ऑपरेशन “कालचक्र-0.2” : नॉर्थ जोन पुलिस का बड़ा प्रहार, वारंटियों और बदमाशों में मचा हड़कंप
छत्तीसगढ़ – रायपुर के नॉर्थ जोन में पुलिस ने अपराध और असामाजिक तत्वों के खिलाफ ऐसा शिकंजा कसा है कि फरार आरोपी, वारंटी और गुंडा बदमाशों में हड़कंप मच गया है। पुलिस उपायुक्त (नॉर्थ जोन) मयंक गुर्जर के नेतृत्व में चलाए जा रहे विशेष अभियान “ऑपरेशन कालचक्र-0.2” के तहत एक साथ कई थाना क्षेत्रों में सघन और सुनियोजित कार्रवाई की गई। इस अभियान का मकसद साफ है—अपराध पर निर्णायक प्रहार और कानून व्यवस्था को हर हाल में मजबूत बनाए रखना।
इस बड़े ऑपरेशन में गुढ़ियारी, पंडरी, खमतराई, उरला और खम्हारडीह थाना क्षेत्रों को टारगेट करते हुए पुलिस ने वारंट तामिली से लेकर फरार आरोपियों की गिरफ्तारी तक हर स्तर पर आक्रामक कार्रवाई की। आंकड़े खुद इस बात की गवाही दे रहे हैं कि पुलिस इस बार सिर्फ औपचारिकता नहीं निभा रही, बल्कि जमीनी स्तर पर सख्ती दिखा रही है।
अभियान के तहत कुल 196 वारंट तामील किए गए, जिनमें 45 स्थायी वारंट, 59 गिरफ्तारी वारंट और 92 जमानती वारंट शामिल हैं। इतने बड़े पैमाने पर वारंट की तामिली यह दर्शाती है कि लंबे समय से कानून से बचते फिर रहे आरोपियों के खिलाफ अब कोई ढील नहीं दी जा रही। इसके साथ ही विभिन्न मामलों में फरार चल रहे 5 आरोपियों को गिरफ्तार कर सीधे न्यायालय में पेश किया गया, जिससे साफ संकेत गया है कि अब फरारी ज्यादा दिन नहीं चलने वाली।
सिर्फ गिरफ्तारी ही नहीं, बल्कि लंबित मामलों को भी तेजी से निपटाने की दिशा में पुलिस ने 18 प्रकरणों में चालान पेश करने की कार्रवाई की। वहीं आर्म्स एक्ट के तहत 3 और आबकारी एक्ट के तहत 1 मामला दर्ज कर यह भी स्पष्ट कर दिया गया कि अवैध हथियार और शराब के कारोबार पर भी सख्त नजर रखी जा रही है।
कॉम्बिंग गश्त के दौरान पुलिस को बड़ी सफलता तब मिली जब चेकिंग के दौरान कॉपर वायर के साथ 3 आरोपियों को रंगे हाथों पकड़ा गया। इनके खिलाफ चोरी का मामला दर्ज कर लिया गया है। यह कार्रवाई न सिर्फ चोरी की घटनाओं पर लगाम लगाएगी, बल्कि कबाड़ और अवैध धातु कारोबार पर भी सीधा असर डालेगी।
थाना स्तर पर देखें तो गुढ़ियारी पुलिस ने 38 वारंट तामील कर बड़ी कार्रवाई को अंजाम दिया, वहीं 3 फरार आरोपियों की तलाश अब भी जारी है। यहां 5 आरोपियों को चालान पेश करने के लिए गिरफ्तार किया गया और संदिग्धों को थाने लाकर पूछताछ भी की गई। पंडरी थाना ने 11 वारंट तामील करते हुए 4 आरोपियों को न्यायालय में पेश किया और गुंडा तत्वों की सघन जांच की।
खम्हारडीह थाना ने भी कड़ा रुख अपनाते हुए 16 स्थायी और गिरफ्तारी वारंट तथा 20 जमानती वारंट तामील किए। इसके साथ ही 24 गुंडा बदमाशों की चेकिंग कर 21 लोगों के खिलाफ प्रतिबंधात्मक कार्रवाई की गई, जो यह दिखाता है कि पुलिस संभावित अपराधियों को पहले ही नियंत्रण में लेना चाहती है।
उरला थाना क्षेत्र में 49 वारंट तामील कर 2 फरार आरोपियों को गिरफ्तार किया गया। सबसे चौंकाने वाली कार्रवाई तब सामने आई जब उरला-बेंदरी रोड पर एक कार की तलाशी में 60-70 किलो कॉपर कॉइल बरामद हुई। इस मामले में 3 आरोपियों को गिरफ्तार कर उनके खिलाफ अपराध दर्ज किया गया। साथ ही एक अन्य आरोपी को अवैध चाकू के साथ पकड़कर आर्म्स एक्ट के तहत कार्रवाई की गई।

खमतराई थाना ने इस पूरे अभियान में सबसे ज्यादा 62 वारंट तामील कर रिकॉर्ड स्तर की कार्रवाई की। यहां 11 आरोपियों को गिरफ्तार किया गया, 9 को चालान पेश करने के लिए पकड़ा गया और आर्म्स व आबकारी एक्ट के तहत भी प्रकरण दर्ज किए गए। इसके अलावा गुंडा बदमाशों के खिलाफ सघन चेकिंग कर 4 लोगों पर प्रतिबंधात्मक कार्रवाई की गई।
पूरे ऑपरेशन के दौरान पुलिस ने साफ कर दिया है कि अब अपराधियों के लिए कोई “सेफ जोन” नहीं बचा है। निगरानी बदमाशों, संदिग्धों और असामाजिक तत्वों पर लगातार नजर रखी जा रही है और जरूरत पड़ने पर तुरंत कार्रवाई की जा रही है।
“ऑपरेशन कालचक्र-0.2” ने यह साबित कर दिया है कि अगर पुलिस ठान ले तो अपराध पर कड़ा प्रहार संभव है। यह अभियान सिर्फ एक कार्रवाई नहीं, बल्कि अपराधियों के लिए खुली चेतावनी है—या तो कानून का पालन करो, या फिर कार्रवाई के लिए तैयार रहो।

