May 5, 2026

ब्रेकिंग: फर्जी नियुक्ति आदेश से 1.5 करोड़ की ठगी, शिक्षक और क्लर्क गिरफ्तार

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रायपुर – सरकारी नौकरी दिलाने का झांसा देकर करोड़ों की ठगी करने वाले दो आरोपियों को रायपुर ग्रामीण पुलिस ने गिरफ्तार कर एक बड़े फर्जीवाड़े का खुलासा किया है। आरोपियों ने सामान्य प्रशासन विभाग के नाम पर फर्जी नियुक्ति आदेश जारी कर करीब 34 लोगों से लगभग 1.5 करोड़ रुपये की ठगी की थी। इस मामले में एक सरकारी शिक्षक और एक निजी स्कूल के क्लर्क की संलिप्तता सामने आई है।

पुलिस के अनुसार, आरोपियों ने मंत्रालय नवा रायपुर के सामान्य प्रशासन विभाग के नाम से फर्जी आदेश तैयार किया था, जिसमें परिवहन, राजस्व एवं आपदा प्रबंधन, वन एवं जलवायु परिवर्तन, पंचायत एवं ग्रामीण विकास तथा स्कूल शिक्षा विभाग में नियुक्ति की अनुशंसा दर्शाई गई थी। इस फर्जी दस्तावेज में सचिव और उप सचिव के डिजिटल हस्ताक्षरों का भी दुरुपयोग किया गया, जिससे यह आदेश पूरी तरह असली प्रतीत हो रहा था।

यह पूरा फर्जीवाड़ा व्हाट्सएप के जरिए फैलाया गया, जहां बेरोजगार युवाओं को सरकारी नौकरी का लालच देकर उनसे मोटी रकम वसूली गई। पुलिस जांच में सामने आया कि कुल 34 पीड़ितों से लगभग डेढ़ करोड़ रुपये की ठगी की गई है।

मामले की शुरुआत तब हुई जब सामान्य प्रशासन विभाग के अधिकारी राजपाल बघेल ने 24 अप्रैल 2026 को थाना राखी में शिकायत दर्ज कराई। शिकायत में बताया गया कि विभाग के नाम से फर्जी नियुक्ति आदेश सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है और इसके जरिए लोगों से पैसे वसूले जा रहे हैं। शिकायत मिलते ही पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू की।

प्रकरण की गंभीरता को देखते हुए पुलिस अधीक्षक रायपुर ग्रामीण के निर्देशन में एक विशेष टीम गठित की गई। टीम ने तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर व्हाट्सएप पर वायरल हुए फर्जी आदेश के स्रोत की जांच शुरू की। मोबाइल नंबर और डिजिटल उपकरणों की जांच के बाद आरोपी की पहचान राजेश शर्मा उर्फ राजू के रूप में हुई, जो राजनांदगांव जिले के डोंगरगढ़ क्षेत्र का निवासी है।

पुलिस टीम ने तत्काल कार्रवाई करते हुए डोंगरगढ़ पहुंचकर राजेश शर्मा को गिरफ्तार किया। पूछताछ में उसने खुलासा किया कि आर्थिक तंगी और कर्ज से परेशान होकर उसने यह ठगी का प्लान बनाया था। इस काम में उसने अपने साथी मनोज कुमार श्रीवास्तव को भी शामिल किया, जो एक निजी स्कूल में क्लर्क है।

दोनों आरोपियों ने मिलकर कंप्यूटर पर फर्जी नियुक्ति आदेश तैयार किया और उसे व्हाट्सएप के जरिए वायरल कर दिया। जांच में यह भी सामने आया कि आरोपियों ने भिलाई की एक महिला से 1.90 लाख रुपये लिए थे, जिसे बाद में वापस कर दिया गया। शिकायत सामने आने के बाद आरोपियों ने फर्जी आदेश का प्रसार बंद कर दिया था।

पुलिस ने दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर उनके कब्जे से कंप्यूटर सेट (मॉनिटर, सीपीयू, कीबोर्ड, माउस) और प्रिंटर जब्त किए हैं, जिनका उपयोग फर्जी दस्तावेज तैयार करने में किया गया था।

आरोपियों के खिलाफ थाना राखी में अपराध क्रमांक 76/2026 के तहत भारतीय न्याय संहिता की धारा 318(4), 319(2), 336(3), 3(5) और आईटी एक्ट की धारा 66(डी) के तहत मामला दर्ज कर आगे की कार्रवाई की जा रही है।

गिरफ्तार आरोपी:

राजेश शर्मा उर्फ राजू (53 वर्ष), निवासी खुटापारा, डोंगरगढ़, जिला राजनांदगांव
मनोज कुमार श्रीवास्तव (52 वर्ष), निवासी कुम्हारपारा, डोंगरगढ़, जिला राजनांदगांव

रायपुर ग्रामीण पुलिस की इस कार्रवाई ने एक बड़े साइबर ठगी नेटवर्क का पर्दाफाश किया है। यह मामला बेरोजगार युवाओं को निशाना बनाकर किए जा रहे संगठित अपराध की गंभीरता को उजागर करता है। पुलिस ने आम जनता से अपील की है कि किसी भी नौकरी के नाम पर पैसे मांगने वाले से सावधान रहें और ऐसे मामलों की तुरंत शिकायत करें।

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