय बातचीत कर उनके स्वास्थ्य, दिनचर्या और जरूरतों की जानकारी ली। मातृत्व दिवस को खास बनाने के लिए पुलिस टीम ने वृद्धाश्रम में केक काटकर माताओं के साथ खुशियां साझा कीं। साथ ही उन्हें उपहार भेंट किए गए। इस दौरान कई माताएं भावुक नजर आईं और उन्होंने पुलिस टीम को आशीर्वाद देते हुए कहा कि लंबे समय बाद किसी ने परिवार की तरह उनके साथ समय बिताया।
महिला पुलिसकर्मियों ने कहा कि उनका उद्देश्य सिर्फ औपचारिकता निभाना नहीं बल्कि उन माताओं को यह एहसास दिलाना था कि समाज और पुलिस उनके साथ खड़ी है। पुलिस टीम ने काफी समय तक उनके बीच बैठकर बातचीत की ताकि वे अकेलापन महसूस न करें। इस दौरान पिंक पेट्रोल यूनिट द्वारा महिलाओं की सुरक्षा के लिए किए जा रहे कार्यों और हेल्प सेवाओं की जानकारी भी दी गई।
इसके बाद पुलिस टीम मदर टेरेसा मनोरोग संस्था पहुंची, जहां मानसिक स्वास्थ्य समस्याओं से जूझ रही महिलाओं और बालिकाओं के साथ समय बिताया गया। कई महिलाएं वर्षों से अपने परिवारों से दूर रह रही हैं। पुलिस अधिकारियों ने वहां उपस्थित माताओं और बालिकाओं को फूल और मिठाइयां भेंट कर सम्मानित किया।
इस अवसर पर संस्था में एक छोटा सांस्कृतिक एवं संगीत कार्यक्रम भी आयोजित किया गया। बालिकाओं ने मनमोहक प्रस्तुतियां देकर माहौल को भावुक और आनंदमय बना दिया। पुलिस टीम ने उनके साथ बैठकर गीत-संगीत का आनंद लिया और उनसे आत्मीय बातचीत की। कार्यक्रम के दौरान कई महिलाएं मुस्कुराती नजर आईं, जिससे वहां का माहौल सकारात्मक और पारिवारिक बन गया।
अतिरिक्त पुलिस उपायुक्त डॉ. अर्चना झा ने कहा कि पुलिस का कार्य केवल कानून व्यवस्था संभालना नहीं बल्कि समाज के हर वर्ग के साथ संवेदनात्मक जुड़ाव बनाना भी है। उन्होंने कहा कि वृद्धाश्रम और मानसिक स्वास्थ्य संस्थानों में रह रही महिलाओं को सबसे अधिक जरूरत अपनापन और सम्मान की होती है। ऐसे अवसर उन्हें मानसिक संबल देने का काम करते हैं।
पिंक पेट्रोल यूनिट की महिला स्टाफ ने भी अपने अनुभव साझा करते हुए कहा कि वृद्ध माताओं के साथ समय बिताकर उन्हें जो स्नेह, ममता और आशीर्वाद मिला, वह जीवनभर अविस्मरणीय रहेगा। मातृत्व दिवस पर रायपुर पुलिस की यह पहल न केवल सामाजिक जिम्मेदारी का संदेश देती है बल्कि यह भी साबित करती है कि संवेदनशील पुलिसिंग समाज में विश्वास और अपनापन बढ़ाने का सबसे मजबूत माध्यम है।

