June 17, 2026

रायपुर में ऑनलाइन सट्टा ऐप “3Stumps” नेटवर्क पर बड़ी कार्रवाई, 2 और आरोपी गिरफ्तार

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छत्तीसगढ़ – राजधानी रायपुर में ऑनलाइन सट्टा नेटवर्क के खिलाफ पुलिस की कार्रवाई लगातार तेज होती जा रही है। इसी कड़ी में रायपुर कमिश्नरेट की एंटी क्राइम एंड साइबर यूनिट और थाना गंज पुलिस की संयुक्त टीम ने “3Stumps” सट्टा ऐप के प्रमोशन और संचालन में सहयोग करने वाले दो और आरोपियों को गिरफ्तार किया है।
यह पूरी कार्रवाई पुलिस उपायुक्त (क्राइम एवं साइबर) स्मृतिक राजनाला और पुलिस उपायुक्त (मध्य) उमेश प्रसाद गुप्ता के संयुक्त मॉनिटरिंग में की गई है। पुलिस के अनुसार, गिरफ्तार आरोपी सट्टा ऐप के लिए मोबाइल नंबर और बैंक खाते उपलब्ध कराते थे, जिनका उपयोग अवैध सट्टा संचालन में किया जा रहा था।

कैसे काम करता था नेटवर्क

जांच में सामने आया है कि “3Stumps” सट्टा ऐप का मास्टरमाइंड बाबू उर्फ गुलशन खेमानी पहले ही गिरफ्तार किया जा चुका है। वह ग्रामीण इलाकों के लोगों को झांसे में लेकर उनके मोबाइल नंबर और बैंक खाते हासिल करता था। इन खातों का इस्तेमाल सट्टे से अर्जित अवैध धन के लेन-देन में किया जाता था।

आरोपी संदीप इसरानी उर्फ गोलू और मनसून रजा इस नेटवर्क में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे थे। वे सट्टे से प्राप्त रकम को अपने बैंक खातों में लेकर बाद में मुख्य आरोपी तक पहुंचाते थे। इसके बदले उन्हें कमीशन दिया जाता था। पुलिस ने यह भी बताया कि संदीप इसरानी, मुख्य आरोपी खेमानी का फुफेरा भाई है और वह इस अवैध कमाई को अपने व्यापार में लगा रहा था।

पहले भी हो चुकी है बड़ी कार्रवाई

इस मामले में पुलिस पहले ही बड़ी कार्रवाई करते हुए 27 आरोपियों को गिरफ्तार कर चुकी है। उस दौरान आरोपियों के कब्जे से करीब 1.20 करोड़ रुपये का सामान जब्त किया गया था। इसमें 13 लैपटॉप, 105 मोबाइल फोन, 82 एटीएम कार्ड, 23 सिम कार्ड, चेकबुक, पासबुक, राउटर, वाहन और अन्य उपकरण शामिल थे।

अब ताजा गिरफ्तारी के बाद इस पूरे मामले में गिरफ्तार आरोपियों की संख्या बढ़कर 29 हो गई है। पुलिस ने दोनों आरोपियों के पास से 2 मोबाइल फोन भी जब्त किए हैं।

कॉल सेंटर के जरिए चल रहा था सट्टा

पुलिस जांच में यह भी खुलासा हुआ है कि सट्टा नेटवर्क कॉल सेंटर के माध्यम से संचालित किया जा रहा था। आरोपियों के मोबाइल नंबरों का उपयोग कॉल सेंटर में कर ग्राहकों से संपर्क किया जाता था और उन्हें सट्टा खेलने के लिए प्रेरित किया जाता था।
फिलहाल पुलिस इस मामले में वित्तीय जांच (फाइनेंशियल इन्वेस्टिगेशन) के साथ-साथ म्यूल बैंक खातों की भी गहन पड़ताल कर रही है, ताकि पूरे नेटवर्क का खुलासा किया जा सके।

2026 में अब तक की बड़ी उपलब्धि

कमिश्नरेट प्रणाली लागू होने के बाद वर्ष 2026 में रायपुर पुलिस की एंटी क्राइम एंड साइबर यूनिट ने ऑनलाइन सट्टा के खिलाफ बड़ी कार्रवाई की है। अब तक 14 मामलों में 71 आरोपियों को गिरफ्तार किया जा चुका है। पुलिस ने इनके कब्जे से 66.50 लाख रुपये नकद, 212 मोबाइल फोन, 20 लैपटॉप, 8 चारपहिया और 4 दोपहिया वाहन सहित लगभग 2.98 करोड़ रुपये की संपत्ति जब्त की है।

आरोपियों के खिलाफ मामला दर्ज

गिरफ्तार दोनों आरोपियों के खिलाफ थाना गंज में अपराध क्रमांक 110/26 के तहत छत्तीसगढ़ जुआ प्रतिषेध अधिनियम 2022 की धारा 7 और भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 112(2) के तहत मामला दर्ज किया गया है।

पुलिस का कहना है कि आने वाले दिनों में इस नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों की भी गिरफ्तारी संभव है और ऑनलाइन सट्टे के खिलाफ अभियान लगातार जारी रहेगा।

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