रायपुर में अंतर्राज्यीय चैन स्नैचिंग गिरोह का भंडाफोड़, 7 महिलाएं सहित 8 आरोपी गिरफ्तार
छत्तीसगढ़ – राजधानी रायपुर में लगातार बढ़ रही सोने की चैन चोरी की घटनाओं पर पुलिस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए एक संगठित अंतर्राज्यीय गिरोह का पर्दाफाश किया है। डीसीपी (क्राइम एंड साइबर) के निर्देशन में एंटी क्राइम एवं साइबर यूनिट और थाना डी.डी. नगर पुलिस की संयुक्त टीम ने 7 महिला और 1 पुरुष सहित कुल 8 आरोपियों को गिरफ्तार किया है। यह गिरोह लग्जरी वाहन में देशभर में घूम-घूमकर भीड़भाड़ वाले स्थानों पर लोगों को निशाना बनाता था।
मामले की शुरुआत 8 अप्रैल 2026 को हुई, जब चंगोराभाठा बाजार में सब्जी खरीदने गई 66 वर्षीय महिला के गले से अज्ञात चोरों ने सोने की चैन पार कर दी। पीड़िता के बेटे की शिकायत पर थाना डी.डी. नगर में अपराध दर्ज किया गया। घटना को गंभीरता से लेते हुए पुलिस अधिकारियों ने तत्काल टीम गठित कर जांच शुरू की।

जांच के दौरान पुलिस ने घटनास्थल और आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों के फुटेज खंगाले। फुटेज में कुछ संदिग्ध महिलाएं पीड़िता के आसपास घूमती दिखाई दीं और उसी दौरान चैन चोरी की वारदात को अंजाम देते हुए नजर आईं। इसके आधार पर पुलिस ने संदिग्धों की पहचान कर उनका पीछा शुरू किया। तकनीकी विश्लेषण में यह भी सामने आया कि आरोपी एक चारपहिया वाहन का उपयोग कर रहे हैं।
लगातार निगरानी और मुखबिर की सूचना के आधार पर पुलिस को जानकारी मिली कि संदिग्ध वाहन भाठागांव बस स्टैंड के पास मौजूद है। इसके बाद टीम ने घेराबंदी कर वाहन को पकड़ा, जिसमें 7 महिलाएं और 1 पुरुष सवार थे। पूछताछ में सभी ने पहले पुलिस को गुमराह करने की कोशिश की, लेकिन सख्ती से पूछताछ करने पर उन्होंने चोरी की वारदातों को अंजाम देना स्वीकार कर लिया।
आरोपियों ने खुलासा किया कि वे रायपुर के सरस्वती नगर, खमतराई, कोतवाली, गोलबाजार और डी.डी. नगर क्षेत्र में घूम-घूमकर करीब एक दर्जन चैन स्नैचिंग की घटनाओं को अंजाम दे चुके हैं। साथ ही उन्होंने गुजरात, राजस्थान, महाराष्ट्र और छत्तीसगढ़ के विभिन्न शहरों में भी इसी तरह की वारदातें करना कबूल किया है।
पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से 10,500 रुपये नकद, एक सोने की चैन, एक कटर, चार मोबाइल फोन और एक इनोवा कार (क्रमांक MP/09/BP/1064) जब्त की है। जब्त किए गए सामान की कुल कीमत लगभग 11 लाख 30 हजार रुपये आंकी गई है। पुलिस के अनुसार, आरोपियों ने चोरी की गई चैनों को बेचकर ही उक्त लग्जरी वाहन खरीदा था।
पुलिस जांच में यह भी सामने आया है कि गिरोह के सभी सदस्य आपस में रिश्तेदार हैं और संगठित तरीके से वारदातों को अंजाम देते थे। गिरोह की अधिकांश महिला सदस्य भीड़भाड़ वाले बाजारों में आसानी से घुलमिल जाती थीं और मौके का फायदा उठाकर चैन पार कर देती थीं, जबकि अन्य सदस्य सुरक्षा और भागने की व्यवस्था संभालते थे।
फिलहाल पुलिस आरोपियों से विस्तृत पूछताछ कर रही है और अन्य राज्यों में दर्ज मामलों की जानकारी जुटाई जा रही है। साथ ही यह भी पता लगाया जा रहा है कि इस गिरोह से जुड़े अन्य सदस्य या नेटवर्क कहीं और सक्रिय तो नहीं हैं।
पुलिस ने आम नागरिकों से अपील की है कि बाजार या भीड़भाड़ वाले स्थानों पर सतर्क रहें, कीमती जेवरात पहनने में सावधानी बरतें और किसी भी संदिग्ध गतिविधि की सूचना तुरंत पुलिस को दें।

