जग्गी हत्याकांड में बड़ा मोड़: अमित जोगी को सुप्रीम कोर्ट से राहत, उम्रकैद पर लगी रोक
छत्तीसगढ़ – बहुचर्चित जग्गी हत्याकांड में एक बड़ा कानूनी मोड़ सामने आया है। सुप्रीम कोर्ट ने अमित जोगी को बड़ी राहत देते हुए हाईकोर्ट द्वारा सुनाई गई उम्रकैद की सजा पर रोक लगा दी है। कोर्ट ने मामले की आगे सुनवाई जारी रखने का निर्णय लिया है, जिससे यह केस एक बार फिर सुर्खियों में आ गया है।
गौरतलब है कि अमित जोगी ने हाईकोर्ट के फैसले को चुनौती देते हुए सुप्रीम कोर्ट में विशेष अनुमति याचिका (SLP) दाखिल की थी। सुप्रीम कोर्ट ने SLP और हाईकोर्ट अपील पर संयुक्त सुनवाई का फैसला लिया है। इससे पहले हाईकोर्ट ने IPC की धारा 302 और 120B के तहत दोषी ठहराते हुए अमित जोगी को उम्रकैद की सजा सुनाई थी और तीन सप्ताह में सरेंडर करने का आदेश दिया था।
हालांकि, 20 अप्रैल को हुई सुनवाई में सुप्रीम कोर्ट ने पहले राहत देने से इनकार किया था, लेकिन अब सजा पर रोक लगने से मामले में नया मोड़ आ गया है। इससे अमित जोगी को फिलहाल बड़ी राहत मिली है, लेकिन अंतिम फैसला अभी बाकी है।
क्या है पूरा मामला?
4 जून 2003 को रायपुर में NCP नेता रामावतार जग्गी की गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। इस सनसनीखेज मामले में 31 लोगों को आरोपी बनाया गया था। ट्रायल कोर्ट ने 31 मई 2007 को अमित जोगी को बरी कर दिया था, जबकि अन्य आरोपियों को सजा सुनाई गई थी।
बाद में जग्गी के बेटे ने इस फैसले को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी, जिसके बाद मामला हाईकोर्ट पहुंचा। हाईकोर्ट ने सुनवाई के बाद अमित जोगी को दोषी करार देते हुए उम्रकैद की सजा सुनाई थी। अब सुप्रीम कोर्ट के ताजा फैसले के बाद इस मामले में कानूनी लड़ाई और तेज हो गई है।
फिलहाल, सभी की नजरें सुप्रीम कोर्ट की अगली सुनवाई पर टिकी हैं, जहां इस बहुचर्चित हत्याकांड का अंतिम फैसला तय करेगा कि न्याय की दिशा क्या होगी।

