April 23, 2026

सोशल मीडिया की आड़ में चल रहा था करोड़ों का सट्टा खेल,मास्टरमाइंड बाबू खेमानी गिरफ्तार, मुंबई-गोवा में छापेमारी से नेटवर्क ध्वस्त

0
IMG-20260417-WA0007_copy_800x374

छत्तीसगढ़ – रायपुर कमिश्नरेट पुलिस ने ऑनलाइन सट्टा कारोबार पर अब तक की सबसे बड़ी कार्रवाई करते हुए पूरे नेटवर्क की कमर तोड़ दी है। एंटी क्राइम एंड साइबर यूनिट की टीम ने मास्टरमाइंड बाबू खेमानी को गिरफ्तार कर उस गिरोह का पर्दाफाश किया है, जो पिछले ढाई साल से देश के कई राज्यों में करोड़ों का सट्टा चला रहा था। इस कार्रवाई में मुंबई और गोवा में एक साथ दबिश देकर कुल 7 आरोपियों को गिरफ्तार किया गया, जबकि पूरे मामले में अब तक 27 आरोपी सलाखों के पीछे पहुंच चुके हैं।

पुलिस उपायुक्त (क्राइम एवं साइबर) स्मृतिक राजनाला की मॉनिटरिंग में हुई इस बड़ी कार्रवाई ने यह साफ कर दिया है कि रायपुर पुलिस अब सट्टा माफियाओं के खिलाफ आर-पार की लड़ाई लड़ रही है। गिरोह का सरगना बाबू खेमानी अपने भाई करण खेमानी के साथ मिलकर 3Stumps, रेड्डी ग्रुप, बजरंग ग्रुप, मेट्रो 65 और डायमंड मास्टर जैसे हाई-प्रोफाइल ऑनलाइन पैनल ऑपरेट कर रहा था।

सबसे चौंकाने वाली बात यह है कि बाबू खेमानी खुद को सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर के रूप में पेश करता था और उसी प्रभाव का इस्तेमाल कर बड़े सट्टेबाजों को जोड़ता था। फॉलोअर्स के नेटवर्क के जरिए उसने देशभर में सट्टा का जाल फैलाया और लाखों-करोड़ों का अवैध कारोबार खड़ा कर लिया।

पुलिस की जांच में सामने आया है कि यह गिरोह छत्तीसगढ़ के अलावा महाराष्ट्र, उत्तर प्रदेश और गोवा तक फैला हुआ था। गोवा में संचालित एक बड़े “लाइन पैनल” को भी पुलिस ने ध्वस्त कर दिया है। आरोपियों के पास से 3 लैपटॉप, 18 मोबाइल फोन, 10 एटीएम कार्ड, राउटर, कैलकुलेटर, सट्टे का हिसाब-किताब और एक लग्जरी BMW कार समेत करीब 60 लाख रुपये का सामान जब्त किया गया है।

जांच में यह भी खुलासा हुआ है कि सट्टे की रकम के लेन-देन के लिए “म्यूल अकाउंट्स” का इस्तेमाल किया जा रहा था। आरोपी देशभर के लोगों से 20 से 30 हजार रुपये में बैंक खाते किराये पर लेते थे और उन्हीं खातों के जरिए करोड़ों का ट्रांजैक्शन करते थे। पुलिस अब इन खाताधारकों की पहचान कर उन्हें भी गिरफ्तार करने की तैयारी में है।
पूरा मामला तब सामने आया जब 13 अप्रैल 2026 को पुलिस को सूचना मिली कि रेलवे स्टेशन के पास एक कार में बैठकर आईपीएल मैच के दौरान ऑनलाइन सट्टा चलाया जा रहा है। पुलिस ने तुरंत कार्रवाई करते हुए एक आरोपी को मौके पर पकड़ा और पूछताछ के आधार पर पूरे नेटवर्क तक पहुंच बनाई। इसके बाद उड़ीसा, महाराष्ट्र और गोवा में लगातार छापेमारी कर पहले ही 20 आरोपियों को गिरफ्तार किया जा चुका था।

मास्टरमाइंड बाबू खेमानी की गिरफ्तारी मुंबई से हुई, जहां से उसके साथ रोहित सिंह और विशाल कश्यप को भी पकड़ा गया। वहीं गोवा में छापेमारी कर 4 अन्य आरोपियों को गिरफ्तार किया गया। पुलिस के मुताबिक, विशाल कश्यप खातों के जरिए लेन-देन संभालता था, जबकि रोहित सिंह देशभर में सट्टा आईडी और पैनल बांटने का काम करता था।
पूछताछ में बाबू खेमानी ने कबूल किया है कि उसने 2.5 साल पहले अपने भाई और अन्य साथियों के साथ मिलकर इस नेटवर्क की शुरुआत की थी। पहले मेट्रो, कलर 777 और क्लासिक एक्स 99 जैसे एप चलाए गए, लेकिन पुलिस कार्रवाई के बाद इन्हें बंद कर नए नामों से फिर से सट्टा शुरू किया गया।

रायपुर पुलिस के दबाव से बचने के लिए गिरोह ने अपनी गतिविधियां दूसरे राज्यों में शिफ्ट कर दीं और वहीं से पूरा नेटवर्क ऑपरेट करने लगा। चौंकाने वाली बात यह भी सामने आई है कि बाबू खेमानी के विदेश कनेक्शन भी हैं। वह 2011 में दुबई, 2023 में थाईलैंड और 2025 में तीन बार दुबई जा चुका है। पुलिस अब उसके अंतरराष्ट्रीय नेटवर्क और फंडिंग की भी जांच कर रही है।

इस पूरे मामले में आरोपियों के खिलाफ थाना गंज में छत्तीसगढ़ जुआ प्रतिषेध अधिनियम 2022 और भारतीय न्याय संहिता की धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया है। कमिश्नरेट सिस्टम लागू होने के बाद रायपुर पुलिस ने 2026 में ऑनलाइन सट्टा के खिलाफ जबरदस्त अभियान चलाया है। अब तक 11 मामलों में 64 आरोपियों को गिरफ्तार कर लगभग 3 करोड़ रुपये की संपत्ति जब्त की जा चुकी है।

यह कार्रवाई साफ संकेत है कि पुलिस अब डिजिटल प्लेटफॉर्म पर चल रहे अपराधों के खिलाफ पूरी तरह सख्त हो चुकी है। आने वाले दिनों में इस गिरोह से जुड़े और बड़े नामों का खुलासा हो सकता है, जिससे सट्टा माफियाओं में हड़कंप मचना तय है।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

You may have missed